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RBI MPC Live: रिजर्व बैंक ने ब्‍याज दरों में की बढ़ोतरी, रेपो रेट 50bps बढ़कर 4.90%, FY23 में GDP ग्रोथ 7.2% रहने का अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी आज अपना निर्णय देगी.

RBI MPC Live: रिजर्व बैंक ने ब्‍याज दरों में की बढ़ोतरी, रेपो रेट 50bps बढ़कर 4.90%, FY23 में GDP ग्रोथ 7.2% रहने का अनुमान
आने वाले दिनों में बैंक से होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन लेना महंगा हो सकता है. (reuters)

RBI Interest Rates Hike: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज 10 फरवरी 2022 को अपनी नई क्रेडिट पॉलिसी का ऐलान किया है. सेंट्रल बैंक ने रेपो रेट में 50 बेसिस प्वॉइंट का इजाफा कर दिया है. अब रेपो रेट बढ़कर 4.90 फीसदी हो गया है. रेपो रेट में पिछले महीने यानी मई में 40 बेसिस प्वॉइंट का इजाफा किया गया था, जिसके बाद यह 4.40 फीसदी हो गया था. यानी मई से अबतक 2 बार में रेपो रेट में 0.90 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांता दास ने मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी के डिसिजन की जानकारी दी.

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FY23 के लिए रियल GDP ग्रोथ 7.2 फीसदी पर रहने का अनुमान बरकरार है. जबकि आरबीआई गवर्नर का कहना है कि महंगाई का जोखिम अब भी कायम है. FY23 में रिटेल इनफ्लेशन 7.5 फीसदी रह सकता है. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कमिटी ने महंगाई को कंट्रोल करने के लिए दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है. रिजर्व बैंक ने स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट्स को भी 50 बेसिस प्वॉइंट बढ़ाने का फैसला किया है. स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी रेट अब बढ़कर 4.65 फीसदी हो गया है. जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट (MSFR) 5.15 फीसदी हो गया है.

Live Updates

RBI MPC Live: रिजर्व बैंक मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू का हर अपडेट

12:51 (IST) 8 Jun 2022
बैंकिंग सेक्टर में मजबूती

Tradingo के फाउंडर पार्थ न्याती का कहना है कि RBI द्वारा रेट हाइक सरप्राइज करने वाला निर्णय नहीं है. यह डर था कि रेपो रेट 75 बेसिस प्वॉइंट बढ़ सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है. CRR में बदलाव नहीं हुआ है. रेट हाइक के बाद बैंकिंग सेक्टर में मजबूती दिखी है. ओवरआल पॉलिसी बाजार के लिए पॉजिटिव है. अब बाजार की नजर US CPI डाटा और अगले हफ्ते FOMC मीटिंग पर रहेगा.

12:51 (IST) 8 Jun 2022
रेट हाइक बाजार के लिए पॉजिटिव!

Geojit Financial Services के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि RBI का वित्त वर्ष 2023 में GDP ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी और महंगाई 6.7 फीसदी रहने का अनुमान है. ऐसे में यह रियलिस्टिक मॉनेटरी पॉलिसी है. हायर इनफ्लेशन प्रोजेक्शन से साफ है कि सेंट्रल बैंक इसके गंभीरता को पहचान कर चल रहा है. महंगाई को सटेबल करने के लिए रेपो रेट में 50 अंकों का इजाफा हुआ है. वहीं गवर्नर का यह संकेत कि अर्थव्यवस्था लचीला बनी हुई है और रिकवरी में मोमेंटम बना हुआ है, बाजार के लिए पॉजिटिव है. वहीं CRR में बढ़ोतरी नहीं हुई है. रेट हाइक के बाद बॉन्ड यील्ड में तेजी के साथ ही बॉन्ड मार्केट में पॉजिटिव रिएक्शन देखने को मिला.

12:50 (IST) 8 Jun 2022
ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का अनुमान

Kotak Mahindra Bank के चीफ इकोनॉमिस्ट उपासना भारद्वाज का कहना है कि महंगाई के रिस्क को कम करने के लिए रिजर्व बैंक ने दरों में इजाफा किया है. 3QFY23 तक महंगाई 6 फीसदी के पार बने रहने का अनुमान है, जिसके चलते आरबीआई ने यह कदम उठाया है. महंगाई को कंट्रोल करने के लिए सेंट्रल बैंक वित्त वर्ष 2023 में दरों में 60-85bps का और इजाफा कर सकता है.

11:18 (IST) 8 Jun 2022
FY23 में रिटेल इनफ्लेशन 7.5% संभव

आरबीआई गवर्नर का कहना है कि महंगाई का जोखिम अब भी कायम है. FY23 में रिटेल इनफ्लेशन 7.5 फीसदी रह सकता है. FY23 के Q2 में महंगाई दर 7.4 फीसदी, Q3 में 6.2 फीसदी और Q4 में 5.8 फीसदी संभव है. उन्होंने बताया कि मॉनसून के सामान्य रहने पर महंगाई का यह अनुमान लगाया गया है.

11:17 (IST) 8 Jun 2022
FY23 में GDP ग्रोथ 7.2% रहने का अनुमान

FY23 के लिए रियल GDP ग्रोथ 7.2 फीसदी पर रहने का अनुमान बरकरार है. FY23 के Q1 में GDP ग्रोथ 16.2 फीसदी, Q2 में 6.2 फीसदी, Q3 में 4.1 फीसदी और Q4 में GDP ग्रोथ 4 फीसदी संभव है. जबकि FY23 में महंगाई दर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान है.

10:18 (IST) 8 Jun 2022
महंगाई से अर्थव्यवस्था पर असर

शक्तिकांता दास ने कहा कि महंगाईई टॉलरेंस लेवल से बहुत ज्यादा बढ़ गई है. उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में रिकवरी की प्रक्रिया भी इसके चलते प्रभावित हो रही है. लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है. हमने असाधारण अकोमोडेशन को धीरे-धीरे वापस लेना शुरू कर दिया है. देश की अर्थव्यवस्था पर जियो पॉलिटिकल टेंशन के प्रभाव को कम करने के लिए आरबीआई एक्टिव और निर्णायक बना रहेगा.

09:45 (IST) 8 Jun 2022
40-50bps की बढ़ोतरी संभव

Kotak Mahindra AMC की CIO (डेट) & प्रोडक्ट हेड, लक्ष्मी अय्यर का कहना है कि ऑफ-साइकिल रेट हाइक ने RBI द्वारा दरों में बढ़ोतरी के निर्णय के फ्रंट लोडिंग की उम्मीदों को हवा दी है. वहीं महंगाई में फिलहाल गिरावट आने के अभी संकेत नहीं दिख रहे हैं. यूएस में भी रेट हाइक की उम्मीद है. ऐसे में जून पॉलिसी में रेट हाइक हो सकता है. उनका कहना है कि सेंट्रल बैंक इस समीक्षा बैठक के बाद ब्याज दर में 40-50bps की बढ़ोतरी कर सकता है. हालांकि रेट हाइक पर एग्रेसिव पॉलिसी को बॉन्ड मार्केट पहले से डिस्काउंट कर चुका है.

09:44 (IST) 8 Jun 2022
FY23 तक रेपो रेट बढ़कर 6 फीसदी!

ब्रोकरेज हाउस एमके ग्लोबल का मानना है कि जून समीक्षा बैठक के बाद सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में 40-50bps की बढ़ोतरी कर सकता है. वहीं CRR में भी 25bps की बढ़ोतरी संभव है. ब्रोकरेज का कहना है कि FY23 तक रेपो रेट बढ़कर 6 फीसदी हो सकता है. यानी रेपो रेट में FY23 तक 100-125bps और CRR में 50bps की बढ़ोतरी होने की संभावना दिख रही है.

09:44 (IST) 8 Jun 2022
इनफ्लेशन पीक पर

Kotak Mahindra Life Insurance Company के EVP & Debt Investments चर्चिल भट्ट का कहना है कि इनफ्लेशन अपने पीक पर है और अभी यह पीक खत्म होता भी नहीं दिख रहा. अगर सेंट्रल बैंक महंगाई कंट्रोल करने में विफल रहता है तो अर्थव्यवस्था के अस्थिर होने की आशंका है. इसलिए, महंगाई को कंट्रोल करने के लिए सेंट्रल बैंक नीतिगत दरों में 25-40bps की बढ़ोतरी कर सकता है.

09:43 (IST) 8 Jun 2022
पिछले महीने बढ़े थे रेट

इसके पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 4 मई को ब्याज दरों में 0.40 फीसदी की बढ़ोतरी की थी. जिसके बाद रेपो रेट बढ़कर 4.40 फीसदी हो गया. मई 2020 के बाद पॉलिसी रेपो रेट में यह पहली बढ़ोतरी थी. उसी समय गवर्नर शक्तिकांत दास ने आगामी समीक्षा में दरों में बढ़ोतरी जारी रखने के संकेत दिए थे. पिछले महीने ऑफ-साइकिल मौद्रिक नीति समीक्षा में, केंद्रीय बैंक ने सीआरआर को भी 50 बेसिस प्वॉइंट बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया था. सीआरआर में 50 बेसिस प्वॉइंट की बढ़ोतरी के साथ, आरबीआई ने सिस्टम से 87,000 करोड़ रुपए की लिक्विडिटी कम की थी.

09:43 (IST) 8 Jun 2022
महंगाई पीक पर

बता दें कि रिटेल इनफ्लेशन अप्रैल में लगातार 7वें महीने बढ़कर 8 साल के हाई 7.79 फीसदी पर पहुंच गई है. इसकी मुख्य वजह यूक्रेन-रूस युद्ध के चलते फ्यूल सहित कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी है. होलसेल इनफ्लेशन 13 महीने से डबल डिजिट में बनी हुई है और अप्रैल में यह 15.08 फीसदी के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई.

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