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Indian Railways: रेलवे 2030 तक बन जाएगा ‘ग्रीन’, बिजली बचाने के लिए अनोखी पहल

भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने साल 2030 तक खुद को ग्रीन रेलवे में पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म करने का लक्ष्य रखा है.

Published: July 13, 2020 4:53 PM
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भारतीय रेलवे ने साल 2030 तक खुद को ग्रीन रेलवे में पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म करने का लक्ष्य रखा है. इसके अलावा रेल मंत्रालय ने ग्लोबल वार्मिंग को कम करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कई बड़ी पहल की है. इस क्रम में रेलवे विद्युतीकरण, लोकोमोटिव और ट्रेनों की एनर्जी एफिसिएंसी में सुधार, ट्रेन के डिब्बों में बॉयो टॉयलेट की फिटिंग, स्टेशनों के लिए ग्रीन सर्टिफिकेशन और ऊर्जा के रीन्यूबल सोर्स पर स्विच करना है, जिससे जीरो कार्बन एमिशन कास लक्ष्य पूरा किया जा सकता है. वहीं रेलने ने बिजली बचाने के लिए भी अनूठी पहल की है.

खुद से बंद हो जाएंगी स्टेशन की लाइट्स

भारतीय रेलवे ने बिजली बचाने के लिए भी अनूठी पहल शुरू की है. ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आने पर 100 फीसदी लाइट्स जलेंगी और जाने पर 50 फीसदी लाइट्स खुद से बंद हो जाएंगी. पश्चिम रेलवे के जबलपुर, भोपाल और नरसिंहपुर स्टेशन पर यह व्यवस्था शुरू की गई है. इससे ऊर्जा की खपत कम होगी और बचत ज्यादा होगी. रेलवे मंत्रालय ने ट्वीट कर यह जानकारी दी.

सोलर एनर्जी को बढ़ावा

भारतीय रेलवे ने सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल की है. भारतीय रेलवे रूफटॉप सोलर पैनल (डेवलपर मॉडल) के जरिए 500 मेगा वाट (MW) ऊर्जा की क्षमता का दोहन करने के लिए काम कर रहा है. अब तक 900 स्टेशनों सहित कई इमारतों की छत पर 100 मेगा वाट (MW) के सोलर प्लांट लगाए गए हैं. 400 मेगावाट की कंबाइंड कैपेसिटी वाले सोलर प्लांट के अलग अलग स्टेज में हैं. टेंडर्स पहले से ही 245 मेगावाट के लिए प्रदान किए जाते हैं और इन संयंत्रों को पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर 2022 है.

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन

रेलवे ने 40,000 से अधिक रूट किमी (आरकेएम) का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है. जिसमें 2014-20 के दौरान 18,605 किलोमीटर का विद्युतीकरण कार्य किया गया है. भारतीय रेलवे ने साल 2020-21 के लिए 7,000 आरकेएम के विद्युतीकरण का लक्ष्य तय किया है. बीजी नेटवर्क पर सभी मार्गों को दिसंबर 2023 तक विद्युतीकृत करने की योजना बनाई गई है. रेलवे अंतिम मील कनेक्टिविटी के विद्युतीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए, कोरोना वायरस की अवधि के दौरान 365 किमी के प्रमुख कनेक्टिविटी कार्य को चालू किया गया है.

पवन ऊर्जा

पवन ऊर्जा क्षेत्र में 103 मेगावाट पवन आधारित पावर प्लांट को शुरू कर दिया गया है. इनमें 26 मेगावाट राजस्थान (जैसलमेर) में, 21 मेगावाट तमिलनाडु में और 56.4 मेगावाट महाराष्ट्र (सांगली) में है. भारतीय रेलवे ने तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक में अगले दो साल में 200 मेगावाट पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना बनाई है.

100 फीसदी एलईडी

जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखकर भारतीय रेलवे ने इमारतों और स्टेशनों की 100 फीसदी एलईडी रोशनी जैसी अन्य हरित पहल शुरू की है. ग्रीन इनिशिएटिव्स के क्षेत्र में भारतीय रेलवे में 2,44,000 से अधिक बॉयो टॉयलेट्स के साथ कुल 69,000 कोच लगाए गए हैं.

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