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PMSYM: मजदूरों-रिक्शावालों का केंद्र की पेंशन योजना से मोहभंग! FY2021 में श्रमयोगी मानधन स्कीम में नए एनरोलमेंट में आई बड़ी गिरावट

कोरोना के चलते लोगों की कम आय वर्ग के लोगों पर कितना असर पड़ा है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि कम आय वर्ग की पेंशन योजना PMSYM के तहत वित्त वर्ष 2021 में नया एनरोलमेंट वित्त वर्ष 2020 की तुलना में कम हुआ है.

Updated: Apr 03, 2021 1:15 PM
Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan PMSYM pension scheme for low-wage earners loses steamप्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन कम वेतन वाले कामगारों के लिए पेंशन योजना है.

Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan: कोरोना के चलते लोगों की कम आय वर्ग के लोगों पर कितना असर पड़ा है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार की वालंटरी योजना प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PMSYM) के तहत पिछले वित्त वर्ष 2020-21 में सिर्फ 1,30,120 बढ़े जबकि उसके पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में 15,91,964 नए एनरोलमेंट हुए थे. इस योजना के तहत घरेलू कामगारों, रिक्शा खींचने वालों और अन्य कम कमाने वाले लोगों के लिए 60 वर्ष की उम्र के बाद हर महीने 3 हजार रुपये प्रति माह पेंशन उपलब्ध कराया जाता है. एक तरह से यह कम वेतन वाले कामगारों के लिए पेंशन योजना है.
श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस योजना के तहत 31 मार्च 2021 तक 44,94,864 लोग इस योजना के हिस्सा थे और एक वित्त वर्ष पहले 2019-20 में इस योजना के तहत 43,64,744 पंजीकृत थे जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में 27,72,780 कामगारों ने पंजीयन कराया. इस प्रकार वित्त वर्ष 2019 से वित्त वर्ष 2020 में पंजीयन में 15,91,964 की बढ़ोतरी हुई जबकि वित्त वर्ष 2021 में महज 1,30,120 पंजीकृत बढ़े.

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Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan की खास बातें

  • PMSYM योजना 15 फरवरी 2019 को शुरू किया गया था.
  • 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश करते समय कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि इस योजना से अगले पांच साल में असंगठित क्षेत्र के कम से कम 10 करोड़ कामगार इस योजना का हिस्सा बनेंगे.
  • 18-40 वर्ष की उम्र के वे वर्कर इस योजना के हिस्सा बन सकते हैं जो हर महीने 15 हजार रुपये से कम कमाते हैं.
  • 18 साल की उम्र में इस योजना का हिस्सा बनने पर वर्कर्स को 3 हजार रुपये की मासिक पेंशन सुनिश्चित करने के लिए 55 रुपये का अंशदान करना होगा.
  • योजना के तहत वर्कर्स के योगदान के बराबर केंद्र सरकार भी योगदान करती है.

बढ़ती बेरोजगारी और कम आय के चलते कम एनरोलमेंट

XLRI के प्रोफेसर केआर श्याम सुंदर का मानना है कि लोग इस योजना के तहत एनरोलमेंट और योजना के तहत नियमित तौर पर भुगतान को फायदेमंद नहीं मान रहे हैं, जिसकी वजह से एनरोलमेंट कम हुआ है. योजना के तहत कम फायदा और भविष्य की अनिश्चितता के अलावा इस योजना में निवेश के लिए कामगारों के पास कम आय के चलते एनरोलमेंट कम हुआ है. इसके अलावा बढ़ती बेरोजगारी के कारण भी इस योजना में इनरोलनमेंट कम हुआ है.
इसी प्रकार की एक और योजना है, प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना. यह योजना 22 जुलाई 2019 को शुरू की गई थी और इसमें सिर्फ 43751 एनरोलमेंट्स हुए हैं. इस वालंटरी व कांट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम के तहत छोटे कारोबारी, खुदरा कारोबारी, दुकानदार व स्वरोजगार कर रहे कामगार हिस्सा बन सकते हैं जिनकी उम्र 18-40 वर्ष की है और सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से कम है.

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