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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी लगा कोरोना वायरस का डंक, मार्च में PMI गिरकर 51.8 पर

कोरोना वायरस के चलते देश की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी तगड़ा झटका लगा है.

April 2, 2020 4:38 PM
PMI data, IHS Markit, india manufacturing activity, manufacturing activity slow in march, slow demand due to coronavirus concernकोरोना वायरस के चलते देश की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी तगड़ा झटका लगा है.

कोरोना वायरस के चलते देश की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी तगड़ा झटका लगा है. कोरोना के चलते देश में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां मार्च 2020 में कमजोर पड़ गई हैं. इसकी रफ्तार पिछले 4 महीनों में सबसे धीमी रही है. गुरूवार को आईएचएस मार्किट सर्वे जारी हुआ, जिसमें ये बातें कही गई हैं. रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस के चलते जहां मैन्युफैक्चरिंग एक्टिवविटी सुस्त हुई है, वहीं ग्लोबल डिमांड में भी भारी गिरावट देखी जा रही है. इसके चलते भारत में भी सेक्टर पर असर पड़ा है.

PMI मार्च में गिरकर 51.8

आईएचएस मार्किट भारत मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई मार्च में गिरकर 51.8 हो गया, जो फरवरी में 54.5 था. इस तरह यह नवंबर 2019 के बाद से सबसे कम इंप्रूवमेंट को दिखा रहा है. हालांकि, यह लगातार 32वां महीना है, जब मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) पीएमआई 50 ​​अंकों के निशान से ऊपर बना हुआ है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सूचकांक में 50 से अधिक अंक विनिर्माण गतिविधियों में बढ़ोतरी को दर्शाता है, जबकि इससे कम संकुचन यानी गिरावट को दर्शाता है.

क्या है रिपोर्ट में

आईएचएस मार्किट की इकोनॉमिस्ट एलियट केर के अनुसार मार्च में दुनियाभर में कोरोना वायरस का असर देखते को मिला है. दुनियाभर में मंदी के संकेत हैं, हालांकि भारत में मंदी का असर दुनिया के दूसरे देशों से कम है. कंपनियों को नए आर्डर नहीं मिल रहे हैं, जिससे उत्पादन में भी भारी कमी आई है. इसका एक्सपोर्ट आर्डर पर ज्यादा असर हुआ है. सप्लाई चेन बाधित होने से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेकटर पर असर हुआ. रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों ने मार्च में नए रोजगार दिए हैं, लेकिन इसकी दर बहुत कम है.

सर्वे के अनुसार 12 महीने के कारोबारी दृष्टिकोण के लिहाज से मार्च में धारणा कमजोर हुई. कुछ लोगों ने कहा कि कोरोना वायरस और इसके चलते मांग पर नकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है.

फरवरी में भी आई थी सुस्ती

कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने के कारण फरवरी में भी भारत की औद्योगिक गतिविधियों की ग्रोथ रेट कम थी. आईएचएस मार्किट इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) फरवरी 2020 में 54.5 पर रहा.

जनवरी में हुई थी अच्छी बढ़त

यह आंकड़ा जनवरी के 55.3 अंक के मुकाबले नीचे है. जनवरी में यह पिछले 8 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था. जनवरी में कहा गया था कि मांग में सुधार का असर दिख रहा है. आर्थिक विकास दर में सुस्ती, निवेश और मांग के मोर्चे पर मौजूदा चुनौतियों के बीच मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी में सकारात्मक संकेत देखने को मिले थे.

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