मुख्य समाचार:
  1. वाराणसी से सपा उम्मीदवार तेज बहादुर यादव का नामांकन खारिज, बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

वाराणसी से सपा उम्मीदवार तेज बहादुर यादव का नामांकन खारिज, बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

Tej Bahadur : शालिनी की जगह बीएसएफ के जवान रहे तेज बहादुर यादव को मोदी के खिलाफ अपना उम्मीदवार बनाया था.

May 1, 2019 5:34 PM
pm vodi competitor from varanasi tejbahadur nomination cancelled was given ticket by sp in lok sabha electionsतेज बहादुर यादव का नॉमिनेशन कैंसिल

Tej Bahadur Yadav: पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ रहे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द हो गया है. तेज बहादुर BSF के जवान थे, लेकिन उन्हें सेना से बर्खास्त कर दिया गया. चुनाव आयोग ने बर्खास्तगी का प्रमाण-पत्र नहीं देने पर तेज बहादुर का नामांकन खारिज कर दिया है. जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने मंगलवार को तेजबहादुर यादव द्वारा पेश नामांकन पत्र के दो सेटों में “कमियां” पाते हुए उनसे बुधवार सुबह 11 बजे अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा था. यादव से कहा गया था कि वह बीएसएफ से इस बात का अनापत्ति प्रमाणपत्र पेश करें जिसमें उनकी बर्खास्तगी के कारण दिये हों.

नामांकन खारिज होने पर तेज बहादुर ने कहा है कि वो चुनाव आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे.

तेज बहादुर पर नामांकन के दौरान हलफनामे में नौकरी से बर्खास्तगी को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप था. इस पर चुनाव आयोग ने तेज बहादुर से जवाब मांगा था, जिसे समय पर न दे पाने के कारण आयोग ने उनका नामांकन रद्द कर दिया है.

यह भी पढ़ें..वाराणसी: मोदी को घेरने की कोशिश, SP ने अब BSF जवान रहे तेज बहादुर यादव को दिया टिकट

यादव ने कहा आयोग को दे चुके NOC

इस बारे में यादव का कहना है कि उनका नामांकन “प्रधानमंत्री (नरेन्द्र)मोदी के दबाव के चलते तानाशाह तरीके से रद्द कर दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह नहीं चाहते कि मैं यहाँ से उन के खिलाफ चुनाव लड़ूं.” उन्होंने कहा, “मेरा आज नामांकन रद्द कर दिया गया जबकि मैंने बीएसएफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र पेश कर दिया जिसे निर्वाचन अधिकारी ने मांगा था.”
यादव ने संवाददाताओं से कहा, “मैं किसान पुत्र हूं और यहां किसानों एवं जवानों की आवाज उठाने आया हूं.”

उनके वकील राजेश गुप्ता ने कहा, “हम उच्चतम न्यायालय से सम्पर्क करेंगे.”

गौरतलब है कि यादव ने 24 अप्रैल को पहले निर्दलीय और 29 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर नामांकन किया था. उन्होंने बीएसएफ से बर्खास्तगी को लेकर दोनों नामांकनों में अलग अलग दावे किए थे. इस पर जिला निर्वाचन कार्यालय ने यादव को नोटिस जारी करते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा करने का निर्देश दिया था.

BSF से बर्खास्त हैं तेज बहादुर

सपा-बसपा गठबंधन के नए उम्मीदवार तेज बहादुर यादव बीएसएफ से बर्खास्त किए जा चुके हैं. बीएसएफ में सर्विस के दौरान पिछले साल तेज बहादुर ने एक वीडियो जारी था, जिसमें सैनिकों को खराब खाना दिए जाने की शिकायत की गई थी. बाद में इस मामले की जांच हुई थी. वाराणसी से मोदी को कड़ी टक्कर देने की सपा-बसपा ने यह दांव चला है. तेज बहादुर यादव के गठबंधन से लड़ने से काशी का रण रोमांचक तो जरूर हो जाएगा.

Tej Bahadur  ने खाने की गुणवत्ता पर उठाए थे सवाल

बता दें, तेज बहादुर वही BSF जवान हैं, जिन्होंने खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वीडियो जारी किया था. लोकसभा चुनाव लड़ने के एलान के बाद तेज बहादुर यादव ने कहा था, ”भ्रष्टाचार की आवाज उठाने की सजा मुझे सेना से बर्खास्त करके दी गई. पीएम मोदी भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात करते थे, उन्ही को देखते हुए मैंने सेना में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर आवाज उठाई थी, लेकिन मुझे बर्खास्त करके सजा दी गई. अब मैं वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़कर फिर से देश को भ्र्ष्टाचार मुक्त करने की आवाज उठाऊंगा.”

Go to Top