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SAARC सदस्य राष्ट्रों को PM मोदी का प्रस्ताव: कोविड-19 के लिए बनाया जाए इमर्जेन्सी फंड, भारत देगा 1 करोड़ डॉलर

कोरोना वायरस (Corona Virus) कोविड-19 (COVID-19) के भारत समेत पूरी दुनिया में बढ़ते असर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को सार्क सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की.

March 15, 2020 7:35 PM
PM Narendra Modi proposed to create COVID19 emergency fund in video conference of all SAARC member countries over corona virusImage: ANI

कोरोना वायरस (Corona Virus) कोविड-19 (COVID-19) के भारत समेत पूरी दुनिया में बढ़ते असर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को सार्क (SAARC) सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की. सार्क यानी साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कॉरपोरेशन. सार्क देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं. इन सभी देशों के प्रतिनिधियों ने इस वीडियो कांफ्रेंस में हिस्सा लिया. इस कॉन्फ्रेंस में सभी सदस्य राष्ट्रों ने कोरोना वायरस की रोकथाम और इससे निपटने के लिए किए जा रहे उपायों का ब्यौरा दिया और मिल जुलकर इससे पार पाने की प्रतिबद्धता जताई.

इस दौरान पीएम मोदी ने कोविड -19 के लिए एक इमर्जेंसी फंड बनाए जाने का प्रस्ताव रखा. इस फंड के लिए सभी सार्क सदस्य राष्ट्र योगदान देंगे. भारत की ओर से पीएम मोदी ने शुरुआती तौर पर 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर का योगदान दिए जाने का प्रस्ताव रखा है. इस फंड का इस्तेमाल कोई भी सदस्य राष्ट्र कर सकेगा. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे आपसी संबंध काफी पुराने हैं और हमारे समाज काफी गहराई से जुड़े हुए हैं. इसलिए हम सभी को साथ मिलकर तैयार रहना होगा, साथ मिलकर काम करना होगा और साथ में सफलता हासिल करनी होगी.

‘तैयार रहें, लेकिन घबराएं नहीं’

पीएम ने कांफ्रेंस की शुरुआत सार्क सदस्य देशों को इस स्पेशल सेशन में शामिल होने के लिए धन्यवाद देते हुए की. पीएम ने कहा कि जैसा कि हम जानते हैं कोविड-19 को हाल ही में डब्ल्यूएचओ ने महामारी घोषित किया है. हमारे क्षेत्र में अब तक लगभग 150 केस सामने आए हैं, हमें सतर्क रहने की जरूरत है. जब हम चुनौती का सामना कर रहे हैं, मैं आपको इस वायरस के फैलने को लेकर भारत के अनुभव के बारे में बताना चाहता हूं. ‘तैयार रहें, लेकिन घबराएं नहीं’ यही हमारे मार्गदर्शन का मंत्र है.

विदेश से 1400 भारतीयों को निकाला

हमने विदेश से 1400 भारतीयों को बाहर निकाला है. इसके साथ ही पड़ोसी देशों के कुछ नागरिकों की भी हमने मदद की है. हमने भारत में जनवरी मध्य से स्क्रीनिंग एंट्री शुरू की. यात्राओं पर धीरे-धीरे प्रतिबंध बढ़ाया. इस तरह स्टेप बाई स्टेप अप्रोच ने पैनिक क्रिएट न होने देने में मदद की. हमने इस वायरस से निपटने की क्षमता को तुरंत बढ़ाने के लिए काम किया. इसमें पूरे देश में मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाना भी शामिल है.

इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस पोर्टल किया है तैयार

पीएम मोदी ने प्रस्ताव रखा कि कोविड-19 के लिए एक इमर्जेंसी फंड बनाया जाए. भारत इसके लिए 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद का प्रस्ताव देता है. इसका इस्तेमाल कोई भी कर सकता है. उन्होंने कहा कि हमने एक इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस पोर्टल बनाया है, जो संभावित वायरस कैरियर्स और उसके संपर्क में आने वाले लोगों को बेहतर तरीके से ट्रेस कर सकता है. हम इस डिसीज सर्विलांस सॉफ्टवेयर को सार्क देशों के साथ साझा कर सकते हैं और इसके इस्तेमाल की ट्रेनिंग दे सकते हैं.

रैपिड रिस्पॉन्स टीम भी हो रही तैयार

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि हम भारत में डॉक्टरों और स्पेशलिस्ट की एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम भी बना रहे हैं. साथ में टेस्टिंग किट्स और अन्य इक्विपमेंट भी रहेंगे. यह टीम स्टैंड बाई पर रहेगी और जहां जरूरत होगी, वहां भेजी जाएगी. इसके ​अलावा हम एक कॉमन रिसर्च प्लेटफॉर्म भी बना सकते हैं ताकि महामारी वाली बीमारियों को साउथ एशियन रीजन में नियंत्रित करने के लिए रिसर्च में अपासी सहयोग किया जा सके. इस तरह की एक्सरसाइज में सहयोग के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च मदद कर सकती है.

क्या कहा अन्य सदस्य राष्ट्रों ने

कांफ्रेंस में मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने कहा कि संकट के समय में हम साथ आते हैं. 2003 में सार्स के खतरे के वक्त मालदीव ने सार्क के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक आयोजित की थी. कोई देश अकेले कोरोना वायरस से नहीं निपट सकता है, इसमें सबकी मदद चाहिए. मालदीव में इस वायरस का पहले केस सामने आने के बाद पर्यटन में काफी गिरावट दर्ज की गई है. अगर पर्यटकों की कमी जारी रही तो मालदीव के अर्थव्यवस्था पर काफी असर होगा. मालदीव भाग्यशाली है कि उसे भारत की सहायता मिली है, हमारे लिए दवाएं और मेडिकल टीम भेजी गईं. इसके लिए मैं पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं.

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा कि भारत सार्क का एक महत्वपू्र्ण सदस्य है. भारत शंघाई को-ऑपरेशन का भी सदस्य है. इसलिए भारत सार्क और शंघाई को-ऑपरेशन के बीच को-ऑर्डिनेट कर सकता है और चीन का अनुभव व उपाय हमारे लिए कितने कारगर हैं यह बता सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि हमें कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए टेलि मेडिसिन के लिए एक कॉमन फ्रेमवर्क बनाना चाहिए. बॉर्डर बंद करने से खाद्य पदार्थों, दवाओं और बेसिक गुड्स की उपलब्धता प्रभावि​त होगी.

बुरी से बुरी स्थिति के लिए भी रहना होगा तैयार

पाकिस्तान सरकार में स्वास्थ्य राज्य मंत्री जफर मिर्जा ने कहा कि जिस तरह कोरोना से 138 देशों में 1.55 लाख लोग प्रभावित हैं, 5833 मौत हो चुकी हैं, कोई भी देश इसके लिए कदम उठाए बिना नहीं रह सकता है. अच्छे की उम्मीद करते हुए हमें सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहना होगा.

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने सार्क नेताओं से अपील की कि इस मुश्किल वक्त में अर्थव्यस्थाओं को सहारा देने के लिए एक मैकेनिज्म तैयार किया जाए. बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने वुहान से भारतीय छात्रों समेत 23 बांग्लादेशी छात्रों को निकालने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया. सार्क सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों, स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भी ऐसी वीडियो कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए ताकि सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों पर चर्चा की जा सके.

सबका साथ आना जरूरी: भूटान

भूटान के पीएम लोटे शेरिंग ने कहा कि इस बीमारी से निपटने के लिए सबका साथ आना जरूरी है. नेपाल के पीएम केपी शर्मा औली ने कहा कि कई एजेसियों की को-ऑर्डिनेशन कमिटी बनाई गई है. हमने विदेशियों और नॉन रेजिडेंट नेपाली लोगों के मूवमेंट पर रोक लगाई है.

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