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COVID-19: अगले 21 दिन तक पूरे देश में संपूर्ण लॉक डाउन, इसे कर्फ्यू ही समझें- PM मोदी

देश में कोरोना के मामले 500 के पार जा चुके हैं और अभी तक 9 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है.

March 24, 2020 9:21 PM
Image: BJP Twitter

PM Narendra Modi address the nation: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार रात को एक बार फिर देश को संबोधित किया. यह संबोधन कोरोना वायरस को लेकर सरकार के अगले कदम की जानकारी देने के लिए था. पीएम मोदी ने मंगलवार रात 12 बजे से पूरे भारत में संपूर्ण लॉक डाउन का एलान किया है. यह लॉक डाउन अगले 21 दिन तक रहेगा. पीएम मोदी ने कहा है कि इसे एक तरह का कर्फ्यू ही समझें.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत जनता कर्फ्यू की सफलता से की. उन्होंने कहा कि जनता कर्फ्यू के संकल्प की सिद्धि के लिए हर भारतवासी ने पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपना योगदान दिया. बच्चों से लेकर बुजुर्ग और गरीब से लेकर अमीर, हर वर्ग के लोग परीक्षा की इस घड़ी में साथ आए. जनता कर्फ्यू को हर भारतवासी ने सफल बनाया. एक दिन के कर्फ्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है, जब मानवता पर संकट आता है तो किस तरह हम सभी भारतीय मिलकर उसका मुकाबला करते हैं. आप सभी जनता कर्फ्यू की सफलता के लिए प्रशंसा के पात्र हैं.

पीएम ने आगे कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को आप सुन और देख रहे हैं. दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है. ऐसा नहीं है कि ये देश प्रयास नहीं कर रहे हैं या उनके पास संसाधनों की कमी है. लेकिन कोरोना इतनी तेजी से फैल रहा है कि तमाम तैयारियों और प्रयासों के बावजूद इन देशों में चुनौती बढ़ती जा रही है. इन सभी देशों की दो महीनों की स्टडी से जो निष्कर्ष निकल रहा है और जो एक्सपर्ट भी कह रहे हैं कि इस महामारी से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प सोशल डिस्टेंसिंग ही है. यानी एक दूसरे से दूर रहना, घरों में ही बंद रहना. कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है. कोरोना को फैलने से रोकना है तो उसके संक्रमण की साइकिल को तोड़ना होगा.

केवल मरीज के लिए नहीं है सोशल डिस्टेंसिंग

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग गलतफहमी में हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग केवल मरीज के लिए है. यह सोच गलत है. सोशल डिस्टेंसिंग हर नागरिक, हर परिवार के लिए यहां तक कि प्रधानमंत्री के लिए भी है. कुछ लोगों की लापरवाही और गलत सोच आपको, आपके बच्चों, माता पिता, परिवार, दोस्तों और पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी. अगर ऐसी लापरवाही जारी रही तो भारत को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है. यह कीमत कितनी होगी इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.

आज रात से घरों से बाहर निकलने पर पूरी पाबंदी

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दो दिनों से देश के अनेक भागों में लॉक डाउन है. राज्य सरकारों के इन प्रयासों को बेहद गंभीरता से लें. हेल्थ सेक्टर के एक्सपर्ट व अन्य देशों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए देश एक महत्वपूर्ण निर्णय करने जा रहा है. फैसला यह है कि आज यानी मंगलवार रात 12 बजे से पूरे देश में संपूर्ण लॉक डाउन हो रहा है. भारत को, भारत के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से घरों से बाहर निकलने पर पूरी पांबदी लगाई जा रही है. देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉक डाउन किया जा रहा है. यह एक तरह से कर्फ्यू ही है. जनता कर्फ्यू से एक कदम आगे और उससे ज्यादा सख्त. कोरोना से लड़ाई के लिए यह बेहद जरूरी है. निश्चित तौर पर इस लॉक डाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी. लेकिन हर भारतीय के जीवन को बचाना इस वक्त भारत सरकार, राज्य सरकारों, हर स्थानीय निकाय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

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जहां हैं, वहीं रहें

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप देश में जहां भी हैं, वही रहें. अभी के हालात को देखते हुए देश में यह लॉक डाउन 21 दिन का होगा. आने वाले ​21 दिन हर नागरिक, हर परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. एक्सपर्ट की मानें तो कोरोना की संक्रमण साइकिल तोड़ने के लिए 21 दिन का समय बेहद महत्वपूर्ण है. अगर ये ​21 दिन नहीं संभले तो देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा. अगर 21 दिन नहीं संभले तो कई परिवार हमेशा के लिए तबाह हो जाएंगे.

इसलिए बाहर निकलना क्या होता है, यह 21 दिनों के लिए भूल जाएं. अपने घर में ही रहें. आज के फैसले ने, देशव्यापी लॉक डाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है. घर से बाहर आपका सिर्फ एक कदम कोरोना जैसी गंभीर महामारी घर में ला सकता है.

शुरुआत में नहीं पता चलती यह बीमारी

पीएम मोदी ने कहा कि याद रखें कि कई बार इस महामारी से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल सही लगता है. उसके संक्रमित होने का पता ही नहीं लगता. इसलिए एहतियात बरतिए. जो घर में हैं, वे सोशल मीडिया पर नए व बेहद इनोवेटिव तरीके से इस बात को बता रहे हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि मरीज में कोरोना के लक्षण दिखने में कई-कई दिन लग जाते हैं. ऐसे में वह अपने संपर्क में आने वाले को भी संक्रमित कर देता है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, इस महामारी से संक्रमित एक व्यक्ति सिर्फ हफ्ते 10 दिन में सैकड़ों लोगों तक इसे पहुंचा सकता है. यह आग की तरह फैलता है.

डब्ल्यूएचओ का यह भी कहना है कि कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या को 1 लाख होने में 67 दिन लगे थे. उसके बाद 2 लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन लगे. ये और भी भयावह है कि 2 लाख संक्रमित लोगों से 3 लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ 4 दिन लगे. ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह कितनी तेजी से फैलता है. यही वजह है कि चीन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ईरान, इटली आदि देशों में जब इसने फैलना शुरू किया तो हालात बेकाबू हो गए. जबकि इन देशों की स्वास्थ्य सेवा, आधुनिक संसाधन, मेडिकल इक्विपमेंट्स और व्यवस्थाएं पूरी दुनिया में ​बेहतरीन मानी जाती हैं. बावजूद इसके वे कोरोना का प्रभाव कम नहीं कर पाए.

विदेशियों ने दिशा निर्देश का पूरा पालन किया

इससे बचने का यही विकल्प है कि घर में रहें. इन सभी देशों के नागरिकों ने अपनी सरकार के दिशा निर्देशों का शत प्रतिशत पालन किया. हफ्तों तक इन देशों के नागरिक घरों से बाहर नहीं निकले. इसलिए अब ये देश इस महामारी से उबर रहे हैं. इसलिए हमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घर में रहना है. गांव से लेकर शहर, आम आदमी से लेकर प्रधानमंत्री तक को इसका पालन करना है. हमें इस महामारी के वायरस का संक्रमण रोकना है, इसके फैलने की चेन को तोड़ना है.

पीएम ने कहा कि भारत आज उस स्टेज पर है, जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं. यह वक्त कदम-कदम पर संयम बरतने का है. याद रखना है कि जान है तो जहान है. यह धैर्य और अनुशासन की घड़ी है.

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जरूरी सेवाओं में लगे लोगों के बारे में सोचें

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर जरूरी व इमर्जेन्सी सेवाओं में लगे लोगों का उल्लेख अपने संबोधन में किया. उन्होंने कहा कि आप उन लोगों के बारे में सोचें जो अपनी जान खतरे में डालकर इस महामारी से जंग लड़ रहे हैं. जैसे डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ, पैरा-मेडिकल स्टाफ, पैथोलॉजिस्ट, एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवर, सफाई कर्मचारी आदि. ये लोग इन कठिन परिस्थतियों में लोगों की सेवा कर रहे हैं और एक-एक व्यक्ति को बचाने की कवायद में लगे हैं. उन लोगों के बारे में सोचें जो आपकी सोसायटी, आपके मोहल्लों, आपकी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों को, हर जगह को सैनिटाइज कर रहे हैं. मीडिया वालों के बारे में सोचें जो संक्रमण का खतरा उठाकर सही जानकारी आप तक पहुंचाने के लिए अस्पतालों व अन्य जगहों पर जा रहे हैं. पुलिस वालों के बारे में सोचें जो इस दौर में भी जो अपने परिवार की परवाह किए बिना आपको और आपके परिवार को बचाने के लिए तैनात हैं और लोगों के गुस्से का ​शिकार भी हो रहे हैं.

स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी पर काम जारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों को असुविधा न हो इसके लिए राज्य सरकारें और केन्द्र सरकार हर संभव उपाय कर रही है. कोरोना वैश्विक महामारी से बनी स्थितियों के बीच, केंद्र और देशभर की राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही हैं. किसी चीज की कमी न हो इसके लिए उपाय हो रहे हैं. गरीबों के लिए भी यह संकट की घड़ी है. उन्हे मुसीबत कम हो इसके लिए सरकार समेत सिविल सोसायटी के लोग व अन्य कई लोग आगे आ रहे हैं.

देश की स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी पर काम जारी है. डब्ल्यूएचओ, स्वास्थ्य विशेषज्ञों आदि की सलाह पर काम हो रहा है. देश के हेल्थ इंफ्रा को मजबूत बनाने के लिए 15000 करोड़ रुपये का एलान किया है. यह धनराशि कोरोना से जुड़ी टेस्टिंग फेसिलिटीज, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट्स, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर, आइसोलेशन बेड जैसे अन्य जरूरी साधनों की संख्या बढ़ाने और मेडिकल, पैरामेडिकल फोर्स पर खर्च की जाएगी. मैंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि सभी की प्राथमिकता इस वक्त हेल्थ केयर होनी चाहिए. प्राइवेट सेक्टर भी इस मुश्किल घड़ी में देशवासियों के साथ है. प्राइवेट लैब, प्राइवेट अस्पताल भी आगे आ रहे हैं.

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अफवाहों व खुद से इलाज से बचें

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ऐसे दौर में अफवाहें काफी उड़ती हैं. किसी भी अफवाह और अंध विश्वास से बचें. केन्द्र सरकार, राज्य सरकार व मेडिकल प्रोफेशनल्स की सलाह मानें. इस बीमारी के लक्षणों के दौरान कोई भी दवा डॉक्टर से परामर्श के बिना न लें, यह खतरनाक हो सकता है. 21 दिन का लॉक डाउन लंबा वक्त है लेकिन जीवन की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. मुझे विश्वास है कि हर हिंदुस्तानी इस संकट का न केवल सामना करेगा बल्कि विजयी होकर निकलेगा. अपना व अपनों का ध्यान रखते हुए कानून व नियमों का पालन करते हुए इन बंधनों को स्वीकार करें.

 

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