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बंगाल में 70 लाख लाभार्थी PM किसान योजना से वंचित, केरल में APMC-मंडी नहीं: किसानों से बातचीत में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 25 दिसंबर को देश भर के छह राज्यों के किसानों से बातचीत कर रहे हैं.

Updated: Dec 25, 2020 1:49 PM
PM modi to release next instalment under PM-KISAN on 25 December and have conversation with six states farmersपीएम मोदी ने आज किसानों से बातचीत किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 25 दिसंबर को देश भर के छह राज्यों के किसानों से बातचीत किया. इन किसानों ने पीएम-किसान के अलावा सरकार द्वारा किसानों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े अपने अनुभवों को साझा किया. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कुछ लोग मंडी, एपीएमसी खत्म करने की आशंका जता रहे हैं. केरल में कोई एपीएमसी और मंडी नहीं है, इसके बावजूद इसे लेकर वहां इसे लेकर क्यों विरोध नहीं हो रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि केरल में आंदोलन क्यों नहीं शुरू किया जा रहा है और सिर्फ पंजाब के किसानों को ही क्यों भ्रमित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब में एग्रीमेंट खेती पहले से चल रही है. इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल के किसानों को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पीएम किसान का फायदा नहीं लेने दे रही है.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि पश्चिम बंगाल को छोड़कर देश के सभी राज्यों के किसान इस योजना से जुड़ चुके हैं. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने इस योजना का फायदा राज्य के किसानों को लेने नहीं दिया जबकि वहां के 70 लाख पात्रता की सूची में हैं जिन्हें हर साल 4200 करोड़ रुपये मिल सकते हैं. कृषि मंत्री ने पश्चिम बंगाल सरकार से अनुरोध किया है कि वे राज्य के किसानों को इस योजना से जोड़ें ताकि उन्हें सकालाना छह हजार रुपये की मदद मिल सके.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत किसानों के खाते में अगली किश्त भेजा. एक क्लिक कर प्रधानमंत्री मोदी 18 हजार करोड़ से अधिक की राशि किसानों के खाते में भेजा. इससे 9 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को फायदा मिला.

प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश के किसान गगन पेरिंग से बातचीत किया. गगन पेरिंग ने पीएम किसान के अपने अनुभवों को सुनाया कि उन्हें इस योजना के तहत 6 हजार रुपये मिले हैं जिसका उपयोग उन्होंने ऑर्गेनिक खाद और दवा खरीदने में किया. पेरिंग ने बताया कि एफपीओ (फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशंस) के तहत उनके साथ 446 किसान जुड़े हैं और ऑर्गेनिक अदरक उगाते हैं. पीएम मोदी द्वारा पूछे जाने पर कि पेरिंग ने बताया कि एक निजी कंपनी से एग्रीमेंट किया गया जो प्रॉडक्ट खरीदते हैं और जमीन को लेकर कोई एग्रीमेंट नहीं किया गया है. पीएम मोदी ने इस पर कहा कि अरुणाचल प्रदेश में किसानों को कोई भ्रम नहीं है लेकिन कुछ लोग लोगों के बीच भ्रम फैला रहे हैं कि प्राइवेट कंपनियां फसलों के साथ-साथ जमीन पर भी कब्जा कर लेंगी.

ओडिशा के छोटी जोत वाले एक किसान ने किसान क्रेडिट को अपने जीवन में सुधार लाने वाला बताया. पीएम मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने प्रधानमंत्रित्व काल में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की शुरुआत की. प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे किसानों को समझाया जाना चाहिए कि केसीसी के जरिए कम ब्याज पर किसानों को आसानी से लोन मिलता है. हरियाणा के फतेहाबाद के हरिकिशन ने अपना अनुभव सुनाया कि अब वे बागवानी कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह बदल-बदलकर खेती कर रहे हैं, इससे जमीन की उर्वरता बनी रहेगी और पानी की भी बचत होगी.

मध्य प्रदेश में धार जिले के एक किसान मनोज ने बताया कि वह अपने छह हेक्टेअर खेत में गेहूं, चना, धान, लहसुन, प्याज और मक्के की खेती करते हैं. उन्होंने कहा कि पांच बार मिले किसान सम्मान निधि से खाद, बीज इत्यादि का प्रबंध किया. पीएम मोदी ने पूछा कि नए कृषि कानून से उनकी जिंदगी में क्या बदलाव आया. मनोज ने बताया कि पहले उनके पास सिर्फ मंडी में ही अपनी फसल को बेचने की विकल्प था लेकिन अब वे अपनी फसल को किसी को भी बेच सकते हैं. मनोज के मुताबिक उनके इलाके के किसान इस नए कृषि कानून का फायदा उठा रहे हैं और जब उन्हें फायदा मिलता है, तब वे अपनी फसल बेच रहे हैं. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि नए कृषि कानूनों से किसानों अपने फायदेमंद अनुभव सुना रहे हैं लेकिन कुछ लोग अपने राजनीतिक फायदे के लिए इसका विरोध कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के एक किसान ने अपना अनुभव बताया कि वे करीब 100 किसानों के साथ मिलकर एफपीओ का गठन किए हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने 10 टन गेहूं के लिए अहमदाबाद के एक कंपनी से एग्रीमेंट किया गया है. उन्होंने बताया कि पहले वे स्थानीय बाजार में 10-15 रुपये प्रति किलो में बेचते थे और अब अहमदाबाद की कंपनी से 25 रुपये प्रति किलो में समझौता हुआ जिसे कंपनी खुद लेकर जाएगी. पीएम मोदी ने इस पर कहा कि नए कृषि कानून से किसानों को फायदा हो रहा है.

इससे पहले मप्र के किसानों को कर चुके हैं संबोधित

कुछ दिनों पहले 18 दिसंबर को पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश में किसान कल्याण इवेंट को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया था. उन्होंने कहा था कि कृषि कानून रातोंरात नहीं तैयार हुआ है बल्कि इन सुधारों को लेकर पिछले 20-30 वर्षों से केंद्र और राज्य सरकारें लंबी चर्चा कर चुकी हैं. कृषि विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री और प्रगतिशील किसान लगातार इन सुधारों की मांग करते रहे हैं. इस समारोह में उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि कानूनों को पास हुए काफी समय हो गए हैं और अब इन्हें लेकर सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए विरोध किया जा रहा है. समारोह में पीएम मोदी ने हाथ जोड़कर विपक्षी पार्टियों से अपील की कि वे इन सुधारों का क्रेडिट ले लें लेकिन कृषि सेक्टर को आधुनिक होने दें और किसानों की जिंदगी आसान होने दें.

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फरवरी 2019 में शुरू की गई पीएम किसान योजना

पीएम किसान केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में शुरु की गई योजना है. इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपये उनके खाते में भेजे जाते हैं. ये रकम एक बार में नहीं भेजी जाती है. यह रकम 2-2 हजार रुपये की किश्त के रूप में हर चार महीने पर किसानों के खाते में भेजी जाती है. इसकी पहली किश्त फरवरी 2019 में जारी हुई थी और अब तक इसके छह किश्त जारी हो चुके हैं और आज यानी 25 दिसंबर 2020 को इसकी सातवीं किश्त जारी की जाएगी.

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