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नए कृषि विधेयक से बढ़ेगी किसानों की आय, बिचौलियों से मिलेगी आजादी: PM मोदी

पीएम ने कहा, हमारी सरकार किसानों को MSP के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी.

September 18, 2020 3:40 PM
PM Modi lauds new agriculture bills says will raise farmers’ incomeलोकसभा से पास कृषि बिल के विरोध में गुरुवार देर शाम कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर ने इस्तीफा दे दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने लोकसभा से पारित हुए नए कृषि विधेयकों को किसानों का हितैषी बताते हुए कहा कि इससे देशभर में किसानों की आमदनी बढ़ेगी. साथ ही उन्हें बिचौलियों से आजादी मिलेगी. जो लोग इसको लेकर भ्रम फैला रहे हैं, उनसे सावधान रहने की जरूरत है. पीएम ने कहा कि अब ये दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सरकार के द्वारा किसानों को MSP का लाभ नहीं दिया जाएगा. ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं कि किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी. ये सरासर झूठ है, गलत है, किसानों को धोखा है. किसानों को अपनी उपज देश में कहीं पर भी, किसी को भी बेचने की आजादी देना, बहुत ऐतिहासिक कदम है. हमारी सरकार किसानों को MSP के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी.

बिहार में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के दिन, लोकसभा में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयक पारित किए गए हैं. इन विधेयकों ने हमारे अन्नदाता किसानों को अनेक बंधनों से मुक्ति दिलाई है, उन्हें आजाद किया है. इन सुधारों से किसानों को अपनी उपज बेचने में और ज्यादा विकल्प मिलेंगे, और ज्यादा अवसर मिलेंगे. लेकिन कुछ लोग जो दशकों तक सत्ता में रहे हैं, देश पर राज किया है, वो लोग किसानों को इस विषय पर भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं, किसानों से झूठ बोल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि किसान और ग्राहक के बीच जो बिचौलिए होते हैं, जो किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं, उनसे बचाने के लिए ये विधेयक लाए जाने बहुत आवश्यक थे. ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आए हैं.

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किसान जहां मन आएगा, अपनी फसल बेचेगा

पीएम ने कहा कि 21वीं सदी में भारत का किसान, बंधनों में नहीं, खुलकर खेती करेगा. जहां मन आएगा अपनी उपज बेचेगा, किसी बिचौलिए का मोहताज नहीं रहेगा और अपनी उपज, अपनी आय भी बढ़ाएगा. कुछ लोग बिचौलियों का साथ दे रहे हैं, वो लोग किसानों की कमाई को बीच में लूटने वालों का साथ दे रहे हैं. मोदी ने कहा, ”मैं आज देश के किसानों को स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं. आप किसी भी तरह के भ्रम में मत पड़िए. इन लोगों से देश के किसानों को सतर्क रहना है. ऐसे लोगों से सावधान रहें जिन्होंने दशकों तक देश पर राज किया और जो आज किसानों से झूठ बोल रहे हैं.”

पीएम मोदी ने कहा, ”कोई भी व्यक्ति अपना उत्पाद, दुनिया में कहीं भी बेच सकता है, जहां चाहे वहां बेच सकता है. लेकिन केवल मेरे किसान भाई-बहनों को इस अधिकार से वंचित रखा गया था. अब नए प्रावधान लागू होने के कारण, किसान अपनी फसल को देश के किसी भी बाजार में, अपनी मनचाही कीमत पर बेच सकेगा.”

कुछ लोग कर रहे हैं राजनीति: PM

पीएम मोदी ने कहा कि जिस APMC एक्ट को लेकर जो लोग अब राजनीति कर रहे हैं, एग्रीकल्चर मार्केट के प्रावधानों में बदलाव का विरोध कर रहे हैं, उसी बदलाव की बात इन लोगों ने अपने घोषणापत्र में भी लिखी थी. लेकिन अब जब एनडीए सरकार ने ये बदलाव कर दिया है, तो ये लोग इसका विरोध करने पर उतर आए हैं. चुनाव के समय किसानों को लुभाने के लिए ये बड़ी-बड़ी बातें करते थे और चुनाव के बाद भूल जाते थे. और आज जब वही चीजें एनडीए सरकार कर रही है, किसानों को समर्पित हमारी सरकार कर रही है, तो ये भांति-भांति के भ्रम फैला रहे हैं.

दो महत्वपूर्ण विधेयक लोक सभा से हुए पारित

देश में कृषि सुधार के लिए दो महत्वपूर्ण विधेयक लोक सभा से पारित हुए हैं. ये विधेयक “कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020’’ और तथा “कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020’’ हैं. कोविड-19 महामारी के चलते केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गत 5 जून को इस संबंध में अध्यादेश स्वीकृत किए थे. इन अध्यादेशों को विधेयक के रूप में लोक सभा में प्रतिस्‍थापित करने के लिए केंद्रीय मंत्री तोमर ने प्रस्ताव रखे थे, जिन पर चर्चा के बाद लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इन्हें पारित घोषित किया.

हर​सिमरत कौर ने दिया इस्तीफा, तोमर को कार्यभार

किसान विधेयकों के विरोध में एनडीए की सहयोगी शिरोमणि अकाली दर की सांसद और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने इस्तीफा ​दे दिया. राष्ट्रपति ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को खद्य प्रसंस्करण मंत्रालय का अतिरिक्त पदभार सौंपा गया है. मोदी सरकार में शिरोमणि अकाली दल से अकेली प्रतिनिधि थीं.

हरसिमरत कौर बादल का मोदी सरकार से इस्तीफा

इससे पहले सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने लोकसभा में हरसिमरत के इस्तीफा देने की बात कही थी. इसके तुरंत बाद कौर ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री कार्यालय में सौंप दिया. शिरोमणि अकाली दल लगातार कृषि संबंधी विधेयकों का विरोध कर रही है. सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि कि हमारी पार्टी केंद्र से अनुरोध करती रही है कि कृषि से संबंधित इन तीनों विधेयकों पर जब तक कृषक संगठनों, किसानों और कृषि मजदूरों की सभी आपत्तियों का निराकरण नहीं हो जाता, तब तक वह इन्हें संसद की मंजूरी के लिए पेश नहीं करे.

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