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ऑक्सीजन के बिना मर रहे लोग, वेदांता का प्लांट हाथ में लेकर कमी दूर क्यों नहीं करती तमिलनाडु सरकार: SC

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, प्लांट को वेदांता चलाए या कोई और, उसे सिर्फ इस बात से मतलब है कि लोगों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन का प्रोडक्शन होना चाहिए

Updated: Apr 23, 2021 5:37 PM
People dying due to lack of oxygen why can not Tamilnadu government take over Vedanta Sterlite copper unit at Tuticorin unit to produce it says SCएक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं तो ऐसे में तमिलनाडु सरकार तूतीकोरिन स्थित वेदांता के प्लांट का अधिग्रहण कर वहां ऑक्सीजन क्यों नहीं बना रही है.

कोरोना मरीजों के इलाज में ऑक्सीजन शॉर्टेज को लेकर आज 23 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु सरकार पर सख्त हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं तो ऐसे में तमिलनाडु सरकार तूतीकोरिन में स्थित वेदांता के स्टरलाइट कॉपर यूनिट का अधिग्रहण कर वहां ऑक्सीजन क्यों नहीं बना रही है. इस प्लांट में प्रदूषण से जुड़ी चिंताओं को लेकर मई 2018 से ताला लगा हुआ है.

चीफ जस्टिस एसए बोबडे के नेतृ्त्व में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि इस प्लांट को वेदांता चलाए या कोई और, इससे उसे कोई मतलब नहीं है, उसे सिर्फ इस बात से मतलब है कि ऑक्सीजन का प्रोडक्शन होना चाहिए. जस्टिस एलएनराव और जस्टिस एसआर भाट ने कहा कि इस मामले में किसी को ठोस जवाब देना होगा क्योंकि लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने वेदांता की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये बातें कहीं. वेदांता ने कोर्ट में याचिका दायर कर तूतीकोरिन स्थित अपने स्टरलाइट कॉपर यूनिट को इस आधार पर खोलने की मंजूरी मांगी है कि वह यहां हजारों टन ऑक्सीजन बना सकती है और इसे मरीजों के इलाज के लिए फ्री में उपलब्ध करा सकती है. वेदांता की याचिका की सुनवाई को मंजूरी देते समय सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कोरोना महामारी को नेशनल इमरजेंसी की स्थिति बताया था.

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तूतीकोरिन में आपसी विश्वास की कमी

तमिलनाडु सरकार की तरफ से कोर्ट में पेश हुए सीनियर एडवोकेट सीएस वैद्यनाथन ने इस मसले को लॉ एंड ऑर्डर से जोड़ा है और कहा कि डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर आज सुबह वहां लोगों से बातचीत करने गए थे. वैद्यनाथन के मुताबिक वहां पूरी तरह से लैक ऑफ कांफिडेंस की स्थिति है क्योंकि यहां पहले एक गोलीबारी में 13 लोग मारे गए थे. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कल यानी 22 अप्रैल को आपने लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति के बारे में नहीं बताया था. इस पर वैद्यनाथन ने कहा कि वह इसे लेकर एक एफिडेविट फाइल करेंगे.

लॉ एंड ऑर्डर की समस्या पर बिफरा कोर्ट

केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि देश को इस समय ऑक्सीजन की बहुत जरूरत है और लॉ एंड ऑर्डर ऐसी परिस्थितियों में कोई ग्राउंड नहीं हो सकता, जब देश में ऑक्सीजन की कमी से लोग मर रहे हैं. तुषार मेहता ने कहा कि जब हमारे पास 1000 टन की पोटेंशियल कैपेसिटी है तो यहां ऑक्सीजन क्यों नहीं बनाया जाना चाहिए. बेंच ने कहा कि जब लोग मर रहे हैं तो राज्य लॉ एंड ऑर्डर के आधार पर ऑक्सीजन प्रोड्यूस करने से इनकार नहीं कर सकता है.

तमिलनाडु के पास सरप्लस तो भी बनाए ऑक्सीजन- कोर्ट

प्रभावित परिवारों की तरफ से सीनियर एडवोकेट कोलिन गोंजाल्विस ने कोर्ट में कहा कि राज्य सरकार यूनिट का अधिग्रहण कर ऑक्सीजन प्रोड्यूस कर सकती है. गोंजाल्विस ने कहा कि उन्हें इसे लेकर कोई समस्या नहीं है कि तमिलनाडु सरकार अगर प्लांट का अधिग्रहण कर ऑक्सीजन प्रोड्यूस करती है. बेंच ने कहा कि अगर तमिलनाडु के पास सरप्लस ऑक्सीजन है तो भी पूरे देश को इसकी जरूरत है तो फिर क्यों वह ऑक्सीजन नहीं बना रही है. बेंच ने कहा कि देश की राष्ट्रीय संपत्ति का सभी नागरिकों को बराबर लाभ मिलना चाहिए.

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