सर्वाधिक पढ़ी गईं

कोरोना महामारी के बीच ‘अमीरों’ में महामंथन, अगली पीढ़ी को कैसे सौंपी जाए विरासत?

Knight Frank Attitudes Survey 2021: कोरोना महामारी ने सभी को प्रभावित किया हो, चाहे उनके पास बेशुमार दौलत ही क्यों न हो.

March 16, 2021 5:32 PM
Pandemic influences 84 percent of ultra-wealthy Indians to reassess their attitudes to succession planning in Knight Frank Attitudes Survey 2021सर्वे के मुताबिक 30 फीसदी अल्ट्रा रिच भारतीयों ने अगली पीढ़ी को अपनी दौलत हस्तांतरित करने को अपनी तीन प्रमुख चिंताओं में रखा.

Knight Frank Attitudes Survey 2021: कोरोना महामारी ने सभी को प्रभावित किया हो, चाहे उनके पास बेशुमार दौलत ही क्यों न हो. एक इंटरनेशनल प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक ने कोरोना महामारी का अल्ट्रा हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल (UHNWIs) पर प्रभाव को लेकर एक सर्वे किया. इस एटीट्यूड्स सर्वे 2021 में पाया गया कि कोरोना महामारी के चलते करीब 84 फीसदी अल्ट्रा रिच लोगों ने अपनी प्रॉपर्टी के उत्तराधिकार योजना पर दोबारा विचार किया है. UHNWIs श्रेणी में ऐसे लोगों को रखा जाता है, जिनकी संपत्ति 3 करोड़ डॉलर (218 करोड़ रुपये) से अधिक हो.

सर्वे के मुताबिक, कनाडा के 902 फीसदी, टर्की के 85 फीसदी और दक्षिण अफ्रीका के 80 फीसदी अल्ट्रा रिच लोगों ने अपनी विरासत की योजना का मूल्यांकन किया. वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 60 फीसदी रहा. यह सर्वे दुनिया भर के 600 प्राइवेट बैंकर्स, वेल्थ एडवाइजर्स और फैमिली ऑफिसेज से मिली प्रतिक्रिया पर आधारित है. इसमें शामिल लोगों की संपत्ति 3.3 लाख करोड़ डॉलर से अधिक है.

बढ़ती गर्मी के साथ चढ़ेंगे ये स्टॉक्स! फ्रीज, AC, पंखा बनाने वाली कंपनियों के शेयर कराएंगे तगड़ी कमाई

विरासत ट्रांसफर करने पर विचार

सर्वे के मुताबिक 30 फीसदी अल्ट्रा रिच भारतीयों ने अगली पीढ़ी को अपनी दौलत हस्तांतरित करने को अपनी तीन प्रमुख चिंताओं में रखा जबकि 16 फीसदी अल्ट्रा रिच लोग कोरोना महामारी के चलते इस साल 2021 को बेहतरीन अवसर के रूप में देख रहे हैं. वैश्विक संदर्भ में बात करें तो 28 फीसदी अत्यधिक अमीरों ने माना कि उनकी सबसे बड़ी चिंता अगली पीढ़ी को अपनी दौलत हस्तांतरित करने की है जबकि 23 फीसदी लोगों ने 2021 को नए अवसर के तौर पर देख रहे हैं.

सर्वे में शामिल अल्ट्रा रिच लोगों से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कोरोना महामारी के चलते उत्तराधिकार को लेकर जो योजना तैयार किया था, उसका रिव्यू किया है तो 48 फीसदी फैमिली ऑफिसेज ने ऐसा करना स्वीकार किया. अल्ट्रा-रिच के मामले में यह आंकड़ा करीब 60 फीसदी रहा.

2021 को लेकर सकारात्मक रुख

एटीट्यूड्स सर्वे में शामिल 89 फीसदी भारतीय अल्ट्रा रिच लोगों ने यह माना कि कोरोना महामारी के बाद की दुनिया में निवेश के नए अवसर सामने आ रहे हैं. हालांकि 61 फीसदी का मानना है कि इसमें टेक्नोलॉजी डिसरप्शन (बाधा) भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और 23 फीसदी का मानना है कि भारत सरकार की नीतियों में सुधार होने पर उनकी संपत्ति में बढ़ोतरी हो सकती है.

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और एमडी शिशिर बैजल के मुताबिक कोरोना महामारी के चलते पुरानी पीढ़ी के लोग संपत्ति बढ़ाने को लेकर प्रभावित हुए हैं और उन्होंने अपनी विरासत योजना का रिव्यू किया है. बैजल के मुताबिक नई पीढ़ी विरासत में मिली संपत्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है क्योंकि उनके पास सोचने का अलग तरीका है और वे तकनीकी जानकार हैं.

यह साल भारतीय अर्थव्यवस्था और कुछ सेक्टर्स के लिए चुनौतियों भरा है लेकिन भारतीय UHNWIs अपनी संपत्ति में बढ़ोतरी को लेकर सकारात्मक हैं. बैजल के मुताबिक कई आर्थिक सुधारों और नीतियों में बदलाव के चलते भारत ने वैश्विक निवेशकों को आकर्षित किया है जिसके चलते इकोनॉमी को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. कोरोना महामारी के बीच ‘अमीरों’ में महामंथन, अगली पीढ़ी को कैसे सौंपी जाए विरासत?

Go to Top