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INX मीडिया केस: दीवार फांदकर पी चिदंबरम के घर में घुसी CBI टीम, ले गई हेडक्वार्टर

INX मीडिया केस में दिल्ली हाईकोर्ट से पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो गई थी.

August 21, 2019 10:48 PM

INX मीडिया मामले में आरोपों का सामना कर रहे कांग्रेस नेता पी चिदंबरम हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद CBI की गिरफ्त में आ गए हैं. चिदंबरम 27 घंटे गायब रहने के बाद दिल्ली स्थित कांग्रेस हेडक्वार्टर में मीडिया के सामने आए. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, इसके बाद सीबीआई और ईडी की टीम उनके घर पहुंच गई. टीम दीवार फांदकर चिदंबरम के घर में घुसी और उसके बाद उन्हें सीबीआई हेडक्वार्टर ले जाया गया है. चिदंबरम को बृहस्पतिवार को सीबीआई रॉस एवेन्यू कोर्ट में पेश किया जा सकता है.

मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम की अग्रिम जमानत खारिज किए जाने के बाद सीबीआई और ईडी की टीम पी चिदंबरम के घर पहुची थीं. लेकिन वह अपने आवास पर नहीं मिले थे. उसके बाद से ही चिदंबरम के गायब थे.

कानून से भाग नहीं रहा

बुधवार रात 8 बजकर 15 मिनट पर दिल्ली स्थि​त कांग्रेस हेडक्वार्टर पहुंचे. वहां प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि वह कानून से भाग नहीं रहे हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं. चिदंबरम ने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि लोकतंत्र की बुनियाद स्वतंत्रता है. मैंने स्वतंत्रता का चुनाव किया है. पिछले 24 घंटों में बहुत कुछ हुआ जिससे बहुत लोगों को चिंता हुई और भ्रम की स्थिति पैदा हुई.’’ चिदंबरम ने कहा, ‘‘मैं किसी अपराध का अरोपी नहीं हूं. मेरे परिवार का कोई सदस्य इस मामले में आरोपी नहीं है. ऐसी धारणा पैदा की जा रही है कि बड़ा अपराध हुआ है और उनके एवं उनके बेटे ने अपराध किया है. यह सब झूठ है.’’

आगे कहा, ‘‘मैंने अग्रिम जमानत की मांग की. मेरे वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि सुनवाई की जाए. मैं पूरी रात वकीलों के साथ काम कर रहा था. आज पूरे दिन भी वकीलों के साथ काम कर रहा था. मैं कानून से बच नहीं रहा था, कानूनी बचाव का प्रयास कर रहा था. मैं न्यायालय के आदेश का सम्मान करता हूं. मैं कानून का पालन करूंगा. मैं सिर्फ यही उम्मीद करूंगा कि जांच एजेंसियां भी कानून का सम्मान करेंगी.’’ उन्होंने कहा कि मैं यह जानकर हक्का बक्का हूं कि मुझ पर कानून से छिपने का आरोप लगाया गया.

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा

आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के आदेश के खिलाफ स्टे को लेकर पी चिदंबरम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट में पेश किए जाने से पहले यह मामला सीजेआई की अदालत में गया था. रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) ने चिदंबरम के वकील को सूचित किया कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले को शुक्रवार की सुनवाई के लिए लिस्ट किया है. हालांकि चिदंबरम पर गिरफ्तारी की तलवार अभी भी लटकी हुई है.

पी चिदंबरम देश न छोड़ पाएं, इसके लिए ED के बाद अब CBI ने भी उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है. एजेंसी ने सभी एयरपोर्ट्स को अलर्ट कर दिया है कि वे चिदंबरम को फ्लाइट बोर्ड न करने दें.

सुबह उनके मामले को चीफ जस्टिस की बेंच को ट्रांसफर कर दिया गया. जस्टिस रमन्ना की पीठ ने यह मामला सीजेआई की अदालत में भेजा. बुधवार सुबह चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई शुरू हुई. शीर्ष कोर्ट में जस्टिस रमन्ना ने कहा कि वह इस मामले पर कोई आदेश नहीं दे रहे हैं, इस मामले को वह चीफ जस्टिस के पास भेज रहे हैं. चीफ जस्टिस मामले को देखेंगे.

दोपहर में जस्टिस रमना की कोर्ट में पी चिदंबरम की जमानत अर्जी पर फिर से सुनवाई शुरू हुई. कोर्ट में कपिल सिब्बल ने चिदंबरम की तरफ से दलील पेश की. उन्होंने कहा कि चिदंबरम को फिलहाल अंतरिम जमानत मिलनी चाहिए. उन्होंने मामले की तुरंत सुनवाई का आग्रह किया. इस पर जस्टिस रमना ने कहा कि जब तक यह केस लिस्ट नहीं हो जाता वह इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकते हैं. चिदंबरम द्वारा दायर की गई स्पेशल लीव पिटीशन में खामियां पाई गईं. जस्टिस रमना ने कहा कि जब तक एसएलपी की खामियां दूर नहीं हो जाती हैं, मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. जस्टिस रमना ने कहा कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के आदेश के बाद ही केस की लिस्टिंग होगी.

बलपूर्वक कार्रवाई न करने की अपील

इससे पहले, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की कानूनी टीम ने सीबीआई को पत्र लिख सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को उनकी याचिका पर सुनवाई से पहले उनके खिलाफ किसी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई ना करने की अपील की. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की कोर्ट में पहुंचे. चिदंबरम की कानूनी टीम में कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद, विवेक तनखा शामिल हैं. कपिल सिब्बल ने कहा कि बिना सुनवाई के चिदंबरम की गिरफ्तारी नहीं हो. जस्टिस रमना से चिदंबरम के वकील से कहा कि सारी औपचारिकताएं पूरी की जाए. वह फाइल चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को पास भेजेंगे.

चिदंबरम के लिए देश के सीनियर वकीलों की टीम सुप्रीम कोर्ट में मौजूद है. चिदंबरम के वकील ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है. बता दें, दिल्ली हाई कोर्ट के द्वारा अंतरिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में पी. चिदंबरम के वकीलों ने स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) डाली है.

चिदंबरम के बचाव में उतरी कांग्रेस

कांग्रेस पूरी तरह से चिदंबरम के बचाव में आ गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील सलमान खुर्शीद ने पी. चिदंबरम के मामले में सीबीआई की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है. कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर कहा है कि चिदंबरम एक काबिल और सम्मानित राज्य सभा सदस्य है. उन्होंने बतौर वित्त मंत्री और गृह मंत्री देश की सेवा की है. उन्होंने बिना डरे सच बोला और सरकार की नाकामी सामने रखी, लेकिन सच्चाई कुछ कायरों को रास नहीं आ रही है और उनके खिलाफ शर्मनाक कदम उठाए जा रहे हैं. हम उनके साथ खड़ें हैं. सच के लिए हम लड़ते रहेंगे.

CBI ने 2017 में दर्ज की थी प्राथमिकी

विगत 15 मई 2017 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की अनियमितता के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी. आरोप था कि FIPB ने आईएनएक्स मीडिया को 2007 में वित्त मंत्री के तौर पर पी चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान विदेश से 305 करोड़ रुपये फंड देने के लिए क्लियरेंस देने में अनियमितता की थी. एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्डरिंग ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया था.

Input: PTI

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