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  1. RBI से नहीं मांगे 3.6 लाख करोड़ रुपये, सरकार की राजकोषीय स्थिति बेहतर: DEA

RBI से नहीं मांगे 3.6 लाख करोड़ रुपये, सरकार की राजकोषीय स्थिति बेहतर: DEA

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 5 नवंबर को इंडियन एक्सप्रेस की खबर को ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों पर व्यंग्य किया था.

November 9, 2018 4:25 PM
Department of Economic Affairs, DEA Secretary, Subhas Chandra Garg, Fiscal Math, Fiscal deficits, RBI, market, PM Modi, Rahul Gandhi, RBI economic capital frameworkकांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 5 नवंबर को इंडियन एक्सप्रेस की खबर को ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों पर व्यंग्य किया था. (IE)

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ या 1 लाख करोड़ रुपये की कोई मांग नहीं कर रही है. आ​र्थिक मामलों (DEA) के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने ट्वीट कर कहा, ”मीडिया में गलत जानकारी वाली तमाम अटकलबाजियां चल रही हैं. सरकार की राजकोषीय स्थिति बिल्कुल सही है. अटकलबाजियों के विपरीत सरकार का आरबीआई से 3.6 या एक लाख करोड़ रुपये मांगने का कोई प्रस्ताव नहीं है.”

RBI की इकनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क पर चर्चा का प्रस्ताव

गर्ग ने कहा, ”केवल एक प्रस्ताव पर ही चर्चा चल रही है. वह प्रस्ताव रिजर्व बैंक की इकनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क की व्यवस्था तय करने को लेकर है.” आर्थिक मामलों के सचिव ने विश्वास जताया कि सरकार चालू वित्त वर्ष 2018-19 में रेवेन्यू डेफिसिट को जीडीपी के 3.3 फीसदी तक सीमित रखने के बजटीय लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहेगी.

वित्तीय घाटे को 3.3 फीसदी तक सीमित कर देंगे

गर्ग ने कहा कि सरकार का राजकोषीय स्थिति दुरुस्त है. उन्होंने कहा, ”वर्ष 2013-14 में सरकार का फिस्कल डेफिसिट जीडीपी के 5.1 फीसदी के बराबर था. उसके बाद से सरकार इसमें लगातार कमी करती आ रही है. हम वित्त वर्ष 2018-19 के अंत में वित्तीय घाटे को 3.3 फीसदी तक सीमित कर देंगे.’ उन्होंने फिस्कल टारगेट की अटकलों को खारिज किया. गर्ग ने कहा, ‘सरकार ने दरअसल बजट में इस साल बाजार से कर्ज जुटाने का जो अनुमान रखा था उसमें 70000 करोड़ रुपय की कमी स्वयं ही कम कर दी है.”

राहुल गांधी ने किया था तंज

बता दें, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 5 नवंबर को इंडियन एक्सप्रेस की खबर को ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों पर व्यंग्य किया था. राहुल ने कहा था कि प्रधानमंत्री को अपने विलक्षण आर्थिक ज्ञान के कारण फैली अव्यवस्था को ठीक करने के लिए अब रिजर्व बैंक से 3.60 लाख करोड़ रुपये की बड़ी रकम की आवश्यकता है पड़ गई है.

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