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मोदी सरकार की दो टूक- फ्री में नहीं मिलेगी बिजली, पहले देना होगा पैसा

केंद्र ने दो टूक शब्दों में कहा है कि फ्री बिजली जैसी कोई चीज नहीं है.

July 16, 2019 11:59 AM
No free power first pay and then get electricity says modi govtकेंद्र ने दो टूक शब्दों में कहा है कि फ्री बिजली जैसी कोई चीज नहीं है.

No Free Power: राज्यों की तरफ से फ्री बिजली देने वाली योजनाओं पर केंद्र सरकार की तरफ से किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलने वाली है. केंद्र ने दो टूक शब्दों में कहा है कि फ्री बिजली जैसी कोई चीज नहीं है. राज्य फ्री में बिजली दे सकते हैं लेकिन उन्हें इसके लिए अपने बजट से पेमेंट करना होगा. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा कि भारत एक नई व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जहां बिजली उपभोक्ता को पहले भुगतान करना होगा और फिर उसे बिजली की मिलेगी. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य समाज के कुछ वर्गों को निशुल्क बिजली दे सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए अपने बजट से भुगतान करना होगा.

फ्री बिजली जैसी कोई चीज नहीं

आरके सिंह ने कहा, ‘‘यही हम करने जा रहे हैं. हम भुगतान और आपूर्ति के बीच एक संपर्क बना रहे हैं. आपको पहले भुगतान करना होगा और फिर आपको बिजली मिलेगी… निशुल्क बिजली जैसी कोई चीज नहीं है. आप बिना निवेश के बिजली का उत्पादन नहीं कर सकते हैं.’’ ऊर्जा मंत्री 20वें सालाना पीटीसी भारत दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे.

उन्होंने कहा कि बिजली बनाने में लागत लगती है और किसी को इसके लिए भुगतान करना पड़ता है. अगर आप निशुल्क बिजली देना चाहते हैं तो दीजिए, लेकिन आपको (राज्यों को) इसके लिए अपने बजट से भुगतान करना होगा. यही हम करने जा रहे हैं.

राजनीतिक फायदे के लिए फ्री बिजली का दांव!

पावर सेक्टर के संकट की प्रमुख वजह बिजली भुगतान नहीं होना है. सिंह का कहना है कि कई राज्यों में राजनीतिक फैसले और उसकी व्यावहारिकता को लेकर सामंजस्य नहीं है. उन्होंने कहा, ”लोगों का मानना है, यदि आप विभिन्न वर्गों को फ्री बिजली देंगे तो इसका आपका फायदा ​मिलेगा. राज्य असल में राजनीतिक फायदे के लिए बिजली की कीमत रिकवर करना ही नहीं चाहते हैं. लेकिन, इस तरह की व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकती है.”

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