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1 जनवरी से लागू हुए 11 बदलाव; कार खरीद, पेमेंट, निवेश, बीमा, कारोबार तक पर असर

आज यानी 1 जनवरी से नया साल 2021 शुरू हो गया. साथ ही लागू हो गए कुछ नए नियम.

Updated: Jan 01, 2021 1:49 PM
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New Rules from January: आज यानी 1 जनवरी से नया साल 2021 शुरू हो गया. साथ ही लागू हो गए कुछ नए नियम. इन नियमों का आपके पैसों के लेनदेन, बीमा, चैटिंग, कार खरीदारी, निवेश और कारोबार तक पर असर पड़ेगा. कुछ नियम ऐसे भी हैं जो जनवरी माह से तो अमल में आएंगे लेकिन 1 जनवरी से ही प्रभावी नहीं हुए हैं. आइए डालते हैं एक नजर नए साल के पहले माह से लागू हो रहे ऐसे ही कुछ बदलावों पर…

चेक पेमेंट से जुड़ा नया नियम

RBI ने 1 जनवरी 2021 से चेक से पेमेंट करने के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम लागू करने का फैसला किया है. इस नए नियम के तहत चेक से 50,000 रुपये से अधिक के पेमेंट पर जरूरी डिटेल्स को फिर से कन्फर्म करने की जरूरत होगी. हालांकि, यह अकाउंट होल्डर पर निर्भर करेगा कि वह इस सुविधा का लाभ उठाता है या नहीं. पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत कोई भी जब चेक जारी करेगा तो उसे अपने बैंक को पूरी डिटेल देनी होगी. इसमें चेक जारी करने वाले को SMS, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम या मोबाइल बैंकिंग के जरिए इलेक्ट्रॉनिकली चेक की डेट, बेनेफिशियरी का नाम, अकाउंट नंबर, कुल अमाउंट और अन्य जरूरी जानकारी बैंक को देनी होगी.

कारें, टूव्हीलर हो रहे महंगे

देश में जनवरी 2021 से कारों की कीमतें 5 फीसदी तक बढ़ने वाली हैं. मारुति सुजुकी इंडिया, निसान, रेनॉ इंडिया, स्कोडा इंडिया, होंडा कार्स, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, फोर्ड इंडिया, इसूजू, बीएमडब्ल्यू इंडिया, ऑडी इंडिया, फॉक्सवैगन कार कंपनियां घोषणा कर चुकी हैं कि वे जनवरी से वाहनों की कीमतें बढ़ाएंगी. टूव्हीलर कंपनी हीरो मोटोकॉर्प भी बाइक-स्कूटर की कीमतों में 1 जनवरी से बढ़ोत्तरी का एलान कर चुकी है.

5000 रु तक का कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने घोषणा की थी कि दिसंबर की मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में कॉन्टैक्टलेस कार्ड ट्रांजेक्शन की सीमा को बढ़ाए जाने का फैसला किया गया है. ग्राहक अब इस माध्यम से 2000 रुपये के बजाय 5000 रुपये तक का ट्रांजेक्शन एक बार में कर सकेंगे. यह बढ़ी हुई लिमिट 1 जनवरी 2021 से लागू होगी.

सभी वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य

देश में 1 जनवरी 2021 से सभी व्हीकल्स के लिए फास्टैग (FASTag) अनिवार्य होने वाला है. 1 जनवरी 2021 से नए व्हीकल के साथ-साथ 1 दिसंबर 2017 से पहले बेचे गए वाहनों के लिए भी फास्टैग अनिवार्य होगा. हालांकि हाइवे टोल प्लाजा पर हाइब्रिड लेन में फास्टैग व कैश दोनों के जरिए टोल भुगतान 15 फरवरी 2021 तक मान्य रहेगा. यह भी अनिवार्य किया गया है कि किसी ट्रान्सपोर्ट व्हीकल के फिटनेस सर्टिफिकेट का रिन्युअल, वाहन पर फास्टैग लगे होने के बाद ही हो सकेगा. नए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को लेते हुए भी मान्य फास्टैग अनिवार्य होगा.

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म्यूचुअल फंड से जुड़े बदलाव

NAV कैलकुलेशन में बदलाव: सेबी ने 17 सितंबर 2020 को जारी सर्कुलर में म्यूचुअल फंड स्कीम में NAV कैलकुलेशन में बदलाव का एलान किया था. नए नियम 1 जनवरी 2021 से प्रभावी होंगे. 1 जनवरी, 2021 से निवेशकों को उस दिन के म्यूचुअल फंड्स का नेट एसेट वैल्यू यानी परचेज NAV एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के पास पैसे पहुंच जाने के बाद मिलेगा. लिक्विड और ओवरनाइट म्यूचुअल फंड स्कीम्स को छोड़कर सभी म्यूचुअल फंड्स स्कीम्स में दिन का क्लोजिंग NAV यूटिलाइजेशन के लिए उपलब्ध फंड्स के आधार पर तय होगा. मौजूदा नियमों के मुताबिक, 2 लाख रुपये से कम की खरीदारी में उसी दिन का NAV लागू होता है और ऑर्डर प्लेस हो जाता है, चाहे पैसा AMC के पास पहुंचा हो या नहीं.

हाई रिस्क को देखकर ले सकेंगे निर्णय: निवेशक म्यूचुअल फंड के जोखिम को ठीक तरह से पहचान सकें, इसके लिए सेबी ने 1 जनवरी 2021 से “very high risk” कैटेगिरी की शुरुआत करने का एलान किया है. सभी म्यूचुअल फंड्स को अब रिस्क-ओ-मीटर में 5 के बदले 6 संकेत दिखाने होंगे. “very high risk” कैटेगिरी के अलावा अन्य 5 श्रेणियां लो, मॉडरेटरी लो, मॉडरेट, मॉडेटरी हाई और हाई हैं.

मल्टीकैप में बदलेगा निवेश का तरीका: सेबी ने मल्टीकैप म्यूचुअल फंड कैटेगिरी के लिए एसेट अलोकेशन के नियमों में बदलाव किया है. नए नियम 1 जनवरी 2021 से लागू ​होंगे, हालांकि फंड हाउसेज को इसके लिए 31 जनवरी 2021 तक का समय दिया गया है. नए नियम के मुताबिक अब फंड्स का 75 फीसदी हिस्सा इक्विटी में निवेश करना जरूरी होगा, जो कि अभी न्यूनतम 65 फीसदी है. फंड हाउसेज को लॉर्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप में 25-25 फीसदी निवेश करना जरूरी होगा.

इंटर स्कीम ट्रांसफर के बदलेंगे नियम: 1 जनवरी, 2021 से क्लोज इंडेड फंड्स का इंटर-स्कीम ट्रांसफर निवेशकों को स्कीम की यूनिट अलॉट होने के केवल 3 कारोबारी दिनों के अंदर करना होगा. एक फंड हाउस की ओर से लिक्विडिटी बढ़ाने की कोशिश करने और खत्‍म होने के बाद ही इंटर-स्कीम ट्रांसफर किया जा सकता है. इनमें योजनाओं में उपलब्ध नकद व कैश इक्विवेलेंट एसेट्स का इस्‍तेमाल और बाजारों में स्‍कीम एसेट्स की बिक्री शामिल होगी.

सरल जीवन बीमा

बीमा नियामक IRDAI ने सभी बीमा कंपनियों को अगले साल 1 जनवरी से ‘सरल जीवन बीमा’ लॉन्च करने को कहा है. यह एक स्टैंडर्ड टर्म इंश्योरेंस होगा. इससे ग्राहकों को कंपनियों की ओर से पहले से दी गई जानकारियों के आधार पर फैसला लेने में मदद मिलेगी. IRDAI ने गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा कि नया कारोबार शुरू करने वाली सभी बीमा कंपनियों को अगले साल 1 जनवरी से स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस प्रॉडक्ट्स लाना जरूरी होगा. सरल जीवन बीमा 18 से 65 वर्ष के लोग खरीद सकेंगे और पॉलिसी 5 लाख से 25 लाख रुपये तक (50 हजार के गुणक में) की रहेगी. इस बारे में डिटेल में पढ़ें…  सरल जीवन बीमा: कम प्रीमियम में 25 लाख तक की पॉलिसी, 1 जनवरी से ले सकेंगे ग्राहक; जान लें नियम-शर्तें

कुछ फोन में नहीं चलेगा WhatsApp

अगले साल की शुरुआत के साथ, कुछ एंड्रॉयड और iOS स्मार्टफोन्स के लिए वॉट्सऐप (WhatsApp) सपोर्ट खत्म हो जाएगा. यह ऐप उन डिवाइसेज पर काम नहीं करेगा, जिनमें कम से कम एंड्रॉयड 4.0.3 ऑपरेटिंग सिस्टम और iOS 9 मौजूद नहीं है. आईफोन के लिए, फोन को कम से कम iOS 9 और उसके आगे और एंड्रॉयड यूजर्स को एंड्रॉयड 4.0.3 या ज्यादा नए वर्जन में अपडेट करना होगा. वॉट्सऐप को बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल करना जारी रखने के लिए यह जरूरी है.

UPI जुड़ा नियम

NPCI ने UPI में प्रोसेस्ड ट्रांजेक्शन के कुल वॉल्यूम पर 30 फीसदी की सीमा लगाई है जो सभी थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स (TPAPs) के लिए लागू है. यह नियम 1 जनवरी 2021 से लागू होगा. 30 फीसदी की सीमा को पिछले तीन महीने के दौरान UPI में प्रोसेस्ड ट्रांजैक्शन के कुल वॉल्यूम के आधार पर कैलकुलेट किया जाएगा.

GST के ई-इनवॉइसिंग सिस्टम में बदलाव

वस्तु और सेवा कर (GST) कानून के तहत 1 जनवरी 2021 से B2B (बिजनेस टू बिजनेस) बिजनेस ट्रांजेक्शन के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर होने पर ई-इनवॉयस जरूरी होगा. वहीं 1 अप्रैल 2021 से सभी टैक्सपेयर्स के लिए B2B ट्रांजेक्शंस पर ई-इनवॉयस जरूरी होगा. यह सिस्टम फिजिकल इनवॉयस की जगह लेगा, जल्द ही वर्तमान ई-वे बिल सिस्टम को भी हटा देगा और टैक्सपेयर को अलग से ई-वे बिल जनरेट नहीं करना होगा.

छोटे कारोबारियों को राहत

सालाना 5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले छोटे कारोबारियों को अगले वर्ष जनवरी से साल के दौरान केवल चार बिक्री रिटर्न (GSTR-3B) दाखिल करने होंगे. वर्तमान में इन कारोबारियों को मासिक आधार पर 12 रिटर्न दाखिल करने होते हैं. इस प्रकार अगले साल जनवरी से छोटे कारोबारियों को साल में चार जीएसटीआर-3बी और चार जीएसटीआर-1 रिटर्न दाखिल करने होंगे. कर की मासिक भुगतान योजना के साथ तिमाही रिटर्न दाखिल करने (क्यूआरएमपी) की योजना का असर करीब 94 लाख करदाताओं पर पड़ेगा.

लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल का नया नियम

अगले साल 15 जनवरी से देश में लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने का तरीका बदलने वाला है. 15 जनवरी 2021 से फिक्स्ड फोन से मोबाइल पर की जाने वाली हर कॉल के लिए मोबाइल नंबर से पहले ‘0’ लगाना जरूरी होगा. लैंडलाइन से लैंडलाइन, मोबाइल से लैंडलाइन और मोबाइल से मोबाइल पर कॉल करने के लिए डायलिंग प्लान में कोई बदलाव नहीं होगा.

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