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New Parliament Building: PM मोदी ने रखी नए संसद भवन की नींव, जानें क्यों पड़ी नई बिल्डिंग की जरूरत और क्या होगी खासियत

New Parliament Building: इसका निर्माण कार्य भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ तक पूरा कर लिया जाएगा.

Updated: Dec 10, 2020 4:05 PM
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New Parliament Bhumi Pujan: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने गुरुवार को नई दिल्ली में नए संसद भवन का शिलान्यास किया. चार मंजिला नए संसद भवन का निर्माण 971 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 64,500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किए जाने का प्रस्ताव है. इसका निर्माण कार्य भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ तक पूरा कर लिया जाएगा. प्रत्येक संसद सदस्य को पुनःनिर्मित श्रम शक्ति भवन में कार्यालय के लिए 40 वर्ग मीटर स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका निर्माण 2024 तक पूरा किया जाएगा. इस समारोह में समारोह में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, केंद्रीय मंत्री, रतन टाटा समेत ​देश-विदेश के कई गणमान्य अतिथि,कई देशों के राजदूत, विभिन्न धर्मों के धर्मगुरू और कई धार्मिक नेता मौजूद हैं.

लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि नए संसद भवन का डिजाइन अहमदाबाद के मैसर्स एचसीपी डिजाइन और मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है. इसका निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा. नए भवन को सभी आधुनिक दृश्य – श्रव्य संचार सुविधाओं और डाटा नेटवर्क प्रणालियों से सुसज्जित किया जाएगा. यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान संसद के सत्रों के आयोजन में कम से कम व्यवधान हो और पर्यावरण संबंधी सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया जाये.

नया संसद भवन समय की मांग: पीएम मोदी

नए संसद भवन के शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नया संसद भवन नूतन और पुरातन का समन्वय है. वर्तमान संसद भवन ने आजादी के आंदोलन और स्वतंत्र भारत के बढ़ने में बड़ी भूमिका निभाई है. आजाद भारत की पहली सरकार का गठन भी यहीं हुआ और पहली संसद भी यहीं बैठी. इसी भवन में हमारे संविधान की रचना और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना हुई. मौजूदा इमारत स्वतंत्र भारत के हर उतार चढ़ाव, चुनौतियों, आकांक्षाओं, सफलताओं का प्रतीक रही है.

आगे कहा कि संसद के शक्तिशाली इतिहास के साथ यथार्थ को भी स्वीकारना है. मौजूदा संसद भवन को पिछले 93 सालों में कई बार अपग्रेड किया गया है. कई बार दीवारों को तोड़ा गया, कभी नया साउंड सिस्टम, कभी कुछ और. इतना कुछ होने के बाद यह भवन अब विश्राम मांग रहा है. पिछले कुछ समय से नए संसद भवन की जरूरत महसूस की गई है. समय की मांग है कि 21वीं सदी के भारत को नया संसद भवन मिले.

नए भवन में कई ऐसी नई चीजें है, जिनसे सांसदों की इफीशिएंसी बढ़ेगी, वर्क कल्चर में आधुनिक तौर तरीके आएंगे. पुराने संसद भवन ने स्वतंत्रता के बाद के भारत को दिशा दी तो नया भवन आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का गवाह बनेगा. केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 2026 तक सांसदों के बड़ी संख्या में बढ़ने का अनुमान है, इसलिए नए संसद के निर्माण की जरूरत है. पुराने में संशोधन के बारे में भी सोचा गया लेकिन वह पर्याप्त नहीं होता. 2022 तक नए संसद का ​निर्माण पूरा करेंगे ताकि शीतकालीन सत्र नए भवन में आयोजित हो.

भवन में जाने के 6 रास्ते

नए संसद भवन में जाने के 6 रास्ते होंगे. एक एंट्रेंस पीएम और प्रेसिडेंट के लिए होगा. एक लोकसभा के स्पीकर, एक राज्य सभा के चेयरपर्सन, सांसदों के प्रवेश के लिए 1 एंट्रेंस और 2 पब्लिक एंट्रेंस होंगे. इसमें कुल 120 आफिस होंगे. जिसमें कमिटी रूम, मिनिस्ट्री ऑफ पार्लियामेंट्री अफेयर्स के ऑफिस, लोक सभा सेक्रेट्रिएट, राज्य सभा सेक्रेट्रिएट, पीएम आफिस आदि होंगे. इसमें सेंट्रल हॉल नहीं होगा. नए भवन के ऑफिसों में पेपरलेस काम किया जाएगा. इसमें सांसदों के लिए लाइब्रेरी, लॉन्ज, डाइनिंग एरिया भी होगा. इसमें पार्किंग भी आधुनिक तकनीक वाली होगी. भवन में फर्नीचर्स पर स्मार्ट डिस्प्ले होगा. वोटिंग में आसानी के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम होगा. नए संसद भवन में ट्रांसलेशन सिस्टम खास आकर्षण होगा, जिससे हर भाषा की स्पीच को हर सांसद समझ सके.

लोकसभा-राज्यसभा कक्ष की क्षमता

लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी, जिसमें संयुक्त सत्र के दौरान 1224 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था भी होगी. इसी प्रकार, राज्य सभा कक्ष में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी. नए संसद भवन में भारत की गौरवशाली विरासत को भी दर्शाया जाएगा. देश के कोने-कोने से आए दस्तकार और शिल्पकार अपनी कला और योगदान के माध्यम से इस भवन में सांस्कृतिक विविधता का समावेश करेंगे. नया संसद भवन अत्याधुनिक, तकनीकी सुविधाओं से लैस और एनर्जी इफीशिएंट होगा.

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नए सेफ्टी फीचर्स से होगी लैस

मौजूदा संसद भवन से सटी त्रिकोणीय आकार की नई इमारत सुरक्षा सुविधाओं से लैस होगी. नई लोकसभा मौजूदा आकार से तीन गुना बड़ी होगी. राज्यसभा के आकार में भी वृद्धि की गई है. नए भवन की सज्जा में भारतीय संस्कृति, क्षेत्रीय कला, शिल्प और वास्तुकला की विविधता का समृद्ध मिलाजुला स्वरूप होगा. डिजाइन प्लान में केन्द्रीय संवैधानिक गैलरी को स्थान दिया गया है. आम लोग इसे देख सकेंगे. वहां भारत के संविधान की मूल प्रति को भी रखा जाएगा. नये संसद भवन के निर्माण में ग्रीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा और पर्यावरण अनुकूल कार्यशैली को बढ़ावा दिया जाएगा. इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे एवं आर्थिक पुनरूद्धार के द्वार खुलेंगे.

नए संसद भवन में उच्च गुणवत्ता वाली ध्वनि व दृश्य-श्रव्य सुविधाएं, बैठने की आरामदायक व्यवस्था, प्रभावी और समावेशी आपातकालीन निकासी की व्यवस्था होगी. इमारत उच्चतम संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का पालन करेगी, जिसमें भूकंपीय क्षेत्र 5 की आवश्यकताओं का पालन करना भी शामिल है और इसे रखरखाव व संचालन में आसानी होने के लिए डिजाइन किया गया है. लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, नया संसद भवन भारत के लोकतंत्र और भारतवासियों के गौरव का प्रतीक होगा जो न केवल देश के गौरवशाली इतिहास अपितु इसकी एकता और विविधता का भी परिचय देगा.

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