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GDP गणना के लिए बदलेगा बेस ईयर, कुछ महीनों में होगा फैसला

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) गणना की नई श्रृंखला के लिए कुछ महीनों के भीतर नए बेस ईयर पर फैसला लेगा.

November 6, 2019 12:28 PM

Indian GDP: सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) गणना की नई श्रृंखला के लिए कुछ महीनों के भीतर नए बेस ईयर पर फैसला लेगा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. मंत्रालय 2017-18 को नया बेस ईयर बनाने पर विचार कर रहा है. हालांकि, अभी इस बारे में कोई अंतिम निर्णय नहीं किया गया है क्योंकि इस बारे में विचार कर रही विशेषज्ञों की समिति को थोड़े और आंकड़ों का इंतजार है.

सांख्यिकी सचिव प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा कि आधार वर्ष (GDP के लिए) को बदलने का निर्णय अगले कुछ महीनों में कर लिया जाएगा. उनके मुताबिक सरकार को उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण और उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण के आने का इंतजार है. इसके लिए सारी तैयारी कर ली गयी है. उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एक बार परिणाम आ जाए, फिर वे इसे संबंधित समिति (आधार वर्ष के लिए विशेषज्ञ समिति) के सामने रखेंगे.

पहले  2009-10 पर भी किया गया था विचार

यह निर्णय वैश्विक और राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखकर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले जब जीडीपी की नयी श्रृंखला के लिए 2011-12 को बेस ईयर बनाया गया था. उस दौरान सरकार ने 2009-10 पर भी विचार किया था. लेकिन अर्थशास्त्रियों का मानना था कि 2009-10 वैश्विक और घरेलू तौर पर अच्छा वर्ष नहीं था इसलिए 2011-12 को जीडीपी की नई श्रृंखला का आधार वर्ष बनाया गया.

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अर्थव्यवस्था के ढांचे के मुताबिक होगा बदलाव

जब उनसे अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी IIP, CPI और WPI के आंकड़ों का इंतजार करना चाहिए, जो नवंबर आ जाएंगे. इस वित्तीय वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी 5 फीसदी के साथ छह साल के निचले स्तर पर आ गई थी. इसके बाद सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था के लिए कई कदम उठाए. जब श्रीवास्तव से यह पूछा गया कि जानकारों के हिसाब से IIP कम रहने का अनुमान है, तो उन्होंने कहा कि वो डाटा का पहले से आंकलन नहीं करते. जीडीपी के नये बेस ईयर की जरूरत पर उन्होंने कहा कि यह बदलाव अर्थव्यवस्था के ढांचे में बदलाव के आधार पर है.

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