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मोदी सरकार के MSME जॉब पोर्टल पर 4.73 लाख लोग खोज रहे रोज़गार, लेकिन नौकरियां हैं सिर्फ 54

मोदी सरकार के जॉब पोर्टल संपर्क Sampark पर 4.73 लाख से ज्यादा नौकरी चाहने वाले पंजीकृत हैं, जबकि रोजगार देने वालों की संख्या 6,200 से अधिक है.

Updated: Oct 04, 2021 5:07 PM
Modi govt’s MSME job portalसंपर्क पोर्टल में रिक्तियों की संख्या सिर्फ 54 है, जबकि नौकरी चाहने वालों की संख्या 4,73,729 है.

Skill, Labour, Talent for MSMEs: छोटे और मझोल उद्योगों में रोजगार को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए मोदी सरकार ने जॉब पोर्टल संपर्क (Sampark) की शुरूआत की थी. इसके ज़रिए भारत भर में MSME टेक्नोलॉजी सेंटरों से पास-आउट प्रशिक्षुओं या स्टूडेंट्स को हायर किया जाता है. इस पोर्टल में अभी 4.73 लाख से ज्यादा नौकरी चाहने वाले और 6,200 से ज्यादा रिक्रूटर्स पंजीकृत हैं. इस सप्ताह की शुरुआत में DPIIT द्वारा आयोजित एक वर्कशॉप में यह जानकारी दी गई. इस मीटिंग की अध्यक्षता वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने की.

इस रिपोर्ट को लिखे जाने के समय तक पोर्टल के अनुसार भर्ती के लिए उपलब्ध खाली पदों की संख्या सिर्फ 54 और ओपन जॉब पोस्टिंग की संख्या 10 थी. जबकि पोर्टल में पंजीकृत नौकरी चाहने वालों की संख्या 4,73,729 और रिक्रुटर्स की संख्या 6234 है. 27 जून, 2018 को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने एमएसएमई संपर्क (MSME Sampark) पोर्टल की शुरूआत की थी.

नौकरी चाहने वालों की संख्या में केवल 1.65 फीसदी का इजाफा

नौकरी चाहने वालों की संख्या 7 सितंबर 2020 तक 4.66 लाख थी, जिसमें केवल 1.65 फीसदी का इजाफा हुआ है. जबकि इसी अवधि के दौरान रिक्रुटर्स की संख्या में 8.92 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. 7 सितंबर 2020 तक रिक्रुटर्स की संख्या 5,723 थी. दूसरी ओर, पिछले साल सितंबर में प्लेस्ड उम्मीदवारों (जिन उम्मीदवारों को नौकरी मिल गई है) की संख्या 10,388 थी, जो कि अब 2.87 गुना बढ़कर 29,899 हो गई है. पिछले साल रिक्तियों की संख्या 1,051 और 74 ओपन जॉब पोस्टिंग थी.

क्या कहते हैं NSS के आंकड़े

पिछले साल MSME मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 2015-16 के दौरान नेशनल सैंपल सर्वे (NSS) के आंकड़ों के अनुसार, MSME सेक्टर ने 11.10 करोड़ नौकरियां पैदा कीं. इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 3.6 करोड़, ट्रेड में 3.87 करोड़, अन्य सेवाओं में 3.62 करोड़ और नॉन-कैप्टिव इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन और ट्रांसमिशन में 0.07 लाख नौकरियां शामिल हैं. मार्केट रिसर्च फर्म Ipsos द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में प्रकाशित What Worries the World नामक एक सर्वे के अनुसार, बेरोजगारी और कोरोना महामारी शहरी भारतीयों की सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरे हैं.

क्या कहते हैं CMIE के आंकड़े

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के दौरान नौकरियों में 85 लाख की बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण वेतनभोगी नौकरियां अगस्त में 771 लाख से बढ़कर सितंबर में 841 लाख हो गई. दूसरी ओर, बेरोजगारी दर अगस्त में 8.3 प्रतिशत से घटकर सितंबर में 6.9 प्रतिशत हो गई. श्रम भागीदारी दर 40.5 प्रतिशत से बढ़कर 40.7 प्रतिशत हो गई जबकि रोजगार दर 37.2 प्रतिशत से बढ़कर 37.9 प्रतिशत हो गई.

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