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Monsoon Update: अगले 3 से 4 दिन इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कहां-कहां पहुंचा मॉनसून

15 जून तक गुजरात, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और निचले मध्य प्रदेश तक पहुंच जाएगा.

Updated: Jun 12, 2020 12:21 PM
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दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest monsoon) ने गुरूवार को ही महाराष्ट्र में दस्तक दे दी है. मॉनसूनी बादलों ने ओडीशा पर डेरा जमा लिया है, वहीं गुजरात की ओर भी ये बए़ चले हैं. अगले 24 से 48 घंटों में ओडीशा और गुजरात के अलावा बिहार के पूर्वी इलाकों में भी मॉनूसन की एंट्री हो सकती है. 15 जून तक गुजरात, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और निचले मध्य प्रदेश तक पहुंच जाएगा. भारत मौसम विभाग पर दिए गए अनुमान के मुताबिक 5 जून तक यह पूरे भारत को कवर कर लेगा. बता दें कि इस साल 1 जून को यानी अपने तय समय पर मॉनसून ने केरल में दस्तक दे दी थी. वहीं इस साल सामान्य से 102 फीसदी बारिश का अनुमान है.

अब तक कहां-कहां पहुंचा मॉनसून

12 जून दोपहर 12 बजे तक आईएमडी पर बने चार्ट के अनुसार अबतक मॉनूसन ने देश के दक्षिणी राज्यों के ज्यादातर इलाकों को कवर कर लिया है. केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप का 100 फीसदी इलाका मॉनसून से कवर हो चुका है. इसके अलावा मॉनसून ने महाराष्ट्र, ओडीशा, तेलंगाना और नॉर्थ इ्रस्ट के कई इलाकों में दस्तक दे दी है.

12 से 16 जून तक कहां होगी भारी बारिश

12 से 16 जून तक की बात करें तो कोंकण, गोवा, कोस्टल कर्नाटक, इंटीरियर कर्नाटक, केरल, माहे, तेलंगाना, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात, रायलसीमा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, असम सहित नॉर्थ ईस्ट के ज्यादातर इलाके, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड में भारी या भारी से भारी बारिश होने का अनुमसन है. इस दौरान पश्चिमी राजस्थान में गर्म हवाएं चलती रहेंगी. 12 जून यानी शुक्रवार को दिल्ली और आस पास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है.

11 जून को कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश

मौसम की जानकारी देने वाली एजेंसी स्काईमेट के अनुसार 11 जून को महाराष्ट्र के परभनी में सबसे ज्यादा 186 एमएम बारिश दर्ज हुई. आंध्र प्रदेश के कवाली में 14 एमएम, कार निकोबार में 123 एमएम, तेलंगाना के हनमकोंडा में 118 एमएम, आंध्र प्रदेश के नांड्याला में 105 एमएम, कर्नाटक के करवार में 80 एमएम, कर्नाटक के मंगलौर में 74 एमएम और असल में नॉर्थ लखीमपुर में 72 एमएम बारिश दर्ज हुई.

मॉनसून की संभावना

मौसम विभाग के अुनसार 48 फीसदी संभावना है कि सीजन में लांग टर्म पीरियड एवरेज में पूरे देश में मानसून सामान्य से 96 से 104 फीसदी हो. वहीं 21 फीसदी संभावना यह भी है कि मानसून 104 से 110 फीसदी के बीच रहे. 9 फीसदी संभावना है कि मानसून 110 फीसदी से भी ज्यादा रहे. सामान्य से कम बारिश होने की संभावना 20 फीसदी है.

अर्थव्यवस्था के लिए अहम है मानसून

बता दें कि भारत में होने वाली कुल बारिश का करीब 80 फीसदी बारिश मानसून सीजन में ही होती है. अमूमन यह जून के अंत से शुरू होता है और सितंबर तक जारी रहता है. मानसून देश की अर्थव्यवस्था के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है. भारत में खेती बारी पूरी तरह से मानसून पर ही निर्भर है.

ऐसे में अच्छी बारिश का मतलब है कि ज्यादा पैदावार और ज्यादा पैदावार का मतलब है कि रूरल इनकम में सुधार. जब रूरल इनकम बढ़ती है तो कंजम्पशन में भी बढ़ोत्तरी होती है. एफएमसीजी, आटो, कंज्यूमर सेक्टर में इस मांग का बड़ा असर देखा जाता है. मांग बढ़ने से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का अवसर मिलता है.

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