Monkeypox: तेजी से बढ़ रहे मंकीपॉक्स के मामले, कितना खतरनाक है यह वायरस? क्या हैं इसके लक्षण और इलाज?

Monkeypox से संक्रमित ज्यादातर मरीजों में बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगने और थकान के लक्षण देखे गए हैं.

Monkeypox cases detected in over 12 countries
कोरोना वायरस का प्रकोप अभी खत्म भी नहीं हुआ है और इस बीच कई देशों में मंकी पॉक्स (Monkeypox) वायरस के मामले मिलने लगे हैं.

Monkeypox: कोरोना महामारी के बीच अब कई देशों में मंकी पॉक्स (Monkeypox) वायरस के मामले मिलने लगे हैं. ब्रिटेन में शुरू हुए मंकीपॉक्स वायरस के मामलों की अब कनाडा और स्पेन समेत 12 से अधिक देशों में पुष्टि हो चुकी है. संक्रमित लोगों में से ज्यादातर मरीज युवा हैं. फ्रांस, जर्मनी, बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया में भी मंकीपॉक्स के मामले दर्ज किए गए हैं. मंकीपॉक्स के लिए जिम्मेदार वायरस बंदरों और अन्य जंगली जानवरों में पैदा होता है. इससे संक्रमित ज्यादातर मरीजों में बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगने और थकान के लक्षण देखे गए हैं. गंभीर मामलों में मरीजों के चेहरे, हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों पर चकत्ते व दाने भी निकल सकते हैं.

मंकीपॉक्स क्या है?

मंकीपॉक्स, मंकीपॉक्स वायरस के कारण होने वाली एक दुर्लभ बीमारी है, जो चेचक की तरह ही है. हालांकि, आमतौर पर यह ज्यादा गंभीर बीमारी नहीं है. यह एक ऑर्थोपॉक्सवायरस है, जो वायरस का एक जीनस है जिसमें वेरियोला वायरस भी शामिल है, जिसके चलते चेचक होता है. इसी परिवार के वैक्सीनिया वायरस का इस्तेमाल चेचक के टीके में किया गया था. आम तौर पर मध्य और पश्चिम अफ्रीका के दूरदराज के हिस्सों में होने वाला यह वायरस पहली बार 1958 में बंदरों में पाया गया था. इंसानों में पहली बार यह मामला 1970 में दर्ज किया गया था.

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कैसे फैलता है मंकीपॉक्स?

मंकीपॉक्स तब फैलता है जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति, जानवर या वायरस से संक्रमित के संपर्क में आता है. वायरस त्वचा, रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट या आंख, नाक और मुंह के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है. मानव-से-मानव में यह आमतौर पर रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स के माध्यम से फैलता है. पशु से इंसानों में यह काटने या खरोंच के माध्यम से फैल सकता है. मंकीपॉक्स को आमतौर पर सेक्सुअली फैलने वाला रोग नहीं माना जाता है, हालांकि सेक्स के दौरान यह एक इंसान से दूसरे में फैल सकता है.

क्या हैं इसके लक्षण

मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, सूजन और पीठ दर्द शामिल हैं. मरीजों में आमतौर पर बुखार आने के एक से तीन दिन बाद दाने निकल आते हैं. यह अक्सर चेहरे से शुरू होता है और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है, जैसे हाथों की हथेलियों और पैरों के तलवों में. दाने में खुजली भी होता है. संक्रमण आमतौर पर दो से चार हफ्ते तक रहता है और आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है.

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क्या है इसका इलाज?

मंकीपॉक्स के लिए वर्तमान में कोई प्रमाणित और सुरक्षित इलाज नहीं है, हालांकि अधिकांश मामले हल्के होते हैं. जिन लोगों को वायरस से संक्रमित होने का संदेह है, उन्हें कमरे में अलग-थलग किया जा सकता है. रोगियों को अलग करने के लिए उपयोग किए जाने वाले स्थान और पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट का उपयोग करके हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स द्वारा निगरानी की जाती है. हालांकि, चेचक के टीके वायरस के प्रसार को रोकने में काफी हद तक प्रभावी साबित हुए हैं.

कितना खतरनाक है यह वायरस

पश्चिम अफ्रीका में कुछ मौतें हुई हैं, इसलिए मंकीपॉक्स के मामले कभी-कभी अधिक गंभीर हो सकते हैं. हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इसका ज्यादा खतरा नहीं है और आम जनता के लिए जोखिम बहुत कम है.

(इनपुट-पीटीआई, इंडियन एक्सप्रेस)

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