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भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ सख्त एक्शन, मोदी सरकार ने और 15 अधिकारियों को किया बर्खास्त

इन अधिका​रियों में प्रिंसिपल कमिश्नर रैंक के एक अफसर भी शामिल है. इन्हें भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों में बर्खास्त किया गया है.

June 18, 2019 6:39 PM
modi Govt sacks 15 customs, central excise officers on charges of corruption, briberyइन अधिका​रियों में प्रिंसिपल कमिश्नर रैंक के एक अफसर भी शामिल है. इन्हें भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों में बर्खास्त किया गया है. (Image: PTI)

भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ मोदी सरकार की कार्रवाई जारी है. इनकम टैक्स विभाग के 12 सीनियर अफसरों को हटाने के बाद सरकार ने मंगलवार को कस्टम्स एंड सेंट्रल एक्साइज विभाग के 15 सीनियर अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया. इन अधिका​रियों में प्रिंसिपल कमिश्नर रैंक के एक अफसर भी शामिल हैं. इन सभी को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों में बर्खास्त किया गया है.

बता दें कि एक हफ्ते पहले ही मोदी सरकार ने आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया था. इन अफसरों पर रिश्वत, वसूली, एक पर महिला अफसरों का यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगे थे.

वित्त मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार, मूल नियमावली के रूल 56(j) के तहत सरकार ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के इन अफसरों को बर्खास्त कर दिया है. इनमें प्रिंसिपल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर रैंक के अधिकारी शामिल हैं. इनमें से कुछ अधिकारी पहले से ही निलंबित चल रहे थे.

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जबरिया रिटायर किए गए गए इन अधिकारियों के खिलाफ CBI के द्वारा भ्रष्टाचार के केस दर्ज थे या रिश्वतखोरी, वसूली और आय से अधिक संपत्ति के मामले चल रहे थे. आदेश के अनुसार, बर्खास्त अफसरों में प्रिंसिपल कमिश्नर अनूप श्रीवास्तव भी शामिल हैं, जो दिल्ली में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड में प्रिंसिपल ADG (ऑडिट) के पद पर कार्यरत थे. ज्वाइंट कमिश्नर नलिन कुमार को भी कार्यमुक्त कर दिया गया है.

सूत्रों का कहना है कि 1996 में CBI ने अनूप के खिलाफ एक आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने एक हाउस बिल्डिंग सोसायटी को फायदा पहुंचाया, जो नियमों की अनदेखी कर जमीन खरीद के लिए एनओसी पाने की कोशिश कर रही थी.

सीबीआई ने 2012 में भी अनूप श्रीवास्तव के खिलाफ टैक्स चोरी मामले पर पर्दा डालने के लिए एक इम्पोर्टर से कथित तौर पर घूस मांगने और लेने का मामला दर्ज किया था. उनके खिलाफ उत्पीड़न और जबरन वसूली की शिकायतें भी थीं. वहीं, ज्वाइंट कमिश्नर नलिन कुमार पहले से निलंबित थे और उनके खिलाफ सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति समेत कई केस दर्ज किए थे. इन्हें भी मंगलवार को सरकार ने सर्विस से बर्खास्त कर दिया.

क्या है फंडामेंटल रूल्स का रूल 56(j)

वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, ‘फंडामेंटल रूल्स के रूल 56 (j) के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए भारत के राष्ट्रपति ने भारतीय राजस्व सेवा (C&CE) के 15 अफसरों को 50 साल की उम्र पूरी करने के बाद जनहित में तत्काल प्रभाव से रिटायर कर दिया है.’

इन सभी 15 अधिकारियों को सेवानिवृत्ति से पहले मिलने वाले वेतन एवं भत्तों के मुताबिक तीन महीने के वेतन एवं भत्ते दिए जाएंगे. बता दें, नियम 56(j) के तहत जनहित में किसी भी सरकारी अधिकारी को उचित प्राधिकारी द्वारा तीन माह की नोटिस अवधि के साथ सेवामुक्त किया जा सकता है.

इन 15 अफसरों पर गिरी गाज

आदेश के मुताबिक कोलकाता में आयुक्त संसार चंद (घूसखोरी में), चेन्नै में आयुक्त जी श्री हर्ष (आय से अधिक संपत्ति केस) को भी बर्खास्त कर दिया गया है. इनके अलावा दो कमिश्नर रैंक के अधिकारियों- अतुल दीक्षित एवं विनय बृज सिंह को भी सेवामुक्त कर दिया गया. इन्हें विभाग ने पहले ही निलंबित कर दिया था.

जबरन रिटायर किए गए अन्य अधिकारियों में दिल्ली GST जोन के उपायुक्त अमरेश जैन (आय से अधिक संपत्ति), अतिरिक्त आयुक्त रैंक के दो अधिकारियों अशोक महीदा और विरेंद्र अग्रवाल, सहायक आयुक्त रैंक के अधिकारियों एसएस पबाना, एसएस बिष्ट, विनोद सांगा, राजू सेकर, मोहम्मद अल्ताफ (इलाहाबाद) और दिल्ली के लॉजिस्टिक्स निदेशालय में उपायुक्त अशोक असवाल शामिल हैं.

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