मुख्य समाचार:

चुनाव से पहले मोदी के सामने है ये बड़ी चुनौती, जानिए रघुराम राजन ने क्या कहा?

RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एक इंटरव्यू में मोदी सरकार को चुनावों से पहले 1 बड़ी चुनौती पर फोकस करने की बात कही है.

August 24, 2018 3:47 PM
Raghuram Rajan, PM Modi, Modi Govt one problem before polls, Rupee, RBI, Raghuram Rajan lstest news, challenges for modi govt before 2019 general election, 2019 general election , 2019 electionRBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एक इंटरव्यू में मोदी सरकार को चुनावों से पहले 1 बड़ी चुनौती पर फोकस करने की बात कही है. (Reuters)

भारत की आर्थिक तरक्की को नई रफ्तार देने का दावा करने वाली मोदी सरकार के सामने चुनावों से पहले सबसे बड़ी चुनौती क्या है? साथ ही इस चुनौती से पार पाना PM मोदी के लिए कितना अहम है? भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एक इंटरव्यू में मोदी सरकार के सामने चुनावों से पहले की सबसे बड़ी चुनौती का खुलासा किया है.

CAD है सबसे बड़ी चुनौती

रघुराम राजन ने ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में मोदी सरकार की तरफ से राजकोषीय घाटे को नीचे लाने की कोशिशों की सराहना की है. साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले उभरती हुई अर्थव्यवस्था भारत को अपने चालू खाता घाटा (CAD) को काबू में करने की कोशिश करनी चाहिए. यानी, मोदी सरकार को CAD पर फोकस करना चाहिए.

GDP का 2.8% रह सकता है CAD

हाल ही में वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बातया था कि सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल कर लेगी लेकिन क्रूड की कीमतों में तेजी के चलते सीएडी निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा रह सकता है. नोमूरा ने चालू वित्त वर्ष 2018-19 में सीएडी का जीडीपी का 2.8 फीसदी रह सकता है.

मोदी सरकार राजकोषीय घाटे को FY14 के 4.5 फीसदी से घटाकर FY18 में 3.5 फीसदी पर लाई है. 2018-19 में इसे 3.2 फीसदी तक रखने का लक्ष्य तय किया है.

रुपया नहीं है बड़ी चुनौती

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट को लेकर बढ़ रही चिंताओं को रघुराम राजन ने खारिज किया है. राजन का कहना है कि रुपये का गिरना चिंताजनक नहीं है. उन्होंने कहा कि रुपये में गिरावट इस स्तर पर चिंताजनक नहीं है. रुपये में गिरावट की अहम वजह डॉलर की मजबूती हो सकती है.

एनॉलिस्ट भी रुपये को बता चुके हैं ओवरवैल्यूड

इस महीने रुपया एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करंसी रही. डॉलर के मुकाबले रुपया 70 के स्तर के पार चला गया. रघुराम राजन की तरह कुछ एनॉलिस्ट ने भी रुपये को ओवरवैल्यूड बता चुके हैं और इसमें गिरावट को जरूरी बता चुके हैं.

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री सुनील सिन्हा ने हाल ही में कहा था, ओवरवैल्यूड रुपया भारत के निर्यात को नुकसान पहुंचा रहा है. रुपये के वास्तविक स्तर पर आने में शॉर्ट टर्म में कुछ नुकसान हो सकता है लेकिन लंबी अवधि में यह सहायक साबित होगा.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. चुनाव से पहले मोदी के सामने है ये बड़ी चुनौती, जानिए रघुराम राजन ने क्या कहा?

Go to Top