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क्रूड 4 अक्टूबर के बाद 30% हुआ सस्ता, लेकिन 12% ही घटे पेट्रोल के दाम, जानिए अब क्या है सरकार का प्लान

देश की जनता को महंगे पेट्रोल-डीजल से हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने 4 अक्टूबर को फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी 1 रुपये प्रति लीटर घटा दी थी.

November 28, 2018 1:07 PM
petrol, diesel, fuel, crude oil, excise duty on fuel, modi government may hike excise duty on petrol diesel againपिछले 2 महीनों में क्रूड तेल की कीमतों में 30 फीसदी गिरावट ने सरकार को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की गुंजाइश दे दी है. (Reuters)

क्रूड आॅयल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे जा चुकी हैं. लेकिन इस गिरावट से भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में कमी आने की उम्मीद कम ही है. इसकी वजह है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम में आई इस नरमी को देखते हुए सरकार एक बार फिर से फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने पर विचार कर रही है.

अक्टूबर में घटाई थी एक्साइज ड्यूटी

लगभग दो महीने पहले क्रूड आॅयल 86.74 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर था. अक्टूबर की शुरुआत में जब तेल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास थीं, उस समय हर जगह चिंता बढ़ती जा रही थी. वहीं भारत सरकार का मानना था कि तेल कीमतों में यह तेजी कुछ समय के लिए ही है.

लेकिन फिर भी देश की जनता को महंगे पेट्रोल-डीजल से हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने 4 अक्टूबर को फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी 1 रुपये प्रति लीटर घटा दी थी.

अब क्यों चाहती है बढ़ाना

सरकार के इस कदम से चुनावी साल में वित्तीय स्थिति को झटका लगा. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब जब क्रूड तेल की कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं तो सरकार फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी फिर से 1 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने पर विचार कर रही है. यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है.

रिपोर्ट में कहा गया है है कि पिछले 2 महीनों में क्रूड तेल की कीमतों में 30 फीसदी गिरावट ने सरकार को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की गुंजाइश दे दी है. सरकार के रेवेन्यु में एक्साइज ड्यूटी का बड़ा योगदान रहता है, खासकर पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली ड्यूटी का. इसके चलते सरकार नहीं चा​हेगी कि आखिरी साल में उसकी बैलेंस शीट खराब दिखे.

वित्त मंत्री ने कही थी वित्तीय घाटा लक्ष्य प्रभावित न होने की बात

हालांकि अक्टू​बर में एक्साइज ड्यूटी में कटौती की घोषणा करते वक्त वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि इस कटौती से केन्द्र के खजाने पर केवल 0.05 फीसदी का बोझ आएगा और इससे जीडीपी के 3.3 फीसदी का वित्तीय घाटा लक्ष्य प्रभावित नहीं होगा.

अभी कितनी एक्साइज ड्यूटी

इस वक्त केन्द्र सरकार पेट्रोल पर 18.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 14.33 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है. इसके बाद वैट लगता है, जिसकी दर अलग-अलग राज्य में अलग-अलग है. क्रूड में गिरावट और रुपये में तेजी से हुई लगातार कटौती के चलते इस सप्ताह की शुरुआत में मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रुपये प्रति लीटर से नीचे आ चुकी है.

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