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मन की बात: पूर्वी भारत के विकास के बिना देश का संतुलित आर्थिक विकास संभव नहीं- PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को एक बार फिर मन की बात रेडियो प्रोग्राम के जरिए देशवासियों से जुड़े.

Updated: May 31, 2020 12:03 PM

Mann Ki baat radio programme by Prime minister Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) 31 मई को एक बार फिर मन की बात रेडियो प्रोग्राम के जरिए देशवासियों से जुड़े. पीएम मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत लॉकडाउन में दी गई ढील पर बात करते हुए की. उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से पर से लॉकडाउन हट चुका है. कई उद्योग व सेवाएं फिर जारी हो चुकी हैं. इसके साथ ही कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ जंग भी मजबूती से जारी है.

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संकट की चोट सबसे ज्यादा हमारे श्रमिक वर्ग पर पड़ी है. उनकी तकलीफों का बांटने का प्रयास पूरा देश कर रहा है. सरकार प्रवासी मजदूरों को स्किल्ड बनाने के लिए कई कदम उठा रही है. कहीं श्रमिकों की स्किल मैपिंग का काम हो रहा है, कहीं स्टार्ट-अप इस काम में जुटे हैं, कहीं माइग्रेशन कमीशन बनाने की बात हो रही है. पीएम मोदी ने रेलवे के कर्मचारियों की भी तारीफ की, जो हर वक्त लोगों को घर पहुंचाने में जुटे हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि श्रमिकों की बात होती है तो पूर्वी भारत उभरता है. पूर्वी भारत में बेहद संभावना मौजूद है, इसलिए इस हिस्से के विकास पर ध्यान दिया जाना बेहद जरूरी है. पूर्वी भारत के विकास के बिना देश का सं​तुलित विकास संभव नहीं है.

कोरोना काल में पढ़ाई के क्षेत्र में हुईं इनोवेशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना काल में पढ़ाई के क्षेत्र में भी कई अलग अलग इनोवेशन शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर किए हैं. ऑनलाइन क्लासेज को शुरू किया गया है. कोरोना की दवा पर हमारी लैब में जो काम हो रहा है, उस पर पूरी दुनिया की नजर है.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई का रास्ता काफी लंबा है. इस दौरान हम सभी नई-नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. हमारे डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, मीडिया के साथी ये सब जो सेवा कर रहे हैं, उसकी चर्चा मैंने कई बार की है. ‘मन की बात’ में भी मैंने उसका जिक्र किया है. सेवा में अपना सब कुछ समर्पित कर देने वाले लोगों की संख्या अनगिनत है.’

आत्मनिर्भर भारत पर व्यापक मंथन शुरू

पीएम मोदी ने प्रोग्राम में आत्मनिर्भर भारत पर भी बात की. पीएम ने कहा कि आज आत्मनिर्भर भारत की अत्यधिक आवश्यकता महसूस की जा रही है. आज हमारे गांव और कस्बे आत्मनिर्भर होते तो हमें कोरोना काल में ये दिन न देखने पड़ते. उन्होंने कहा कि अब देश के विभिन्न तबकों में आत्मनिर्भर भारत पर व्यापक मंथन शुरू हुआ है. इसका नेतृत्व देशवासी अपने हाथ में ले रहे हैं. वोकल फॉर लोकल के लिए आवाज तेज हुई है.

आयुर्वेद और योग में बढ़ी दुनिया की दिलचस्पी

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के दौर में विश्व के अनेक नेताओं से बातचीत हुई. उनमें से कइयों ने योग व आयुर्वेद में काफी दिलचस्पी दिखाई है. कोरोना संकट में योग और आयुर्वेद के बारे में लोग जानना चाह रहे हैं, उसकी मदद लेना चाह रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी आ रहा है. इसे देखते हुए आयुष मंत्रालय ने ‘माई लाइफ माई योग’ नाम की एक प्रतियोगिता शुरू की है. इसमें योग का 3 मिनट का वीडियो बनाकर दिखाना है और योग से आपके जीवन में आए बदलाव के बारे में बताना है.

आयुष्मान भारत पर भी बोले पीएम

आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की संख्या हाल ही में 1 करोड़ के पार हो गई है. इसका अर्थ है कि इस योजना से इतनी बड़ी संख्या में गरीबों को इलाज हासिल हुआ है. इसमें से 80 फीसदी लाभार्थी ग्रामीण इलाकों से हैं. वहीं 50 फीसदी लाभार्थी महिलाएं हैं.

अम्फान और टिड्डियों का कहर

पीएम मोदी ने कहा कि एक ओर हम महामारी से लड़ रहे हैं, वहीं पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में प्राकृतिक आपदा का भी सामना करना पड़ रहा है. पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अम्फान साइक्लोन ने काफी तबाही फैलाई है. संकट की इस घड़ी में देश वहां के लोगों के साथ खड़ा है. इसके अलावा देश के कई हिस्से टिड्डी के हमलों से प्रभावित हैं. टिड्डी दल का हमला कई दिनों तक चलता है और काफी नुकसान पहुंचाता है. इससे हमारे कृषि क्षेत्र को बचाने की कोशिश पूरे जोरों पर है.

पर्यावरण को बचाना है जरूरी

पीएम ने रेडियो कार्यक्रम में कहा कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा. इस बार की थीम जैव विविधता है. लॉकडाउन में जीवन की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई, लेकिन इससे हमें अपने आसपास मौजूद जैव विविधता को देखने का मौका भी मिला. आमतौर पर न दिखने वाले कई पक्षी फिर दिखाई देने लगे, कई पशु निडर विचरण करते नजर आए.

आगे कहा कि पानी के साथ भी हमारी जिम्मेदारी बनती है. हमें बारिश की एक-एक बूंद को बचाना है. कई सरल उपायों से हम बारिश के पानी का संरक्षण कर सकते हैं. इसके अलावा स्वच्छ पर्यावरण की चिंता हमें व्यक्तिगत स्तर पर करनी होगी. इसलिए इस पर्यावरण दिवस पर पेड़ जरूर लगाएं. बढ़ती गर्मी में पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम जरूर करें.

लॉकडाउन खुला लेकिन न हों लापरवाह

पीएम ने कहा कि हमें महामारी के खिलाफ लड़ाई को अभी भी सावधानीपूर्वक जारी रखना होगा. लापरवाह नहीं होना है. यह लड़ाई व महामारी अभी भी गंभीर है. दो गज की दूरी, चेहरे पर मास्क, हाथों को बार—बार धोने जैसी सावधानियां बरतना अभी भी उतना ही जरूरी है. इसलिए इनका ध्यान रखें.

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