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मोदी-जिनपिंग शिखर वार्ता: व्यापार और निवेश मुद्दों के लिए बनेगा नया मैकेनिज्म, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी हुई चर्चा

दोनों नेताओं ने माना कि भारत और चीन को महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दों पर आपसी सहयोग करना चाहिए.

Updated: Oct 12, 2019 4:08 PM
Mamallapuram Summit: India, China agree to set up new mechanism for issues relating to trade and investmentImage: Narendra Modi Twitter

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शनिवार को ट्रेड और निवेश से जुड़े मुद्दों पर नया मैकेनिज्म सेट करने पर सहमति जताई. साथ ही दोनों नेताओं ने माना कि भारत और चीन को महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दों पर आपसी सहयोग करना चाहिए.

चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग पीएम मोदी के साथ शिखर वार्ता के लिए कल शुक्रवार को करीब 24 घंटे के भारत दौरे पर आए, जिसकी शुरुआत तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित मामल्लापुरम में हुई. दोनों की इस प्रकार की पहली वार्ता पिछले साल वुहान में हुई थी. इसके बाद शनिवार दोपहर को चीनी राष्ट्रपति नेपाल के लिए रवाना हो गए.

नहीं उठा कश्मीर मुद्दा

विदेश सचिव विजय गोखले ने मोदी-जि​नपिंग की मीटिंग के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत वुहान शिखर सम्मेलन के बाद की प्रगति पर केंद्रित रही. अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में न तो कश्मीर मुद्दा उठा और न ही इस पर कोई चर्चा हुई. विदेश सचिव ने बताया ‘‘शी और मोदी दोनों ने ही कहा कि दोनों देशों को भविष्य की ओर देखने की जरूरत है. दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि दोनों देशों को आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए साथ काम करना चाहिए.’’

गोखले ने यह भी बताया कि इस अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में शी ने आश्वासन दिया कि क्षेत्रीय समग्र आर्थिक भागीदारी (RCEP) को लेकर भारत की चिंताओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा.

व्यापार घाटा कम करने के लिए ठोस कदम उठाएगा चीन

गोखले के अनुसार, राष्ट्रपति शी ने कहा कि चीन व्यापार घाटा कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की खातिर तैयार है. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि व्यापार और निवेश संबंधी मुद्दों के लिए एक नयी प्रणाली स्थापित की जाएगी. चीन के राष्ट्रपति ने रक्षा सहयोग बढ़ाने की जरूरत के बारे में बात की.

मतभेदों को विवाद नहीं बनने देंगे भारत और चीन: मोदी

वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमने मतभेदों को विवेकपूर्ण ढंग से सुलझाने, एक दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहने और उन्हें विवाद का रूप नहीं लेने देने का निर्णय किया है. आगे कहा​ कि ‘‘चेन्नई संपर्क’’ के जरिए भारत और चीन के संबंधों में सहयोग का आज से एक नया युग शुरू होने जा रहा है. बातचीत में मोदी ने ध्यान दिलाया कि ‘‘भारत और चीन पिछले 2,000 साल में ज्यादातर समय वैश्विक आर्थिक शक्तियां रहें हैं और धीरे-धीरे उस चरण की तरफ लौट रहे हैं.’’

विदेश मंत्रालय के अनुसार, शिष्टमंडल स्तर की वार्ताओं से पहले शी और मोदी के बीच फिशरमैन कोव रिजॉर्ट में आमने-सामने की करीब एक घंटे बातचीत हुई, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए संबंधों को नये सिरे से निखारने की मंशा का स्पष्ट संकेत दिया गया. दोनों नेताओं को समुद्र तट के पास चहलकदमी करने के दौरान भी बातचीत करते देखा गया. इससे पहले मोदी और शी एक गोल्फ गाड़ी में सवार होकर साथ में रिजॉर्ट पहुंचे.

शुक्रवार को मोदी और शी ने रात्रिभोज के दौरान करीब ढाई घंटे बातचीत की थी. उन्होंने आतंकवाद और कट्टरवाद से मिलकर निपटने पर बातचीत की थी और द्विपक्षीय संबंधों को नए आयाम देने के संकेत दिए थे.

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