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Corona Affects Mental Health: कोरोना से मानसिक सेहत पर भी बढ़ा खतरा, ये मेंटल हेल्थ ऐप्स कर सकते हैं मदद

कोराना महामारी का लोगों की मानसिक सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है. मौजूदा माहौल में किसी साइकॉलजिस्ट के क्लीनिक तक जाकर सलाह लेना भी मुश्किल है, ऐसे में मेंटल हेल्थ ऐप्स काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं. 

Updated: Apr 28, 2021 12:51 PM
मानसिक तनाव से जूझ रहे लोग मेंटल हेल्थ ऐप्स या वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं. इनके जरिए घर बैठे एक्सपर्ट गाइडेंस और काउंसेलिंग का लाभ लिया जा सकता है.

Covid And Mental Health: कोरोना महामारी ने सिर्फ लोगों के शरीर पर ही नहीं, उनके मन पर भी असर डाला है. लगातार लॉकडाउन या कोरोना से बचाव के उपायों का पालन, इंफेक्शन का डर और महामारी के कारण दिन रात मिलने वाली दुखद सूचनाएं, बहुत से लोगों को मानसिक तनाव का शिकार बना रही हैं. कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि महामारी के दौरान मनोवैज्ञानिकों से मदद लेने वालों की तादाद भी तेजी से बढ़ी है. 

बच्चों की मानसिक सेहत पर भी पड़ रहा असर

बच्चों के लिए भी यह दौर बेहद परेशान करने वाला है. स्कूलों में अपने हम उम्र साथियों के साथ मिलजुलकर पढ़ना-लिखना और उसके बाद दूसरे बच्चों के साथ मिलकर खेलना-कूदना, सब बंद है. घर में ऑनलाइन पढ़ाई और बाकी समय कंप्यूटर, मोबाइल या गेमिंग डिवाइसेज़ के सहारे वक्त काटना, ज्यादातर बच्चों का यही रुटीन हो गया है. मां-बाप के इकलौते बच्चों के लिए तो परेशानी और भी ज्यादा है.

मुश्किल हालात में मददगार साबित हो सकते हैं मेंटल हेल्थ ऐप्स

कुल मिलाकर हालात ऐसे हैं कि क्या बच्चे और क्या बड़े, सभी मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं. यही तनाव बढ़ जाए तो डिप्रेशन यानी अवसाद की समस्या शुरू हो जाती है. उस पर मुसीबत यह कि कोरोना की वजह से मनोवैज्ञानिक मदद ले पाना भी पहले के मुकाबले मुश्किल हो गया है. ऐसे में मानसिक तनाव या परेशानियों से जूझते लोग मेंटल हेल्थ को सपोर्ट करने वाले ऐप्स या वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं.

घर बैठे ले सकते हैं सायकॉलजिस्ट की मदद

मेंटल हेल्थ ऐप्स और वेबसाइट्स का सबसे बड़ा एडवांटेज यह है कि इनके जरिए कोई भी व्यक्ति स्मार्टफोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल करके जहां है वहीं बैठे-बैठे एक्सपर्ट गाइडेंस और काउंसेलिंग का लाभ सकता है. हम आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ ऐप्स और वेबसाइट्स के बारे में जिनके जरिए आपको या आपके परिजनों और दोस्तों को इन मुश्किल हालात का सामना करने में सहायता मिल सकती है. 

योर दोस्त (yourdost.com) एक ऐसा वेब पोर्टल है, जो मानसिक तनाव और परेशानी से गुज़र रहे लोगों की मदद के लिए 24 घंटे मुस्तैद रहता है. योरदोस्त एक वेबसाइट के साथ ही साथ एंड्रॉयड ऐप के तौर पर भी मौजूद है, जिसे कोई भी अपने मोबाइल में इंस्टाल करके सहायता ले सकता है.  खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म पर 900 से ज्यादा मनोवैज्ञानिक या काउंसेलिंग एक्सपर्ट्स मौजूद हैं, जो लोगों को हर तरह के मुश्किल मानसिक हालात से उबरने में मदद कर सकते हैं. कोरोना महामारी के दौरान लोगों को इस तरह की मदद की कितनी ज़रूरत है, इसका अंदाज़ा इस बात से लगा सकते हैं कि योरदोस्त के जरिए होने वाले काउंसेलिंग सेशन्स की तादाद लॉकडाउन के बाद 120 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ गई. 

एमपावर (mpowerminds.com) नाम का वेबपोर्टल भी लोगों को मनोवैज्ञानिक सलाह और काउंसेंलिंग देने का काम करता है. एमपावर से जुड़े मनोवैज्ञानिक साइको-एजुकेशनल इवैल्युएशन यानी मनोवैज्ञानिक-शैक्षणिक मूल्यांकन, पेरेंटिंग से जुड़ी काउसेंलिंग और कपल काउंसेलिंग का काम भी करते हैं. इसके अलावा आप यहां म्यूज़िक थेरेपी, स्पीच थेरपी और ऑक्युपेशनल थेरेपी जैसी सेवाएं भी मौजूद हैं. इतना ही नहीं, एमपावर पर एक सपोर्ट ग्रुप भी बना है, जिसके जरिए एक जैसी परेशानियों का सामना कर रहे लोग आपस में जुड़कर लोग एक-दूसरे के अनुभवों से लाभ उठा सकते हैं. अनुभवी सायकॉलजिस्ट की एक बड़ी टीम एमपावर की बड़ी खासियत है. 

इमोशनली (www.emotionally.in) एक ऐसा ऑनलाइन काउंसेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका मकसद मानसिक तनाव का सामना कर रहे उन लोगों को प्रोफेशनल हेल्प मुहैया कराना है, जो अब तक इससे वंचित हैं. यह वेबसाइट मुफ्त इमोशनल चेक-अप की सुविधा मुहैया कराती है. इसके अलावा इस वेबसाइट के माध्यम से फोन या लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक्सपर्ट मनोवैज्ञानिक से कंसल्टेशन भी बुक कराया जा सकता है.  खास बात यह है कि इस वेबसाइट पर कोविड-19 के मरीजों, उनकी देखभाल करने वालों, परिजनों, दोस्तों, या महामारी की वजह से किसी करीबी को खो देने वालों के लिए विशेष काउंसेलिंग प्रोग्राम भी ऑफर किए जा रहे हैं. यह वेबसाइट कंपनियों के लिए ग्रुप काउंसलिंग सेशन भी आयोजित करती है.

थिंकराइटमी (thinkrightme.com) और माइंडहाउस (www.mindhouse.com)  अलग-अलग संस्थानों के दो मोबाइल ऐप हैं, जो लोगों को मेडिटेशन और माइंडफुलनेस जैसी टेकनीक के जरिए ज्यादा स्वस्थ, पॉजिटिव और प्रसन्न बनाने का प्रयास करते हैं. इन दोनों ही ऐप्स का योगा और मेडिटेशन पर खास जोर है. जिसके जरिए तनाव, बेचैनी, दुख, डर और क्रोध जैसी भावनाओं को शांत करके लोगों को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और खुशी का अनुभव कराना है. इसके लिए मेडिटेशन के साथ ही साथ सेल्फ हीलिंग, म्यूजिक थेरेपी और बेहतर नींद लेने के तरीकों के बारे में सिखाया जाता है.

थिंकराइटमी ऐप में बेहतर फिटनेस और पॉजिटिव सोच के जरिए डिप्रेशन और नकारात्मक सोच से बचने का रास्ता बताने वाले इन ऐप के माध्यम से लोगों को कामकाजी जिंदगी से जुड़े तनावों को दूर करने की टिप्स भी दी जाती हैं.

टॉलफ्री हेल्पलाइन्स : निजी कंपनियों के इन ऐप्स और वेबसाइट्स के अलावा सरकारी या समाजसेवी संस्थाओं की मदद से चलने वाली कुछ ऐसी हेल्पलाइन्स भी हैं, जो तनाव या डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए दिन रात मदद मुहैया कराती हैं. वो भी पूरी तरह मुफ्त. इन हेल्पलाइन्स पर कॉल करके मनोवैज्ञानिक मदद ली जा सकी है. इनमें से कुछ प्रमुख हेल्पलाइन्स का डिटेल आप यहां देख सकते हैं :

  • जीवन आस्था (https://www.jeevanaastha.com/) टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर : 1800 233 3330, EMAIL: help@jeevanaastha.com
  • किरन मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन नंबर- 18005990019
  • स्पंदन (https://www.spandann.org/) : हेल्पलाइन नंबर : 9630899002, 7389366696

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