मुख्य समाचार:

मोदी के लिए ‘संकट के साथी’ रहे हैं अरुण जेटली, जानें वित्त मंत्री के रूप में 5 साल का रिपोर्ट कार्ड

अरुण जेटली के पिछले 5 साल का रिपोर्ट कार्ड

May 31, 2019 3:11 PM
Arun Jaitley, Finance Minister, PM Narendra Modi, Jaitley And Modi, Jaitley Report Card, GST, Note Ban, Demo, Bank Insolvency, FDI, GDP, Economyअरुण जेटली के पिछले 5 साल का रिपोर्ट कार्ड

FM Arun Jaitley: मोदी सरकार की पहली इनिंग में वित्त मंत्री के रूप में अरुण जेटली का सफर कुछ हटकर ही रहा है. पिछले 5 सालों में जेटली सरकार के कई अहम फैसलों में भागीदार रहे हैं. अरुण जेटली के कार्यकाल में नोटबंदी, जीएसटी, इनसॉल्वेंसी एवं बैंकरप्शी कोड, जनधन, कैश ट्रांसफर जैसे कई ऐतिहासिक फैसले लागू हुए. बहुत से जानकार तो जेटली को मोदी के लिए ‘संकट के साथी’ मानते हैं. मोदी खुद जेटली को बेशकीमती हीरा बता चुके हैं. फिलहाल मोदी की दूसरी इनिंग में कैबिनेट में जिसकी सबसे ज्यादा कमी खलेगी, वह नाम है अरुण जेटली.

मोदी के लिए जेटली कितने अहम 

जानकार मानते हैं कि मोदी के लिए अरुण जेटली खास भरोसेमंदों में से एक हें और कई बार उन्होंने सरकार का बचाव बेहद कुशलता से किया है. कुछ लोग तो उन्हें मोदी के लिए वास्तविक ‘चाणक्य’ और ‘संकट के साथी’ कहते हैं. गुजरात दंगों से जुड़ी मोदी की कानूनी उलझनों से पार पाने में उनको कानूनी सलाह देने वाले विश्वसनीय सलाहकार की भूमिका निभाने वाले जेटली बाद में उनके मुख्य योद्धा और सलाहकार के रूप में उभरे. दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ की राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश करने वाले जेटली पेशे से अधिवक्ता रहे हैं.

सरकार की बात लोगों तक पहुंचाने में आगे

सरकार की नीतियों और योजनाओं के बारे में लोगों तक पॉजिटिव असर हो, विपक्ष की आलोचनाबों को कारगर जवाब देना हो, हर मामले में जेटली आगे दिखते थे. पेट्रोलियम की कीमतों में उछाल हो, राफेल डील हो या जीएसटी की जटिलताएं, जेटली ने हर बार कुशलता से सरकार का बचाव किया.

5 साल के रिपोर्ट कार्ड में बड़े कदम

  • जीएसटी और आईबीसी जैसे बड़े सुधार
  • घाटे से जूझ रहे बैंकों में कंसोलिडेशन का दौर
  • FDI के नियमों को आसान कर विदेशी निवेश बढ़ाने में सफलता
  • महंगाई 7.2 से 2.9 फीसदी पर आई
  • बजट पेश करने की तारीख में बदलाव
  • रेल बजट को आम बजट में शामिल करना
  • ब्लैकमनी और बेनामी प्रॉपर्टी लॉ
  • राजकोषीय मजबूती बनी रही
  • बैंकों में एनपीए कम करने में सफलता
  • जनधन अकाउंट
  • आधार के बेस पर सामाजिक योजनाओं में डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम
  • मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी

इन बातों पर हुई आलोचना

अर्थव्यवस्था की गति में आई सुस्ती को लेकर सरकार की आलोचना होती रही है. रिजर्व बैंक से सरकार के टकराव पर भी आलोचना हुई. रेपो रेट में कटौती का लाभ बैंकों ने ग्राहकों तक पूरी तरह से नहीं पहुंचाया. नोटबंदी को भी लोग सरकार की विफलता के रूप में देखते हैं. एनबीएफसी में लिक्विडिटी क्राइसिस.

(एजेंसी से भी इनपुट)

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. मोदी के लिए ‘संकट के साथी’ रहे हैं अरुण जेटली, जानें वित्त मंत्री के रूप में 5 साल का रिपोर्ट कार्ड

Go to Top