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शिक्षा से संचार तक, अटल बिहारी वाजपेयी के 5 बड़े रिफॉर्म

वाजपेयी का हमेशा से इस बात के पक्षधर थे कि बिजनेस में सरकार की भूमिका कम से कम होनी चाहिए. इसलिए उन्होंने अपनी सरकार में अलग से विनिवेश मंत्रालय (डिसइन्वेस्टमेंट मिनिस्ट्री) बनाया.

August 17, 2018 7:25 PM
atal bihari vajpayee aiims, atal bihari vajpayee latest news, former PM atal bihari vajpayee, atal bihari vajpayee latest news in hindi, atal bihari vajpayee's economic reform, Golden Quadrilateral, Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana, SSAवाजपेयी हमेशा से इस बात के पक्षधर थे कि बिजनेस में सरकार की भूमिका कम से कम होनी चाहिए. इसलिए उन्होंने अपनी सरकार में अलग से विनिवेश मंत्रालय बनाया था. (File photo)

देश के तीन बार प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी लोकप्रिय राजनेता रहे. देश के आर्थिक विकास के लिए वाजपेयी ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण रिफॉर्म किए. जिनमें सड़कों का विस्तृत नेटवर्क बनाने से लेकर संचार क्रांति जैसे आर्थिक रिफॉर्म और सर्व शिक्षा अभियान जैसे बड़े सामाजिक सुधार शामिल रहे.

कहा जाता है कि वाजपेयी ने 1991 में नरसिम्हाराव सरकार के दौरान शुरू किए गए आर्थिक रिफॉर्म को आगे बढ़ाने का काम किया. वाजपेयी ने 2004 में जब मनमोहन सिंह को सत्ता की बागडोर सौंपी थी उस वक्त देश की आर्थिक विकास दर 8 फीसदी से ज्यादा थी. आइए पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के 5 बड़े रिफॉर्म पर एक नजर डालते हैं…

1. इंफ्रास्ट्रक्चर (रोड नेटवर्क)

वायपेयी सरकार ने देश के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को नेक्स्ट लेवल पर लेकर गए. वाजपेयी की स्वर्णिम चतुर्भुज और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश में रोड नेटवर्क की तस्वीर बदल दी. स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के जरिए उन्होंने चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली और मुंबई को हाईवे नेटवर्क से जोड़ने का काम किया. वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए गांवों को पक्की सड़कों के जरिए शहरों से जोड़ा गया.

2. सर्व शिक्षा अभियान

वाजपेयी सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान को 2001 में लॉन्च किया गया था. इस योजना के तहत 6 से 14 साल के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जानी थी. इस योजना के लॉन्च के 4 सालों के अंदर ही स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की संख्या में 60 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी. सर्व शिक्षा अभियान में आईसीडीएस (ICDS) और आंगनवाड़ी समेत 8 प्रोग्राम शामिल रहे. इसमें केजीबीवीवाई (KGBVY) भी शामिल है.

3. वित्तीय जवाबदेही

वाजयेपी सरकार ने सरकारी खर्चो को वाजिब बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया. उन्होंने राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए राजकोषीय जवाबदेही एक्ट —the Fiscal Responsibility Act— बनाया। इससे पब्लिक सेक्टर सेविंग में बढ़ोतरी दर्ज की गई. यह वित्त वर्ष 2000 में जीडीपी के -0.8 फीसदी से बढ़कर वित्त वर्ष 2005 में 2.3 फीसदी तक पहुंच गया.

अटल बिहारी वाजपेयी की वह योजना जिसने पूरे भारत को जोड़ दिया

4. निजीकरण

वाजपेयी हमेशा से इस बात के पक्षधर थे कि बिजनेस में सरकार की भूमिका कम से कम होनी चाहिए. इसलिए उन्होंने अपनी सरकार में अलग से विनिवेश मंत्रालय (डिसइन्वेस्टमेंट मिनिस्ट्री) बनाया. मौजूदा वित्त मंत्री अरुण जेटली पहले विनिवेश मंत्री थे. सबसे अहम फैसला भारत एल्युमीनियम कंपनी (BALCO) और हिंदुस्तान जिंक, इंडिया पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड और VSNL में विनिवेश का था।

5. दूरसंचार क्रांति

अपनी नई टेलिकॉम पॉलिसी के जरिए वाजपेयी सरकार देश में एक टेलिकॉम क्रांति लेकर आई. नई पॉलिसी के जरिए वाजपेयी सरकार ने टेलिकॉम कंपनियों के लिए एक तय लाइसेंस फीस हटाकर रेवन्यू शेयरिंग की व्यवस्था लेकर लाई थी. वाजपेयी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय टेलिफोनी में विदेश संचार निगम लिमिटेड के एकाधिकार को पूरी तरह खत्म किया था. टेलिकॉम डिस्पुट सेटलमेंट अपीलेट ट्रिब्यूनल की स्थापना की गई.

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