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  1. यात्रियों के रिफंड पर दिल्ली HC ने Jet Airways को जारी किया नोटिस; अगली सुनवाई 16 जुलाई को

यात्रियों के रिफंड पर दिल्ली HC ने Jet Airways को जारी किया नोटिस; अगली सुनवाई 16 जुलाई को

Jet Airways : मीडिया की खबर के हवाले से इसमें कहा गया है कि टिकट के पैसे वापस नहीं होने की वजह से यात्रियों की 360 करोड़ रुपये से अधिक राशि फंस गई है.

May 1, 2019 5:43 PM
jet airways got notice from delhi high court on plea for refund of jet passangersउच्च न्यायालय ने कहा कि वह मामले पर सुनवाई गर्मियों की छुट्टी के बाद करेगा

Jet Airways: दिल्ली हाई कोर्ट ने जेट एयरवेज की ओर से अस्थायी रूप से बंद की गई उड़ानों से प्रभावित हुए विमान यात्रियों को किराया वापस करने या यात्रा का कोई वैकल्पिक माध्यम सुनिश्चित करने के संबंध में दायर याचिका पर एयरलाइन्स को बुधवार को नोटिस जारी किया. याचिका में मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन एवं डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (DGCA) को निर्देश देने की मांग की गई है.
मुख्य जज राजेंद्र मेनन एवं जस्टिस ए जे भंभानी की पीठ ने मामले पर जेट एयरवेज से जवाब मांगने के साथ ही DGCA से हलफनामा दायर करने को भी कहा है.

Jet Airways: अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी

दिल्ली HC ने कहा कि वह मामले पर सुनवाई गर्मियों की छुट्टी के बाद करेगा और अगली सुनवाई 16 जुलाई को तय की है. अदालत के ये निर्देश एक्टिविस्ट बेजन कुमार मिश्रा की ओर से दायर याचिका पर आए हैं. इसमें कहा गया कि जेट एयरवेज की तरफ से विमान सेवाओं के अचानक निलंबन से यात्रियों के लिए बड़ी संकट पैदा हो गई जिन्हें पूर्व में इसकी सूचना नहीं दी गई थी.

आवेदन में मंत्रालय एवं DGCA को सभी प्रभावित यात्रियों के हवाई टिकटों के लिए चुकाए गए पूरे किराये की वापसी के साथ ही उचित मुआवजे या गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रा के किसी वैकल्पिक माध्यम को उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र निपटान प्रणाली अपनाने का निर्देश देने की मांग की गई है.

यात्रियों के फंसे हैं 360 करोड़ रुपये

अधिवक्ता शशांक देव सुधी एवं शशि भूषण की ओर से दायर याचिका में कहा गया, ‘‘यह सबको मालूम है कि सभी प्रतिद्वंद्वी एयरलाइन्स ने हवाई किराए बहुत ज्यादा बढ़ा दिए हैं और असहाय यात्रियों को न सिर्फ आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है बल्कि बहुत ज्यादा मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है.’’ मीडिया की खबर के हवाले से इसमें कहा गया है कि टिकट के पैसे वापस नहीं होने की वजह से यात्रियों की 360 करोड़ रुपये से अधिक राशि फंस गई है.

कई महीनों की अनिश्चितता के बाद जेट एयरवेज ने 17 अप्रैल को अपने विमानों के परिचालन के अस्थायी निलंबन की घोषणा की थी क्योंकि उसे ऋणदाताओं से आपात कोष नहीं मिल पाया था.

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