जेट एयरवेज के विमानों का परिचालन बंद होने के बाद उसके 22 हजार से अधिक कर्मियों को रोगजार संकट का सामना करना पड़ रहा है. इन कर्मियों ने अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है. कर्मचारियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को खत लिखकर बकाया वेतन भुगतान कराने और कंपनी को इमरजेंसी फंड दिलाने की मांग की है. वित्तीय संकट का सामना कर रही निजी एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज ने वेतन भुगतान नहीं किया है. दो कर्मचारी यूनियन ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को खत लिखा है. इस हफ्ते सोसायटी फॉर वेलफेयर ऑफ इंडियन पायलट्स (SWIP) और जेट एयरक्राफ्ट मैंटिनेंस इंजिनियर्स वेलफेयर असोसिएशन (JAMEWA) ने भी पत्र लिखकर सैलरी भुगतान कराने की मांग की है.
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पत्र में इमरजेंसी फंडिंग को तेज करने की मांग
एक लेटर में लिखा गया है, ‘हम आप से स्थिति पर आवश्यकता के मुताबिक विचार करने की अपील करते हैं. जेट एयरवेज (इंडिया) लिमिटेड के प्रबंधन को प्रभावित कर्मचारियों के वेतन का भुगतान का आदेश दें. हम आपसे इमर्जेंसी फंडिंग की प्रक्रिया को भी तेज करने की अपील करते हैं, क्योंकि प्रत्येक मिनट और हर फैसला परीक्षा की इस घड़ी में महत्वपूर्ण है.’
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