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मोदी सरकार ने रचा ​इतिहास: जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल लोकसभा में भी पास, खत्म होगी घाटी से धारा 370

राज्य को अब दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटा जाएगा.

Updated: Aug 06, 2019 7:36 PM
jammu and kashmir reorganisation bill passed in loksabhaImage: BJP Twitter

जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने वाले जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को लोकसभा से भी मंजूरी मिल गई. गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए इस बिल के पक्ष में 370 और विपक्ष में 70 वोट पड़े. राज्य को अब दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटा जाएगा.

इस विधेयक के तहत जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने, जम्मू कश्मीर को विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र और लद्दाख को बिना विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव है. ​सोमवार को राज्यसभा से यह बिल पास हुआ था. इसके पक्ष में 125 और विपक्ष में 61 वोट पड़े थे. इसके अलावा राज्यसभा में जम्मू कश्मीर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को शैक्षिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में दस फीसदी आरक्षण देने संबंधी विधेयक भी पास हो गया. अब इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.

धारा 370 आतंकवाद की खाद और पानी

शाह ने धारा 370 को, भारत व जम्मू कश्मीर को जोड़ने में रुकावट करार दिया. उन्होंने कहा इस अनुच्छेद की अधिकतर धाराओं को समाप्त करके सरकार ‘‘ऐतिहासिक भूल’’ को सुधारने जा रही है. गृह मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि स्थिति सामान्य होते ही जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने में इस सरकार को कोई परेशानी नहीं है.

शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने से जम्मू कश्मीर का भला कैसे होगा, इसका जवाब है कि यह जम्मू कश्मीर और लद्दाख की गरीबी बढ़ाने वाला, विकास को रोकने वाला, पर्यटन को रोकने वाला, आरोग्य की सुविधाओं से दूर रखने वाला, महिला विरोधी, दलित विरोधी, आदिवासी विरोधी और आतंकवाद का खाद और पानी दोनों है. आगे कहा कि हम हुर्रियत के साथ चर्चा नहीं करना चाहते, अगर घाटी के लोगों में आशंका है तो जरूर उनसे चर्चा करेंगे, उन्हें गले लगाएंगे.

नहीं खत्म होगी धारा 371

अनुच्छेद 371 को हटाने संबंधी कुछ विपक्षी सदस्यों की आशंकाओं को खारिज करते हुए शाह ने कहा ‘‘पूर्वोत्तर, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कुछ राज्यों के सदस्यों को मैं आश्वस्त करता हूं कि नरेंद्र मोदी सरकार की अनुच्छेद 371 को हटाने की कोई आकांक्षा नहीं है.’’

अपनी मर्जी से घर पर हैं फारुख अब्दुल्ला

बिल के पक्ष में सदन में हुई चर्चा में गृहमंत्री अमित शाह ने ​जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और धारा 370 को हटाने की जरूरत के बारे में बताया. राकांपा की सुप्रिया सुले द्वारा फारूख अब्दुल्ला के सदन में उपस्थित नहीं होने के जिक्र पर गृहमंत्री ने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस के नेता एवं सांसद फारूख अब्दुल्ला को न तो हिरासत में लिया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है, वह अपनी मर्जी से अपने घर पर हैं.

जब सुले ने कहा कि हो सकता है नेशनल कांफ्रेंस नेता अस्वस्थ हों. इस पर शाह ने कहा कि इसके बारे में डॉक्टर बता सकते हैं. मैं इलाज नहीं कर सकता, यह डॉक्टरों को करना है. अगर उन्हें घर से बाहर नहीं आना तो कनपटी पर गन रखकर उन्हें बाहर नहीं लाया जा सकता.

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