मुख्य समाचार:
  1. अंतरिक्ष से देश की निगरानी करेगा ‘रिसैट-2बी’, ISRO को मिली बड़ी कामयाबी

अंतरिक्ष से देश की निगरानी करेगा ‘रिसैट-2बी’, ISRO को मिली बड़ी कामयाबी

Isro Missions: ‘रिसैट-2’ को 2009 में प्रक्षेपित किया गया था.

May 22, 2019 12:26 PM
isro missions pslvc46 satellite successfully injects risat2b into low earth orbitISRO: यह पीएसएलवी-सी46 का 48वीं अभियान था.

ISRO Missions: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पृथ्वी निगरानी सैटेलाइट ‘रिसैट-2बी’ को बुधवार तड़के सफलतापूर्वक प्रक्षेपित करके इतिहास रच दिया. यह सैटेलाइट देश की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा. मंगलवार को आरंभ हुई 25 घंटे की उलटी गिनती समाप्त होते ही एजेंसी के भरोसेमंद पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी-सी46) ने 615 किलोग्राम वजनी सैटेलाइट के साथ सुबह साढ़े पांच बजे यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम लॉन्च पैड से उड़ान भरी. यह पीएसएलवी-सी46 का 48वीं अभियान था.

रिसैट-2बी की उपयोगिता

उड़ान भरने के करीब 15 मिनट बाद रिसैट-2बी (रडार इमेजिंग सैटेलाइट-2बी) को कक्षा में छोड़ा गया. यह सैटेलाइट निगरानी, कृषि, वानिकी और आपदा प्रबंधन समर्थन जैसे क्षेत्रों में मददगार साबित होगा. यह सैटेलाइट ‘रिसैट-2’ का स्थान लेगा. ‘रिसैट-2’ को 2009 में प्रक्षेपित किया गया था. इसरो अध्यक्ष के सिवन ने सैटेलाइट के प्रक्षेपण से पहले इसे देश के लिए ‘‘अत्यंत महत्वपूर्ण’’ मिशन करार दिया था.

अब चंद्रयान-2 पर काम करेगा ISRO

आरआईसैट सीरीज का पहला सैटेलाइट 20 अप्रैल 2009 को लॉन्च किया गया था. 300 किलोग्राम का सैटेलाइट X-बैंड सिंथेटिक एपर्चर का इस्तेमाल करता है, जिसे इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने बनाया है. स्वदेश में विकसित रडार इमेजिंग उपग्रह, आरआईसैट-1 को 26 अप्रैल 2012 को लॉन्च किया गया था. इसरो प्रमुख के शिवन के मुताबिक, आरआईसैट-2बी के बाद, इसरो चंद्रयान-2 पर काम करेगा जिसका 9 से 16 जुलाई के बीच प्रक्षेपण का कार्यक्रम है. इसरो 6 सितंबर तक चंद्रयान-2 के चंद्रमा की सतह पर उतारने को लेकर आशान्वित है.

Go to Top

FinancialExpress_1x1_Imp_Desktop