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  1. IRCTC से दो साल तक लड़ता रहा इंजीनियर, आखिरकार टिकट कैंसिलेशन के लौटाने पड़े 33 रुपये

IRCTC से दो साल तक लड़ता रहा इंजीनियर, आखिरकार टिकट कैंसिलेशन के लौटाने पड़े 33 रुपये

कोटा के एक इंजीनियर सुजीत स्वामी को दो साल की लंबी लड़ाई के बाद आईआरसीटीसी ने कैंसिल टिकट के 33 रुपये आखिरकार लौटा दिए हैं.

May 8, 2019 7:08 PM
irctc, irctc cancellation, ticket cancellation, kota, court case against irctc, railway ticket irctc, railway ticket cancellation, irctc penalty, gst, railway ticket, kota engineer railway ticket cancellation, cancellation chargem service taxजीएसटी लागू होने से पहले आईआरसीटीसी ने 9 लाख यात्रियों से सर्विस टैक्स वसूले.

कोटा के एक इंजीनियर सुजीत स्वामी को दो साल की लंबी लड़ाई के बाद IRCTC ने कैंसिल टिकट के 33 रुपये आखिरकार लौटा दिए हैं. स्वामी ने अप्रैल 2017 में कोटा से दिल्ली तक के लिए 765 रुपये का टिकट बुक कराया था, जिसे उन्होंने रद्द कराया. इसके लिए उन्हें 665 रुपये मिले, जबकि उन्हें 700 रुपये वापस मिलने चाहिए थे. बकाया 35 रुपये लेने के लिए स्वामी को दो साल तक आईआरसीटीसी से लड़ना पड़ा. उन्होंने अप्रैल 2018 में लोक अदालत में एक याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने अधिकारक्षेत्र से बाहर का मामला कहते हुए जनवरी 2019 में याचिका खारिज कर दिया. इसके बाद स्वामी ने अपनी लड़ाई आरटीआई के जरिये जारी रखी.

रिफंड में से भी काट लिए 2 रुपये

सुजीत स्वामी ने बताया कि विभाग वाले उनकी आरटीआई को दिसम्बर 2018 से अप्रैल 2019 तक दस बार एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजते रहे और आखिरकार चार मई 2019 को आईआरसीटीसी ने एक लंबी लड़ाई के बाद उनके बैंक खाते में 33 रुपये डाल दिये. लंबी लड़ाई के कारण उन्हें जो परेशानी झेलनी पड़ी उसकी क्षतिपूर्ति देने की बजाय आईआरसीटीसी ने दो रुपये रिफंड में से काट लिये.

IRCTC ने दो बार दिए अलग-अलग जवाब

स्वामी ने अप्रैल, 2017 में गोल्डन टेंपल मेल का टिकट बुक किया था. टिकट वेटिंग होने के कारण उन्होंने इसे कैंसल करा दिया. टिकट कैंसल कराने पर उनसे सर्विस टैक्स भी चार्ज किया गया, जबकि उन्होंने टिकट जीएसटी लागू होने से पहले ही कैंसल करा दिया था. यह टिकट 2 जुलाई की यात्रा के लिए बुक कराया गया था, जीएसटी 1 जुलाई से देश भर में लागू हुआ.

आरटीआई के जवाब में आईआरसीटीसी ने बताया कि जीएसटी लागू होने से पूर्व बुक कराये गये रेलवे टिकट और उनके रद्द करने के संबंध में रेलवे मंत्रालय की ओर से जारी व्यवसायिक सर्कुलर 43 के अनुसार टिकट बुकिंग के समय वसूला गया सर्विस टैक्स वापस नहीं किया जायेगा, इसलिये 100 रुपये में से 65 रुपये कैंसिलेसन चार्ज और 35 रुपये सर्विस टैक्स के तौर पर काटे गए हैं. बाद में आईआरसीटीसी ने कहा कि एक जुलाई 2017 से पूर्व बुक करवाये गये टिकटों को रद्द करने पर बुकिंग के समय लिया गया सर्विस टैक्स पूरा वापस किया जाएगा, इसलिये उन्हें भी 35 रुपये वापस मिलेंगे. हालांकि उन्हें इसके लिए लंबे समय तक सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा.

जीएसटी लागू होने से पहले 9 लाख यात्रियों से वसूले सर्विस टैक्स

बुकिंग टिकट के कैंसिल कराने पर इस तरह के काटे गये रूपये से केवल स्वामी ही प्रभावित नहीं है. उनके एक अन्य आरटीआई से पता चला कि जीएसटी लागू होने से पूर्व 9 लाख यात्रियों ने टिकट बुक कराये थे. आईआरसीटीसी की ओर से दिये गये जवाब के अनुसार 9 लाख यात्रियों से कुल 3.34 करोड़ रुपये सर्विस टैक्स वसूला गया. अधिकतर यात्रियों को इस बारे में पता ही नहीं है.

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