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स्विस बैंकों में भारतीयों के डिपॉजिट्स बढ़ने पर वित्त मंत्रालय की सफाई, कहा- अथॉरिटीज से मंगाई जा रही पूरी जानकारी

स्विस खातों में भारतीयों के पैसे के 13 वर्षों के रिकॉर्ड स्तर पर आज मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है और संभावित कारण बताए हैं.

Updated: Jun 19, 2021 12:26 PM
Indians funds in Swiss banks Government seeks details from Swiss authoritiesस्विस नेशनल बैंक डेटा के मुताबिक पिछले साल 2020 में स्विस खातों में भारतीयों के पैसे 13 वर्षों के रिकॉर्ड स्तर 255.47 करोड़ स्विस फ्रैंक्स (20,706 करोड़ रुपये) पर पहुंच गए हैं.

वित्त मंत्रालय ने आज शनिवार 19 जून को कहा कि स्विस बैंक में भारतीयों के पैसे 2019 से ही कम हो रहे हैं. हालांकि वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा कि पिछले वित्त वर्ष 2020 में भारतीयों और कंपनियों द्वारा स्विस खातों में जमा की गई राशि में बदलावों के संभावित कारणों से संबंधित तथ्यों और उनके व्यूज की डिटेल्स मंगाया जा रहा है. मंत्रालय का कहना है कि डिपॉजिट्स में गिरावट आई है लेकिन उन्होंने कोई आंकड़ा नहीं दिया.

कुछ दिनों पहले स्विटजरलैंड के केंद्रीय बैंक के डेटा के आधार पर न्यूज एजेंसी पीटीआई ने 17 जून को जानकारी दी थी कि स्विस बैंकों में भारतीय इंडिविजुअल्स और कंपनियों के पैसे पिछले साल 2020 में बढ़कर 255 करोड़ स्विस फ्रैंक्स (20.7 हजार करोड़ रुपये) हो गए जोकि पिछले 13 वर्षों में सबसे अधिक है. इसमें भारत में स्थित बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के जरिए जमा की गई राशि भी शामिल हैं. डिपॉजिट्स बढ़ने की वजह सिक्योरिटीज और इसी प्रकार के अन्य विकल्पों के जरिए होल्डिंग में तेज उछाल रही. हालांकि ग्राहकों के डिपॉजिट्स में लगातार दूसरे साल गिरावट आई.

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मंत्रालय ने बताए संभावित कारण

वित्त मंत्रालय का कहना है कि स्विस बैंक ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उससे भारतीयों द्वारा स्विस बैंक में काला धन रखे जाने के संकेत नहीं मिल रहे हैं. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि ग्राहकों का डिपॉजिट्स 2019 के अंत से कम हो रहा है और फिडूशीएरी (न्यासी) द्वारा डिपॉजिट्स में भी गिरावट आई है. मंत्रालय का कहना है कि डिपॉजिट्स में बढ़ोतरी बांड्स, सिक्योरिटीज व अन्य प्रकार के फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स में बढ़ोतरी के चलते हुई है. इसके अलावा मंत्रालय ने इसके संभावित कारणों के रूप में भारतीय कंपनियों के कारोबार लेन-देन में बढ़ोतरी को बताया और भारत में स्थित स्विस बैंक की शाखाओं में डिपॉजिट्स के अलावा स्विस व भारतीय बैंकों के बीच इंटर-बैंक ट्रांजैक्शंस के बढ़ने के चलते भी आंकड़े में बढ़ोतरी की संभावना जताई.

मंत्रालय का कहना है कि संभवत: स्विस कंपनी के भारतीय सब्सिडियरी की पूंजी में बढ़ोतरी और आउटस्टैंडिंग डेरिवेटिव फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स से जुड़ी देनदारी बढ़ने के चलते भी डिपॉजिट्स में बढ़ोतरी हुई हो. मंत्रालय ने इसे लेकर स्विस अथॉरिटीज से तथ्य मंगाए हैं और डिपॉजिट्स में बढ़ोतरी के संभावित कारणों को लेकर उनके नजरिए की भी मांग की है.

2018 से ही भारत और स्विटजरलैंड के बीच समझौता

भारत और स्विटजरलैंड के बीच 2018 से ही टैक्स मामलों से जुड़ी जानकारी को लेकर ऑटोमैटिक एक्सचेंज का समझौता है. इस फ्रेमवर्क के तहत सभी भारतीय निवासियों के स्विटजरलैंड के वित्तीय संस्थानों में खातों से जुड़ी सभी जानकारियां पहली बार 2018 में किए जाने का प्रावधान किया गया. इसके तहत सबसे पहले सितंबर 2019 में भारतीय टैक्स अथॉरिटीज को जानकारी उपलब्ध कराई गई थी और यह हर साल किया जाता है.
स्विस नेशनल बैंक डेटा (एसएनबी) के मुताबिक 2019 के अंत तक भारतीयों का स्विस बैंकों में कुल जमा 89.9 करोड़ स्विस फ्रैंक्स (6625 करोड़ रुपये) था जोकि अगले साल 2020 में ही बढ़कर यह 13 वर्षों के रिकॉर्ड स्तर 255.47 करोड़ स्विस फ्रैंक्स (20,706 करोड़ रुपये) पर पहुंच गया.

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