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भारतीय रेलवे की बेजोड़ इंजीनियरिंग; इन 3 पुलों पर ट्रेनें ही नहीं चलेंगी, पर्यटक देखने भी आएंगे

रेलवे तीन ऐसे रेलवे ब्रिज का निर्माण कर रहा है जो न सिर्फ रिमोट एरियाज को जोड़ेगा बल्कि अपनी बेजोड़ इंजीनियरिंग के बूते टूरिस्ट डेस्टिनेशंस भी बन सकता है.

May 2, 2019 8:12 AM
indian railways, railways, bridges, railway bridges, new pamban bridge, chenab bridge, girder bridge, चेनाब ब्रिज, उत्तर-पूर्व में ब्रिज नंबर 164, ब्रिज नंबर 164, न्यू पामबान ब्रिजइसमें दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज से लेकर देश के पहले वर्टिकल लेफ्ट ब्रिज तक इंजीनियरिंग के बेजोड़ नमूने हैं.

Indian Railway: भारतीय रेलवे जल्द ही बेजोड़ इंजीनियरिंग का प्रदर्शन करने वाला है. एक तरफ यह ट्रेनों और स्टेशनों के मामले में यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी खासा ध्यान दे रहा है. रेलवे देश के ऐसे भी हिस्सों को जोड़ने पर काम कर रहा है जहां रेलवे लाइन बिछाना बहुत मुश्किल भरा होता है. वर्तमान में रेलवे तीन ऐसे रेलवे ब्रिज का निर्माण कर रहा है जो न सिर्फ रिमोट एरियाज को जोड़ेगा बल्कि अपनी बेजोड़ इंजीनियरिंग के बूते टूरिस्ट डेस्टिनेशंस भी बन सकता है. इसमें दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज से लेकर देश के पहले वर्टिकल लेफ्ट ब्रिज तक इंजीनियरिंग के बेजोड़ नमूने हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं…

चेनाब ब्रिज

दुनिया के सबसे ऊंचे पुल का निर्माण जम्मू-कश्मीर में किया जा रहा है. चेनाब नदी से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह ब्रिज फ्रांस के एफिल टॉवर से भी ऊंचा होगा. यह ब्रिज कटरा और बनिहाल के बीच के रेल लिंक का काम करेगी. यह ब्रिज आतंकी गतिविधियों के लिए बहुत संवेदनशील है, इसलिए यहां पर 63मिमी मोटी स्पेशल ब्लास्टप्रूफ स्टील का प्रयोग किया जा रहा है. 12 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले इस ब्रिज का काम इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा.

न्यू पामबान ब्रिज

यह समुद्र के ऊपर देश का पहला वर्टिकल लेफ्ट ब्रिज होगा. पिछले महीने पीएम मोदी ने इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी है. 2.05 किमी लंबे इस ब्रिज पर करीब 250 करोड़ की लागत आएगी. ब्रिज पर 18.3 मीटर स्टील गिर्डर के 100 स्पैन और 72.5 मीटर का एक नेवीगेशनल स्पैन होगा. इस ब्रिज पर डबल रेलवे लाइन होगी और इस पर इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कंट्रोल्ड सिस्टम्स लगे होंगे.

उत्तर-पूर्व में ब्रिज नंबर 164

हिमालयन श्रेणी में स्थित ब्रिज नंबर 164 की शुरुआत इस साल हो सकती है. यह दुनिया का सबसे बड़ा गिर्डर रेलवे ब्रिज है. यह उत्तर-पूर्व के राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा. यह ब्रिज इजई नदी की घाटी के आर-पार बनाया गया है और इस पर अधिकतम 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चल सकती है. इसकी ऊंचाई 141 मीटर की होगी जो कुतुबमीनार का लगभग दोगुना है. यह ब्रिज 111 किमी लंबे जिरीबैम-टुपुल-इंफाल रेललाइन प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है.

(Story: Devanjana Nag)

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