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GDP आंकड़े 10 साल में सबसे कमजोर रहने का अनुमान, क्या स्टॉक मार्केट की तेजी पर लगेगा ब्रेक

GDP Data: जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए भारत का GDP डाटा पर एजेंसियों और एक्सपर्ट की राय

Updated: Nov 29, 2019 12:34 PM
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GDP Data September Quarter 2019: जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए भारत का GDP डाटा आज पेश किया जाएगा. अलग अलग रेटिंग एजेंसियां और एक्सपर्ट जीडीपी नंबर अलग अलग अनुमान लगा रहे हैं. कुछ का मानना है कि जीडीपी ग्रोथ रेट 5 फीसदी से कम रहेगा तो कुछ का मानना है कि यह 4.7 फीसदी या इससे भी कम होगा. वहीं इसके 10 साल में सबसे कमजोर रहने का भी अनुमान जताया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार देश में डिमांड सुस्त का माहौल बना हुआ है, डिमांड में ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिल रहा है. इसके चलते ग्रोथ रेट में और कमी आ सकती है.

क्या GDP ग्रोथ रेट एक दशक में सबसे कमजोर?

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष के लिये चौथी बार जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर के अनुमान को और कम किया है और इस बार जुलाई-सितंबर की तिमाही में इसके 4.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. अगर ऐसा होता है तो यह 2012 के बाद लगातार छठी तिमाही होगी जब जीडीपी वृद्धि दर घटेगी. यह अनुमान तब आया है जब सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती के साथ राजकोषीय प्रोत्साहन के कई कदम उठाये हैं.

बयान के अनुसार देश का आर्थिक परिदृश्य इस साल और कमजोर हुआ है. समस्या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से शुरू हुई और धीरे-धीरे खुदरा कंपनियों, वाहन कंपनियों, मकान बिक्री और भारी उद्योग पर इसका असर हुआ. रेटिंग एजेंसी ICRA ने भी सितंबर तिमाही में ग्रोथ 4.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है.

वहीं, रॉयटर्स के अनुसार सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 फीसदी कम 4.7 फीसदी रह सकती है. अगर ऐसा होता है तो यह 26 तिमाही में सबसे कमजोर ग्रोथ होगी. इसके पहले साल 2013 की मार्च तिमाही में 4.3 फीसदी ग्रोथ रही थी. वहीं, सरकारी सूत्रों के हवाले से ऐखी खबर आ रही है कि सितंबर तिमाही में ग्रोथ सिर्फ 4% रह सकती है. यह एक दशक में सबसे कमजोर ग्रोथ होगी.

पहली तिमाही में 5% रही थी ग्रोथ

सरकरी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में वृद्धि 5 फीसदी थी. यह 2013 के बाद किसी तिमाही में न्यूनतम आर्थिक वृद्धि दर थी. इंडिया रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.7 फीसदी रह सकती है.

शेयर बाजार पर क्या होगा असर

ट्रेडिंग बेल्स के को फाउंडर और CEO अमित गुप्ता का कहना है कि कुछ सोर्सेज के हवाले से खबर आ रही है कि जीडीपी ग्रोथ 4 फीसदी तक आ सकती है. यह करीब एक दशक का सबसे कमजोर आंकड़ा होगा. जहां तक शेयर बाजार की बात है कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर लगातार आ रही निगेटिव खबरों के बाद भी यह अपने शिखर पर है.

यानी एक तरह से बाजार के लिए ये फैक्टर अब डिस्काउंट हो चुके हैं. बाजार की नजर अब एक और रेट कट पर है. वहीं, उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर कॉरपोरेट टैक्स कट के बाद कुछ और भी राहत मिल सकती है. आगे की बात करें तो निफ्टी 12500 की ओर जाता दिख रहा है. इस राह में 12350 इंटरमीडिएट रेजिस्टेंस लेवल होगा. वहीं नीचे की ओर से इसे 12000-11950 के स्तर पर सपोर्ट है.

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