भारत में 27 करोड़ लोग 10 साल में गरीबी से बाहर निकले: UN रिपोर्ट

10 चुने गए देशों में भारत और कम्बोडिया में एमपीआई मूल्य में सबसे तेजी से कमी आई.

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भारत का एमपीआई मूल्य 2005-06 में 0.283 था जो 2015-16 में 0.123 पर आ गया.

भारत में स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा समेत अलग-अलग क्षेत्रों में प्रगति से लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2006 से 2016 के बीच रिकॉर्ड 27.10 लोग गरीबी से बाहर निकले हैं. इस दौरान खाना पकाने का ईंधन, साफ-सफाई और पोषण जैसे क्षेत्रों में मजबूत सुधार के साथ अलग-अलग स्तरों पर यानी मल्टीडायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स (MPI) मूल्य में सबसे बड़ी गिरावट आई है.

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड पोवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनीशिएटिव (OPHI) द्वारा तैयार वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) 2019 बृहस्पतिवार को जारी किया गया.

कैसे हुआ आकलन

रिपोर्ट में 101 देशों में 1.3 अरब लोगों का स्टडी किया गया. इसमें 31 न्यूनतम आय, 68 मध्यम आय और दो सबसे ज्यादा आय वाले देश थे. ये लोग विभिन्न पहलुओं के आधार पर गरीबी में फंसे थे. यानी गरीबी का आकलन सिर्फ आय के आधार पर नहीं बल्कि स्वास्थ्य की खराब स्थिति, कामकाज की खराब गुणवत्ता और हिंसा का खतरा जैसे कई मुद्दो के आधार पर किया गया.

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गरीबी में कमी को देखने के लिये संयुक्त रूप से करीब 2 अरब आबादी के साथ 10 देशों को शामिल किया गया. आंकड़ों के आधार पर इन सभी ने सतत विकास लक्ष्य 1 प्राप्त करने के लिये उल्लेखनीय प्रगति की. सतत विकास लक्ष्य 1 से मतलब है कि गरीबी को सभी रूपों में हर जगह समाप्त करना है.

भारत में तेजी से गरीबी से बाहर आए लोग

ये 10 देश बांग्लादेश, कम्बोडिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, इथियोपिया, हैती, भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान, पेरू और वियतनाम हैं. इन देशों में गरीबी में उल्लेखनी कमी आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘सबसे अधिक प्रगति दक्षिण एशिया में देखी गई. भारत में 2006 से 2016 के बीच 27.10 करोड़ लोग, जबकि बांग्लादेश में 2004 से 2014 के बीच 1.90 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले.’’

इसमें कहा गया है कि 10 चुने गए देशों में भारत और कम्बोडिया में एमपीआई मूल्य में सबसे तेजी से कमी आई और उन्होंने ज्यादा से ज्यादा गरीब लागों को बाहर निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ी. भारत का एमपीआई मूल्य 2005-06 में 0.283 था जो 2015-16 में 0.123 पर आ गया.

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