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कॉरपोरेट टैक्स घटने से भारत में सुधरेगा निवेश, राजको​षीय मोर्चे पर राह मुश्किलों भरी: IMF

भारत में मोदी सरकार द्वारा की गई कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने समर्थन किया है. IMF ने कॉरपोरेट कर में कटौती के भारत के फैसले का समर्थन करते हुए शुक्रवार को इसे निवेश के अनुकूल बताया है.

October 19, 2019 5:28 PM
Photo: Reuters

भारत में मोदी सरकार द्वारा की गई कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने समर्थन किया है. IMF ने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के भारत के फैसले का समर्थन करते हुए शुक्रवार को इसे निवेश के अनुकूल बताया है. हालांकि उसने यह भी कहा कि भारत को राजकोषीय स्थिति के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान करना चाहिए ताकि इस मोर्चे पर लंबे समय तक मजबूती बनी रहे.

IMF के डायरेक्टर (एशिया एवं प्रशांत विभाग) चांगयोंग री ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि IMF का मानना है कि राजकोषीय मोर्चे पर भारत की राह मुश्किल है, इसलिए भारत को सावधानी से चलना चाहिए. उन्होंने कहा कि IMF कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के भारत के फैसले का स्वागत करता है क्योंकि इसका निवेश पर सकारात्मक असर होगा.

वृद्धि दर 6.1 फीसदी रहने का अनुमान

उन्होंने कहा कि पिछली दो तिमाहियों की सुस्ती को देखते हुए इस वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 6.1 फीसदी रहने का अनुमान है, जो बढ़कर 2020 में सात प्रतिशत हो जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि मौद्रिक नीति में किये गये उपाय और कॉरपोरेट कर में कटौती से निवेश में सुधार होने की उम्मीद है. IMF की डिप्टी-डायरेक्टर (एशिया और प्रशांत विभाग) एन्ने-मारी गुल्ड-वोल्फ ने कहा कि भारत को गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र की दिक्कतों को दूर करना चाहिए.

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NBFCs की मुश्किलों को दूर करने की जरूरत

चांगयोंग री ने कहा है कि सरकारी बैंकों में पूंजी डालने के साथ कुछ सुधार हुए हैं लेकिन गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र की दिक्कतें अभी भी बनी हुई हैं और उनको रेगुलेट करना भी एक चुनौती है. उन्होंने कहा कि सरकार इससे अवगत भी है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत के कर्ज का स्तर ऊंचा है और राजकोषीय मोर्चे पर सुधार प्राथमिकता होना चाहिए. उन्होंने कहा है कि भारत के एक संघीय व्यवस्था होने की वजह से राजकोषीय मोर्चे पर सुधार करना ज्यादा जटिल है. अलग राज्यों में राजकोषीय संरचना के मसले और चुनौतियां अलग होती हैं.

पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतीरमण ने कॉरपेरेट टैक्स में कटौती का ऐलान किया था. इस कटौती के बाद कॉरपोरेट टैक्स घटाकर 22 फीसदी कर दिया गया था जो सेस और सरचार्ज के साथ 25.17 फीसदी हो गया.

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