मुख्य समाचार:
  1. अगले 72 घंटों में केरल पहुंचेगा मानसून, जानें इन 3 दिनों में कहां कैसा रहेगा मौसम

अगले 72 घंटों में केरल पहुंचेगा मानसून, जानें इन 3 दिनों में कहां कैसा रहेगा मौसम

केरल में जल्द दस्तक देगा मानूसन

June 4, 2019 3:15 PM
IMD, Monsoon, Rainfall, बारिश, मानसून, मौसम विभाग, South West Monsoon, Rain, Agriculture, Economy, Kerala, केरल में जल्द दस्तक देगा मानूसन, Monsoon hits keralaकेरल में जल्द दस्तक देगा मानूसन

गर्मी से तप रहे पूरे देश के लिए राहत की खबर आ रही है. भारत मौसम विभाग का कहना है कि अगले 72 घंटों में मानूसन केरल में दस्तक दे सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से से आने वाली हवाओं से मानसून के आगे बढ़ने और इसे मज़बूत होने में मदद मिल रही है. अगर यहीं स्थिति बन रही तो अगले 3 दिन में केरल तट पर तेज बारिश होने की उम्मीद है.

हालांकि इन 3 दिनों की बात करें तो मध्य प्रदेश और राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा. गर्मी को लेकर मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों में अलर्ट भी जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून की बारिश शुरू हो गई है. इससे किसानों को खरीफ फसल की बुआई में मदद मिलेगी. बता दें कि आम तौर पर केरल में मानसून की पहली बारिश जून के पहले हफ्ते में शुरू हो जाती है.

अगले 3 दिनों में क्या रहेगा हाल

4 से 5 जून

#अगले 24 घंटों की बात करें तो तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, रायलसीमा, जम्मू एंड कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड के कुछ इलाकों, झारखंड, वेस्ट बंगाल, कोस्टल आंध्र पंदेश, कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों और केरल के कुछ इलाकों में आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है.
#इस दौरान नॉर्थ ईस्ट के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है.
#वहीं मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, तेलंगाना और राजस्थान में गर्म हवाओं का दौर जारी रहेगा.

5 से 6 जून

#वेस्ट बंगाल, नॉर्थ ईस्ट में भारी बारिश की संभावना.
#तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, रायलसीमा, जम्मू एंड कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड के कुछ इलाकों, झारखंड, वेस्ट बंगाल, कोस्टल आंध्र पंदेश, कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों और केरल के कुछ इलाकों में आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है.
#वहीं मध्य प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना और राजस्थान में गर्म हवाओं का दौर जारी रहेगा.

प्री मानसून बारिश में भारी कमी

मौसम का पूर्वानुमान जताने वाली निजी संस्था स्काइमेट वेदर ने सोमवार को कहा कि देश में मॉनसून से पूर्व होने वाली बारिश 65 सालों में दूसरी बार इतनी कम दर्ज की गई है. तीन महीने की अवधि का मॉनसून से पहले का सीजन- मार्च, अप्रैल और मई 25 फीसदी कम वर्षा के साथ समाप्त हुआ. स्काइमेट ने कहा कि सभी चार मौसमी मंडलों- उत्तर पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्व-पूर्वोत्तर भारत एवं दक्षिणी प्रायद्वीप में क्रमश: 30 फीसदी, 18 फीसदी, 14 फीसदी और 47 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई.

मानसून और अर्थव्यवस्था

भारत कृषि प्रधान देश्या है, जहां मानसून का महत्व अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. देश के तमाम हिस्सों में खेती बारिश पर निर्भर है. ऐसे में सही समय से मानसून का आना और सीजन में सामान्य बारिश होने से अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिल सकती है. असल में खेती बेहतर होने से ग्रामीण इलाकों में लोगों की आय बेहतर होती है, जिससे मांग मजबूत होती है. इससे कंपनियों को अपनी अर्निंग बढ़ाने में मदद मिलती है, जो देश की जीडीपी में अपना योगदान देती हैं.

Go to Top

FinancialExpress_1x1_Imp_Desktop