मुख्य समाचार:

चीन की तरह कैसे पैदा करें नौकरियां, अरविंद पनगढ़िया ने अगली सरकार के लिए दिए अहम सुझाव

मोदी सरकार में बने नीति आयोग के उपाध्यक्ष रहे अरविंद पनगढ़िया ने नई सरकार के लिए रोजगार के मसले पर कुछ सुझाव दिए हैं.

Published: April 22, 2019 3:28 PM
china job creation model, job creation in india, Arvind Panagariya, Arvind Panagariya suggestion for next govt, Arvind Panagariya suggestion for job creation, election 2019, general election 2019, NITI Aayog, नीति आयोग, अरविंद पनगढ़िया, भारत में नौकरियां, मोदी सरकार, पीएम मोदी, चुनाव 2019, लोकसभा चुनाव 2019मोदी सरकार में बने नीति आयोग के उपाध्यक्ष रहे अरविंद पनगढ़िया ने नई सरकार के लिए रोजगार के मसले पर कुछ सुझाव दिए हैं.

Arvind Panagariya suggestions on Jobs: लोकसभा चुनाव 2019 के बाद बनने वाली नई सरकार के लिए जो चुनौतियां होंगी, उनमें रोजगार का मसला काफी अहम है. मोदी सरकार में बने नीति आयोग के उपाध्यक्ष रहे अरविंद पनगढ़िया ने नई सरकार के लिए रोजगार के मसले पर कुछ सुझाव दिए हैं. जनवरी, 2015 से अगस्त, 2017 तक नीति आयोग के उपाध्यक्ष का कहना है कि भारत में सुधार की प्रक्रिया अगले 5 साल में निश्चित रूप से पूरी हो जानी चाहिए. भारत को लेबर श्रम आधारित सेक्टर की ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, जिससे कि अधिक से अधिक नौकरियां लोगों को मिल सके.

पनगढ़िया ने भारत में हो रहे लोकसभा चुनावों के बाद बनने वाली अगली सरकार के लिए आवश्यक प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर यह बात कही. कोलंबिया यूनिवर्सिटी में भारतीय आर्थिक नीतियों से जुड़े एक केंद्र के निदेशक पनगढ़िया ने कहा, ”मेरा निजी विचार है कि भारत को आगामी पांच वर्ष में अपनी सुधार प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए.”

बता दें, जॉक के मौके पर विपक्ष हमेशा से नरेंद्र मोदी सरकार को निशाना बनाता रहा है. NSSO की एक लीक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2018 के दौरान देश में बेरोजगारी दर 45 साल में सबसे अधिक हो गई.

इन सेक्टर पर करना होगा फोकस

पनगढ़िया ने बताया कि भारत को टेक्सटाइल, जूता-चप्पल, फर्नीचर, रसोई से जुड़े सामान एवं ऐसे अन्य सेक्टर की प्रगति पर अधिक ध्यान देना चाहिए, जिसमें लेबर की आवश्यकता अधिक होती है. उन्होंने कहा कि हमें इन सेक्टर्स में ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंपनियों की आवश्वकता है जो उस एक्सपोर्ट मार्केट पर दबदबा कायम कर सकें, जिससे चीन अधिक मेहनताने के कारण बाहर निकल रहा है.

अरविंद पनगढ़िया ने पीटीआई को बताया कि इसे हासिल करने के लिए अर्थव्यवस्था को सरल और आसान लेबर कानून की जरूरत पड़ेगी. पनगढ़िया ने सुझाव दिया कि चीन के शेनझेन स्टाइल वाले कोस्टल इम्प्लॉयमेंट जोन की तरह इम्प्लॉयमेंट जोन बनाने होगे. चीन का यह क्षेत्र आंत्रप्रेन्योर के लिए काफी मुफीद है.

बैंक निजीकरण पर गंभीरता से सोचने की जरूरत

पीएसयू बैंकों के निजीकरण पर अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि यह ऐसा समय है जब हमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है. प्राइवेट और विदेशी बैंकों में एनपीए की समस्या सरकारी बैंकों की तरह परेशान करने लायक नहीं है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. चीन की तरह कैसे पैदा करें नौकरियां, अरविंद पनगढ़िया ने अगली सरकार के लिए दिए अहम सुझाव

Go to Top