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कर्नाटक: विश्वासमत से तय होगा कुमारस्वामी सरकार का भविष्य, कुर्सी बचेगी या फिर खिलेगा कमल

कर्नाटक: विश्वासमत पर फैसला

July 18, 2019 12:03 PM
Karnataka Assembly LIVE, Karnataka government, Kumaraswamy trust vote result, The Congress-JD(S) government in Karnataka, Chief Minister HD Kumaraswamy, Legislative Assembly, BJPकांग्रेस और जेडीएस के 15 विधायकों की बगावत के बात बहुमत का जादुई नंबर घट गया.

कर्नाटक की एचडी कुमारस्वामी सरकार के भाग्य के फैसला गुरुवार को विश्वास प्रस्ताव पर मतदान हो जाएगा. नंबर गेम कुमारस्वामी के पक्ष में रहता है कि नहीं यह देखना दिलचस्प है कि क्योंकि 225 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत साबित करने का जादुई आंकड़ा 113 से घटकर 106 रह गया है. कांग्रेस और जेडीएस के 15 विधायकों की बगावत के बात जादुई नंबर घट गया है. इस बीच, मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदुरप्पा विधानसभा पहुंच गए हैं.

कर्नाटक में 18 जुलाई को विधानसभा में विश्वासमत से पहले बुधवार को कांग्रेस-जेडीएस सरकार का भविष्य अधर में दिखाई दे रहा है. बीते कई हफ्ते से चल रहे सियासी नाटक का मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि बागी विधायकों को विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है.

कर्नाटक विधानसभा अपडेट्स…

 

कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत पेश हुआ

  • कुमारस्वामी ने कहा, सभी मुद्दों पर चर्चा और चुनौती के लिए तैयार हूं. बीजेपी सरकार को अस्थिर करने में लगी हुई है. लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ ड्रामा किया जा रहा है. आयाराम-गयाराम विधायकों का सिलसिला चल रहा है. हमें कड़े कानून लाने की जरूरत है ताकि दलबदल को रोका जा सके.
  • कुमारस्वामी ने कहा, आखिर बीएस येदियुरप्पा इतनी जल्दीबाजी में क्यों हैं. मैं पूछना चाहता हूं कि हमारी सरकार को अस्थिर करने के पीछे कौन हैं? स्पीकर की भूमिका खराब करने की कोशिश की जा रही है। हमें कर्नाटक के विकास के लिए काम करना चाहिए.
  • बीएसपी विधायक एन महेश विश्वास प्रस्ताव के दौरान सदन में मौजूद नहीं हैं.
  • कुमारस्वामी ने प्रस्ताव पर चर्चा के लिए स्पीकर से वक्त मांगा है.
  • येदियुरप्पा ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं, सरकार विश्वास मत हारेगी.
  • कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत पेश हो गया है. कुमारस्वामी ने कहा कि येदियुरप्पा काफी हड़बड़ी में हैं.

बागी विधायक अपने फैसले पर अडिग

सत्ताधारी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने दलबदल निरोधक कानून के तहत अयोग्य घोषित करने के प्रावधान का उल्लेख करते हुए बागी विधायकों के खिलाफ व्हिप जारी करने की चेतावनी दी थी. शीर्ष अदालत के आदेश के बाद मुम्बई में बागी कांग्रेस-जदएस विधायकों ने कहा कि उनके इस्तीफे या सत्र में हिस्सा लेने को लेकर उनके पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता. कांग्रेस के बागी विधायक बी सी पाटिल ने मीडिया को जारी एक वीडियो में कहा, ‘हम माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय से खुश हैं, हम उसका सम्मान करते हैं.’

इससे सत्ताधारी गठबंधन की उन्हें वापस अपने पाले में लाने की उम्मीदें और कम हो गई. पाटिल के साथ कांग्रेस-जेडीएस के 11 अन्य विधायक भी थे जिन्होंने इस्तीफा दिया है. पाटिल ने कहा, ‘हम सभी साथ हैं और हमने जो भी निर्णय किया है. किसी भी कीमत पर (इस्तीफों पर) पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता. हम अपने निर्णय पर कायम हैं. विधानसभा जाने का कोई सवाल नहीं है.’

क्या कमल खिलेगा?

विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार, अगर 15 विधायक (एक ने इस्तीफा वापस लिया) विश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान गैरहाजिर रहते हैं तो कुल संख्याबल 210 पहुंच जाएगा. कांग्रेस के एक बागी विधायक रामलिंगा रेड्डी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. रेड्डी ने कहा है कि वह गठबंधन सरकार के पक्ष में अपना वोट डालेंगेत्र

अगर 15 विधायक वोटिंग में शामिल नहीं होते हैं तो बहुमत का जादुई आंकड़ा 106 होगा. बीजेपी के पास कुल 105 विधायक हैं. यानी बागियों के वोटिंग से बाहर रहने की सूरत में उसे कुमारस्वामी की सरकार गिराने के लिए सिर्फ एक विधायक का समर्थन जरूरी होगा. दो निर्दलीय विधायकों (एच नागेश और आर शंकर) ने पहले ही बीजेपी को समर्थन दे रखा है.

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