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GST काउंसिल: लेट फीस पर कारोबारियों को राहत, अधिकतम 500 रु जुर्माना; GSTR-3B फॉर्म के लिए नया विंडो

40th GST Council Meeting: जिन कारोबारियों पर टैक्स देनदारी नहीं है उन्हें जीएसटी रिटर्न फाइल करने में हुई देरी पर लेट फीस नहीं देनी होगी.

Updated: Jun 12, 2020 5:35 PM
gst council 40th meeting live updates in hindi gst council meeting decisions GST return late fee finance minister nirmala sitharamanवित्त मंत्री ने कहा कि सभी मंत्रियों के आग्रह पर जुलाई में सिर्फ एक अजेंडा- कम्पसेंशन सेस पर चर्चा के लिए मीटिंग बुलाई जाएगी.

40th GST Council Meeting: लॉकडाउन के बाद गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल की बैठक में कारोबारियों के हित में बड़े फैसले हुए हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि जुलाई 2017 से जनवरी 2020 तक की अवधि में जिन्होंने GST रिटर्न फाइल नहीं किया है और जिन पर कोई टैक्स बकाया नहीं है, उन्हें अब रिटर्न फाइल करने पर कोई लेट फीस नहीं देनी होगी. वित्त मंत्री सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल की 40वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हो रही है.

GST काउंसिल की मीटिंग के बाद मीडिया ब्रीफिंग में वित्त मंत्री ने कहा कि जुलाई 2017 और जनवरी 2020 के बीच के लिए जिन कारोबारियों पर टैक्स देनदारी है, उनके लिए मंथली सेल्स रिटर्न नहीं फाइल करने पर लेट फीस अधिकतम 500 रुपये देनी होगी. वहीं, इस अवधि के लिए लंबित जीएसटी रिटर्न कारोबारी 1 जुलाई से 30 सितंबर, 2020 के बीच फाइल कर सकते हैं.

वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि 5 करोड़ रुपये के कुल टर्नओवर वाले छोटे करदाता जो फरवरी, मार्च और अप्रैल 2020 के GST रिटर्न 6 जुलाई तक नहीं भरेंगे, उन्हें सितंबर तक सालाना 9 फीसदी ब्याज दर के साथ रिटर्न भरने की छूट होगी. पहले ब्याज दर 18 फीसदी तय थी. वहीं, ऐसे टैक्सपेयर्स को उस स्थिति में लेट फीस और ब्याज नहीं भरना होगा जो इस वर्ष मई, जून और जुलाई के महीनों में सप्लाई प्रभावित होने के कारण सितंबर तक GSTR-3B भर देंगे.

जुलाई मीटिंग का एक अजेंडा- कम्पसेंशन सेस

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सभी मंत्रियों के आग्रह पर जुलाई महीने में सिर्फ एक अजेंडा- कम्पसेंशन सेस पर चर्चा के लिए मीटिंग बुलाई जाएगी. यह राज्यों को दिया जाने वाला मुआवजा है. वित्त मंत्री ने कहा कि अगर राज्यों को मुआवजा देना पड़ा तो यह किसी ना किसी तरह से कर्ज हो जाएगा. उन्होंने सवाल किया कि इसे कैसे और कौन चुकाएगा?

14 मार्च को हुई पिछली बैठक

जीएसटी काउंसिल की इससे पिछली 14 मार्च को हुई बैठक सीतारमण ने कहा था कि केंद्र सरकार मुआवजे की जरूरत को पूरा करने के लिए काउंसिल की ओर से बाजार से कर्ज जुटाने की कानूनी वैधता पर गौर करेगी. जीएसटी कानून के तहत राज्यों को एक जुलाई, 2017 से जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद पहले पांच साल तक राजस्व नुकसान की भरपाई की गारंटी दी गई है. जीएसटी स्ट्रक्चर के तहत पांच टैक्स स्लैब 5, 12, 18 और 28 फीसदी है.

GSTR-3B रिटर्न में लेट फीस हुआ था खत्म

केंद्र सरकार ने फरवरी 2020 से लेकर मई 2020 तक फाइल होने वाले GSTR-3B रिटर्न में देरी पर फीस को खत्म करने का एलान किया है. इसके अलावा नील जीएसटी रिटर्न को एसएमएस से फाइल करने की भी सुविधा दी है. जीएसटी काउंसिल की सबसे बड़ी चिंता जीएसटी कलेक्शन में आई कमी है. काउंसिल को राज्यों को भी उनका भारी-भरकम हिस्सा देना है.

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