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  1. अब ट्रांसपोर्ट व्हीकल के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 8वीं पास होना जरूरी नहीं, सरकार ने बदला नियम

अब ट्रांसपोर्ट व्हीकल के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 8वीं पास होना जरूरी नहीं, सरकार ने बदला नियम

समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े स्किल्ड लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने एक पहल की है.

June 18, 2019 6:04 PM

Govt to remove minimum educational qualification requirement for driving licence

समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े स्किल्ड लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने एक पहल की है. सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने ट्रांसपोर्ट व्हीकल को चलाने के लिए न्यूनतम ​शैक्षणिक योग्यता की शर्त हटाने का फैसला किया है. सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 के नियम 8 के तहत ट्रांसपोर्ट व्हीकल ड्राइवर ​बनने के लिए कक्षा 8 पास होना जरूरी है.

मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, देश में, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई बेरोजगार लोग हैं, जो औपचारिक तौर पर शिक्षित नहीं हैं लेकिन पढ़े-लिखे व स्किल्ड हैं. इस कदम से कई बेरोजगार लोगों के लिए रोजगार अवसर खुलेंगे, खासतौर पर युवाओं के लिए. साथ ही यह फैसला ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक्स सेक्टर में लगभग 22 लाख ड्राइवरों की कमी को पूरा करने में भी मदद करेगा .

मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 के नियम 8 को संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जल्द ही इस बारे में ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा.

हरियाणा सरकार का था प्रस्ताव

मंत्रालय की हाल में हुई मीटिंग में हरियाणा सरकार ने अपील की थी कि मेवात क्षेत्र के आर्थिक रूप से पिछड़े हुए ड्राइवर्स के लिए शैक्षणिक योग्यता की शर्त हटा ली जाए. वहां की आबादी आजीविका के लिए कई कम आय वाले कामों पर निर्भर है, इनमें ड्राइविंग भी शामिल है.

हरियाणा सरकार ने यह भी बताया था कि मेवात में कई लोग ट्रांसपोर्ट व्हीकल ड्राइविंग के लिए जरूरी स्किल रखते हैं लेकिन उनके पास जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं है. इसके चलते उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस मिलने में मुश्किल होती है. चूंकि ऐसा महसूस किया गया है कि ड्राइविंग में पढ़ाई से ज्यादा स्किल मायने रखता है, इसलिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की शर्त स्किल्ड बेरोजगार युवाओं के लिए एक अवरोध है.

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क्वालिटी ट्रेनिंग व स्किल टेस्टिंग पर जोर

बयान में यह भी कहा गया कि मंत्रालय ने इसके साथ ही ड्राइवरों की ट्रेनिंग व स्किल टेस्टिंग पर भी जोर दिया है ताकि सड़क सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो. ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई करने वाले हर व्यक्ति के लिए कड़ा स्किल टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा.

मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया है कि मोटर व्हीकल्स एक्ट 1988 में उल्लिखित ड्राइविंग स्कूल या संस्थानों में दी जाने वाली ​ट्रेनिंग यह सुनिश्चित करने वाली होनी चाहिए कि ड्राइवर रोड साइन पढ़ सकता है और लॉजिस्टिकल जिम्मेदारियां निभा सकता है, जैसे- ड्राइवर लॉग्स का मेंटीनेंस, ट्रक व ट्रेलर्स की जांच, ट्रिप से पहले व बाद के रिकॉर्ड सबमिट करना, पेपरवर्क की ग​लतियों में सुधार, खतरों के बारे में रिपोर्ट करना आदि.

इसके अलावा यह भी कहा गया कि ड्राइविंग की वॉकेशनल ट्रेनिंग और स्किल सुविधा देने वाले स्कूल व संस्थान, राज्यों द्वारा रेगुलेटरी कंट्रोल का विषय हैं. लिहाजा दी जाने वाली ट्रेनिंग उच्च गुणवत्ता वाली, किसी मोटर व्हीकल को चलाने के सभी पहलुओं को कवर करने वाली होनी चाहिए.

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