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अर्धसैनिक बलों में अब मल्टी टास्किंग स्टॉफ और किचन सर्विसेज कहलाएंगे सफाई कर्मचारी, कहार

पैरामिलिट्री जवानों के सबसे निचली रैंक के तौर पर सफाई कर्मचारी, कहार, फराश और मसालची जैसी श्रेणियों को खत्म कर उनकी जगह पेशेवर पद बनाए जाएंगे.

October 21, 2020 6:00 PM
"The scheme is already in place. The government is waiting for the vaccine, and its distribution and use will not be a problem since a plan has already been laid out," he added."The scheme is already in place. The government is waiting for the vaccine, and its distribution and use will not be a problem since a plan has already been laid out," he added.

केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि अब पैरामिलिट्री जवानों के सबसे निचली रैंक के तौर पर सफाई कर्मचारी, कहार, फराश और मसालची जैसी श्रेणियों को खत्म कर उनकी जगह पेशेवर पद बनाए जाएंगे, जैसे कि मल्टी-टास्किंग स्टॉफ (MTS) और किचन सर्विसेज. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अभी हाल ही में सभी पैरामिलिट्री या सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPFs) को निर्देश दिया था कि इन सेवाओं के लिए भर्ती विज्ञापन निकाले जाएं और इनका नाम पेशेवर तरीके जैसे कि एमटीएस और किचन सर्विसेज जैसे रखें जाएं.

एमटीएस और किचन सर्विसेज के तहत होगी भर्तियां

सीएपीएफ हर बार रिक्रूटमेंट में अपनी टुकड़ियों के लिए खाना बनाने, सफाई, बाग-बगीचे की रखवाली और कपड़े धोने जैसी दैनिक आवश्यकताओं के लिए सैकड़ों लोगों को काम पर रखती है. अब होम मिनिस्ट्री द्वारा जारी आदेश के मुताबिक कांस्टेबल दफ्तरी (ऑफिस बॉय), फराश व सफाई कर्मचारी (क्लीनर) और चपरासी को एमटीएस के तहत रखा जाएगा. इन्हें अब कांस्टेबल एमटीएस या मल्टी टास्किंग स्टॉफ कहा जाएगा. खाना बनाने वाले, पानी पहुंचाने वाले, कसाई, वेटर, मसालची (रसोई में मदद करने वाला जो मसाले तैयार करता है), टेबल बॉय और कहार को किचन सर्विसेज वाले कांस्टेबल कहा जाएगा.

समिति के प्रस्ताव पर लिया गया फैसला

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह फैसला आइटीबीपी अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एक समिति द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों के आधार पर किया गया है. इसका लक्ष्य है कि इन फोर्सेज में जो लोग नीचे की हियारकी पर हैं, उन्हें पेशेवर और सम्मानजनक पेशा बनाया जाए. इसके अलावा इस फैसले के पीछे एक और बड़ी वजह इन पदों के लिए यूनिफॉर्म रिक्रूटमेंट पॉलिसी लाने की कोशिश है. अधिकारी ने बताया कि इस बदलाव से किसी भी प्रकार का वित्तीय बोझ नहीं बढ़ेगा.

पहले अपना पद बताने में होती थी झिझक

एक सीएपीएफ ऑफिसर ने बताया कि निचली रैंक पर कार्यरत लोगों को अपने दोस्तों या परिवार के बीच अपने पद के बारे में बताने से झिझक होती थी लेकिन अब इन श्रेणियों के नाम बदलने से इसके प्रति लोगों का सम्मान बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि इन कार्यों के लिए दक्षता की आवश्यकता होती है तो फिर उसे पेशेवराना तरीके देने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए. भविष्य में अब निचले रैंक की सभी भर्तियां अब इन्हीं दो श्रेणियों के तहत होगी.

सीएपीएफ में शामिल बल

सीएपीएफ (CAPF) में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF), बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF), इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP), सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) आते हैं. इसके अलावा तीन और केंद्रीय बल हैं जो इन श्रेणियों में रिक्रूटमेंट करते हैं, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG), नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और असम राइफल्स.

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