मुख्य समाचार:
  1. इन्सॉल्वेंसी लॉ में होंगे 7 संशोधन, कैबिनट ने दी मंजूरी

इन्सॉल्वेंसी लॉ में होंगे 7 संशोधन, कैबिनट ने दी मंजूरी

इस कदम का मकसद समाधान प्रक्रिया समय पर पूरी करने के साथ अधिकारों के बारे में और स्पष्टता उपलब्ध कराना है.

July 17, 2019 7:58 PM
Cabinet Decision: Govt clears 7 amendments to insolvency lawImage: PIB

सरकार ने बुधवार को इन्सॉल्वेंसी लॉ में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इस कदम का मकसद समाधान प्रक्रिया समय पर पूरी करने के साथ अधिकारों के बारे में और स्पष्टता उपलब्ध कराना है. मंत्रिमंडल ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक 2019 में अवरुद्ध कर्जों के समाधान में मददगार इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) में कुल सात संशोधनों का प्रस्ताव रखा है.

आधिकारिक बयान के अनुसार, IBC में संशोधन का मकसद कंपनी कर्ज इन्सॉल्वेंसी समाधान व्यवस्था की कमजोरियों को दूर करने के साथ समाधान प्रक्रिया के जरिए अधिकतम मूल्य प्राप्त करना है. सूत्रों के अनुसार, इन बदलावों से आवेदनों को समय पर स्वीकार किए जाने और कंपनी इन्सॉल्वेंसी समाधान प्रक्रिया को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी.

चीजें होंगी अधिक साफ

संशोधित कोड से कंपनी पुनर्गठन योजनाओं की स्वीकार्यता पर चीजें अधिक साफ होंगी. साथ ही यह मतदाताओं के अधिकृत प्रतिनिधियों के अधिकार व कर्तव्य, वित्तीय और परिचालन के लिए कर्ज देने वालों के बीच राशि का वितरण के बारे में चीजें अधिक स्पष्ट होंगी. बयान के अनुसार संशोधन से सरकार समयसीमा का कड़ाई से पालन करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित कर सकेगी कि चलता हाल कंपनी के लिए अच्छे से अच्छे पैसा मिल सके.

58 कानून खत्म करने को भी मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस विधेयक को भी मंजूरी दे दी, जिसमें प्रासंगिकता खो चुके 58 कानूनों को खत्म करने की बात कही गई है.राजग सरकार ने अपने दो कार्यकाल में अनावश्यक हो चुके 1824 पुराने कानूनों को खत्म करने के लिए कवायद की है. निरसन और संशोधन विधेयक 2019 को संसदीय मंजूरी मिलने के बाद अगले हिस्से में 137 कानूनों को खत्म किया जाएगा. जिन 58 कानूनों को खत्म किया जाएगा, तत्काल उनकी सूची उपलब्ध नहीं हो पाई है, लेकिन सरकार के सूत्रों ने कहा कि अधिकतर ऐसे कानून हैं जो प्रमुख और मुख्य कानूनों में संशोधन के लिए लागू किए गए थे.

ये हैं कुछ खत्म हुए कानून

खत्म किए गए कुछ पुराने कानूनों में घोड़ा गाड़ियों के नियमन और नियंत्रण के लिए बनाए गए हैकनी कैरिज एक्ट 1879 और ब्रिटिश शासन के खिलाफ नाटकों के जरिए होने वाले विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए बनाए गए ड्रामैटिक परफॉर्मेंस एक्ट 1876 शामिल हैं. लोकसभा द्वारा इसी तरह का खत्म किया गया एक अन्य कानून गंगा चुंगी कानून 1867 है, जो गंगा में चलने वाली नौकाओं और स्टीमरों पर चुंगी (12 आना से अधिक नहीं) वसूलने के लिए था.

 

Go to Top