सर्वाधिक पढ़ी गईं

मोदी सरकार ने बिजली कंपनियों से बकाया वसूलने को लागू किया त्रिस्तरीय समझौता, इन तीन राज्यों के खाते से काटे जाएंगे पैसे, जानिए क्या है पूरा मामला

एनटीपीसी ने केंद्र सरकार से इस समझौते को लागू करने के लिए आग्रह किया था. हालांकि इस समझौते को बहुत जरूरत पड़ने पर ही लागू किया जाता है क्योंकि इससे केंद्र व राज्यों के रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं.

September 17, 2021 10:37 AM
Government invokes 3-way pact to recover power dues from 3 statesसरकारी बिजली कंपनियों के समय पर बिल भुगतान को लेकर मोदी सरकार नई कोशिशें कर रही हैं जिसके तहत बकाए का भुगतान हो सकता है.

सरकारी बिजली कंपनियों के समय पर बिल भुगतान को लेकर मोदी सरकार नई कोशिशें कर रही हैं जिसके तहत बकाए का भुगतान हो सकता है. सरकारी इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटीज (डिस्कॉम्स) के पेमेंट पर समय पर हो सकें, इसके लिए केंद्रीय पॉवर मिनिस्ट्री ने बिजली बनाने वाली कंपनी एनटीपीसी की तरफ से त्रिपक्षीय समझौते (टीपीए) को लागू कर दिया है. यह त्रिपक्षीय समझौता केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और राज्य सरकार के बीच है. इस समझौते के तहत कर्नाटक, तमिलाडु और झारखंड की सरकारी बिजली कंपनियों के बकाए को राज्य सरकार से वसूल कर सकेगी.

बिजली कंपनियों द्वारा बकाए में देरी और कुछ डिस्कॉम्स द्वारा ओवरड्यू पेमेंट चुकता से इनकार करने पर एनटीपीसी ने केंद्र सरकार से इस समझौते को लागू करने के लिए आग्रह किया था. हालांकि इस समझौते को बहुत जरूरत पड़ने पर ही लागू किया जाता है क्योंकि इससे केंद्र व राज्यों के रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं.

Magma Fincorp Insider Trading Case: पूनावाला फिनकॉर्प के एमडी भूटाडा ने दिया इस्तीफा, शेयरों पर बिकवाली का दबाव, पढ़ें पूरा मामला

इस तरह एनटीपीसी को होगा बकाए का भुगतान

टीपीए के तहत आरबीआई, केंद्रीय पॉवर मिनिस्ट्री के जरिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार/यूनियन टेरीटरी सरकार समझौते से जु़ड़ी है. इस समझौते को लागू करने के बाद केंद्रीय बैंक आरबीआई बिजली कंपनियों के ओवरड्यू के बराबर की राशि राज्य/यूनियन टेरीटरी सरकार के खाते से काटी जाएगी और फिर इसे सीधे बिजली बनाने वाली कंपनियों एनटीपीसी को भुगतान कर दिया जाएगा. आरबीआई इन खातों का कस्टोडियन है जिसमें केंद्र सरकार द्वारा टैक्स हस्तांतरण की राशि जमा होती है.

इतनी राशि है ओवरड्यू

अगस्त के अंत में झारखंड का ओवरड्यू 3292 करोड़ रुपये, कर्नाटक का 5240 करोड़ रुपये और तमिलनाडु का ओवरड्यू 21555 करोड़ रुपये का था. झारखंड के मामले में 45 दिन या इससे अधिक के रुके हुए पेमेंट यानी 1126 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए यह समझौता लागू किया गया है. कर्नाटक से 1540 करोड़ रुपये और तमिलनाडु से 2458 करोड़ रुपये की रिकवरी करनी है. अगस्त में टीपीए के जरिए पहले ही झारखंड से 714 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है.
(Article: Anupam Chatterjee)

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. मोदी सरकार ने बिजली कंपनियों से बकाया वसूलने को लागू किया त्रिस्तरीय समझौता, इन तीन राज्यों के खाते से काटे जाएंगे पैसे, जानिए क्या है पूरा मामला

Go to Top