सर्वाधिक पढ़ी गईं

RBI के रिजर्व हड़पने की कोशिशों से सरकार की हताशा का पता चलता है: सुब्बाराव

सुब्बाराव ने आगाह किया कि केंद्रीय बैंक के रिजर्व का मूल्य तय करते हुए सजग रहने की जरूरत है.

August 2, 2019 6:25 PM
former RBI governor D Subbarao, D Subbarao on RBI reserves, modi govt, RBI, finance ministry, RBI reservesसुब्बाराव ने आगाह किया कि केंद्रीय बैंक के रिजर्व का मूल्य तय करते हुए सजग रहने की जरूरत है. (PTI)

रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय बैंक का रिजर्व हड़पने की कोशिशों से सरकार की हताशा का पता चलता है. उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि केंद्रीय बैंक के रिजर्व यानी अधिशेष भंडार का मूल्य तय करते हुए सजग रहने की जरूरत है. हालांकि, विदेशी बाजारों में सरकारी बॉन्ड जारी कर धन जुटाने के मामले में सुब्बाराव ने कहा कि यदि ‘बाजार की गहराई मापने के लिये सरकारी बांड जारी किया जाता है तो उन्हें दिक्कत नहीं है, लेकिन विदेशी मुद्रा बाजार से नियमित रूप से धन जुटाने को लेकर सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने सीएफए सोसायटी इंडिया के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुये ये बातें कहीं.

रिजर्व बैंक के जोखिम दूसरे केंद्रीय बैंकों से अलग

सुब्बाराव ने कहा, ‘‘यदि दुनिया में कहीं भी एक सरकार उसके केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट को हड़पना चाहती है तो यह ठीक बात नहीं है. इससे पता चलता है कि सरकार इस खजाने को लेकर काफी व्यग्र है.’’

सुब्बाराव ने केंद्रीय बैंक के रिजर्व में हिस्सा लेने के सरकार के प्रयासों पर अपने विरोध का बचाव करते हुए कहा कि रिजर्व बैंक के जोखिम अन्य केंद्रीय बैंकों से अलग हैं. उसके लिये पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय परंपराओं और नियमों का अनुसरण करना पूरी तरह से फायदेमंद नहीं होगा. सुब्बाराव की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कहा जा रहा है कि विमल जालान समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करने के अंतिम चरण में है. समिति रिजर्व बैंक की पर्याप्त पूंजी की पहचान करने तथा अतिरिक्त राशि सरकार को ट्रांसफर करने के तौर तरीके के बारे में रिपोर्ट तैयार कर रही है.

रिजर्व पर RBI-सरकार में खींचतान

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे के लिये केन्द्रीय बैंक के रिजर्व को लेकर सरकार और रिजर्व बैंक के बीच के खींचतान को मुख्य कारणों में से एक माना गया है. सुब्बाराव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक सरकार और केंद्रीय बैंक दोनों के बैलेंसशीट पर गौर करते हैं. संकट के समय में कर्ज देने के लिये अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष भी इसी तरीके को अपनाती है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. RBI के रिजर्व हड़पने की कोशिशों से सरकार की हताशा का पता चलता है: सुब्बाराव

Go to Top