सर्वाधिक पढ़ी गईं

लॉकडाउन में झटका! महंगी हुई खाने की थाली, दाल और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं

मार्च में देश में खाने-पीने की चीजों के दाम घट गए थे. लेकिन कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन में इनकी कीमतें फिर से बढ़ रही हैं.

Updated: Apr 30, 2020 12:43 PM

Food items prices lifted again during lockdown, prices of pulses and vegetable oil have increased the most in COVId19 lockdown

मार्च माह में देश में खाने-पीने की चीजों के दाम घट गए थे. लेकिन कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन में इनकी कीमतें फिर से बढ़ रही हैं. चावल, दाल, गेहूं आदि जैसे आम खाद्य पदार्थों की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है. सबसे ज्यादा दाम दाल और वनस्पति तेल के बढ़े हैं. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में अरहर दाल की कीमत लॉकडाउन से पहले 93 रुपये प्रति किलो थी. 28 अप्रैल को यह 106 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई.

चने की दाल की कीमत 72 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलो, मसूर दाल की 71 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 81 रुपये प्रति किलो, सरसों के तेल की कीमत 124 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 132 रुपये प्रति किलो और सोया तेल की कीमत 111 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 121 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंची है.

छोटे शहरों में ज्यादा बढ़े दाम

IGIDR रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन के 28 दिनों के दौरान कई दालों की कीमत लॉकडाउन से पहले के माह के मुकाबले औसतन लगभग 6 फीसदी बढ़ गई हैं. ज्यादातर खाने के तेल 3.5 फीसदी महंगे हो गए हैं. आलू का भाव 15 फीसदी और टमाटर का 28 फीसदी बढ़ा है. छोटे शहरों में कीमतें ज्यादा बढ़ी हैं. कुछ छोटे शहरों में खुदरा खाद्य कीमतों में 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है.

कोरोना संकट: घर पर मास्क बना रहे हैं? तो इस बात का जरूर रखें ध्यान, रहेंगे ज्यादा सुरक्षित

खाद्य सुरक्षा से हो रहा समझौता

लॉकडाउन ने शहरी क्षेत्रों के फूड मार्केट्स को भी अव्यवस्थित कर दिया है. कई रिपोर्ट्स दर्शाती हैं कि आवश्यक चीजों की खरीद और ट्रांसपोर्टेशन को लॉकडाउन से छूट के दिशा-निर्देशों के बावजूद, लॉकडाउन को मेंटेन करने को खाद्य सुरक्षा को मेंटेन करने से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है. इसका परिणाम यह है कि खाद्य सुरक्षा से समझौता हुआ है.

IGIDR रिपोर्ट कहती है कि सर्वे संकेत देते हैं कि लॉकडाउन में 11159 वर्कर्स में से लगभग 96 फीसदी को सरकार से राशन नहीं मिला है. 72 फीसदी का कहना है कि उनका राशन दो दिन में ही खत्म हो गया और 90 फीसदी का कहना है कि उन्हें वेतन/मजदूरी नहीं मिली है.

Story By: Samrat Sharma

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. लॉकडाउन में झटका! महंगी हुई खाने की थाली, दाल और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं

Go to Top