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आत्मनिर्भर भारत पैकेज: ECLGS के तहत अब तक 2 लाख करोड़ के लोन मंजूर, 40 लाख MSME खातों में पहुंचे 1.58 लाख करोड़ रु

कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार अब तक तीन आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा कर चुकी है.

Updated: Dec 13, 2020 8:49 PM
FM Nirmala Sitharaman reviews implementation of Aatma Nirbhar Bharat Package, 2.05 lakh rs additional credit sanctioned under ECLGS so farImage: PTI

कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार अब तक तीन आत्मनिर्भर भारत पैकेज (एएनबीपी) की घोषणा कर चुकी है. शुक्रवार को विभिन्न मंत्रालयों और संबंधित विभागों के सचिवों के साथ तीन दिन के दौरान एएनबीपी की वृहद समीक्षा पूरी की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद वित्त मंत्री ने 13 मई से 17 मई के दौरान आयोजित कई प्रेस कांफ्रेंस में एएनबीपी 1.0 की घोषणा की थी. उसके बाद 12 अक्टूबर को पैकेज 2.0 और 12 नवंबर को तीसरे पैकेज की घोषणा की गई.

वित्त मंत्रालय ने रविवार को बयान जारी किया और एएनबीपी के तहत विभिन्न योजनाओं की प्रगति का ब्योरा साझा करते हुए कहा कि बैंकों ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएमएमई) के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के तहत करीब 81 लाख खातों को 2,05,563 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है. करीब 40 लाख एमएसएमई खातों को चार दिसंबर तक 1,58,626 करोड़ रुपये का कर्ज प्राप्त हो चुका है. पिछले महीने आत्मनिर्भर भारत पैकेज 3.0 की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा था कि ईसीएलजीएस 1.0 के तहत 2.05 लाख करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया गया है. इसमें से 1.52 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है.

ECLGS 2.0

ईसीएलजीएस योजना का विस्तार ईसीएलजीएस 2.0 के तहत 26 दबाव वाले क्षेत्रों और हेल्थकेयर क्षेत्र के लिए किया जा चुका है. ईसीएलजीएस 2.0 के तहत ऐसी इकाइयां जिनका बकाया ऋण 29 फरवरी, 2020 तक 50 करोड़ रुपये से अधिक और 500 करोड़ रुपये तक है और जो 29 फरवरी, 2020 तक पिछले 30 दिन के बकाया के बराबर या उससे कम है, इस योजना के पात्र हैं. ईसीएलजीएस 2.0 के तहत उपलब्ध कराए गए कर्ज की अवधि पांच साल की होगी. इसमें मूल राशि यानी प्रिंसिपल अमाउंट के भुगतान की 12 माह तक छूट होगी. समूची योजना 31 मार्च, 2021 तक के लिए वैध है.

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अन्य स्कीम्स का स्टेटस

अन्य योजनाओं की प्रगति पर वित्त मंत्रालय ने कहा कि 1,500 करोड़ रुपये के मुद्रा-शिशु ऋण के लिए ब्याज सहायता के रूप में भारतीय राष्ट्रीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को 775 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1.69 करोड़ किसानों को लाभ मिला है. चार दिसंबर, 2020 तक उन्हें 1.54 लाख करोड़ रुपये की ऋण सीमा मंजूर की गई है.

Input: PTI

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