मुख्य समाचार:

अर्थव्यवस्था को मिला 70 हजार करोड़ का बूस्टर डोज, जानिए किस सेक्टर को कितना होगा फायदा

इसके तहत रीयल एस्टेट तथा निर्यात क्षेत्रों को 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मदद देने की योजना है.

September 15, 2019 8:47 AM
FM Nirmala Sitharaman Announces package of 70 thousand crore for export and housing sector अवासीय परियोजनाओं को पूरा कराने में वित्तीय मदद के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का कोष बनाया जाएगा.

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए शनिवार को बाजार प्रोत्साहन के उपायों की तीसरी किस्त की घोषणा की. इसके तहत रीयल एस्टेट तथा निर्यात क्षेत्रों को 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मदद देने की योजना है. सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब आर्थिक वृद्धि दर की रफ्तार कम होकर छह साल के निचले स्तर पर आ गई है. सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि निर्माण के आखिरी चरण में पहुंच चुकी साफ सुथरी अवासीय परियोजनाओं को पूरा कराने में वित्तीय मदद के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का कोष बनाया जाएगा. इसमें करीब 10 हजार करोड़ रुपये सरकार मुहैया कराएगी तथा इतनी ही राशि अन्य स्रोतों से जुटाई जाएगी. इस योजना लाभ उन्हीं परियोजनाओं को मिलेगा जो एनपीए घोषित नहीं हैं और न ही उनको कर्ज समाधान के लिए एनसीएलटी में भेजा गया है.

इसके साथ ही आवास वित्त कंपनियों के लिए विदेश से वाणिज्यिक ऋण जुटाने के नियमों में ढील देने की भी घोषणा भी की गई है. वित्त मंत्री ने कहा कि भवन निर्माण के लिए ऋण पर ब्याज दर में कमी की भी व्यवस्था की गई है. इससे सरकारी विशेष रूप से कर्मचारियों को लाभ होगा जो आवास के सबसे बड़े खरीदार हैं.

घर खरीददारों को बड़ी राहत, अधूरे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार देगी 10 हजार करोड़

3.5 लाख घर खरीदारों को होगा फायदा

सीतारमण ने कहा कि अंतिम चरण में पैसे की कमी के कारण अटकी आवासीय परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए सहायता कोष से करीब 3.5 लाख घर खरीदारों को लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि दिवाला शोधन की प्रक्रिया में गई आवास परियोजनाओं के घर खरीदारों को एनसीएलटी से राहत मिलेगी. निर्यात प्रोत्साहन के लिए जनवरी 2020 से एक नई योजना – निर्यात उत्पादों पर करों एवं शुल्कों से छूट (रोडीटीईपी) अमल में आ जाएगी. यह देश से वाणिज्यिक वस्तुओं के निर्यात संवर्धन की योजना (एमईआईएस) की जगह लेगी.

एक्सपोर्ट को बढ़ावे के लिए 50 हजार करोड़ की योजना

सीतारमण ने कहा कि नई योजना से निर्यातकों को इतनी राहत मिलेगी जो इस समय लागू सभी योजनाओं को मिला कर भी नहीं मिल पाती है. उन्होंने कहा कि इस योजना से सरकारी राजस्व पर 50 हजार करोड़ रुपये का प्रभाव पड़ने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा योजनाओं के तहत निर्यातकों को 40 से 45 हजार करोड़ रुपये के शुल्कों/टैक्स का रिफंड दे रही है. उन्होंने कहा कि वाणिज्य विभाग के तहत एक अंतर-मंत्रालयी समूह निर्यात क्षेत्र को वित्त पोषण की सक्रिय निगरानी करेगा. इसके अलावा निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) निर्यात ऋण बीमा योजना का दायरा बढ़ाएगा. इस पहल की सालाना लागत 1,700 करोड़ रुपये आएगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा एलान, निर्यात सेक्टर के लिए मिलेंगे 50000 करोड़ की योजना

उन्होंने कहा कि निर्यात क्षेत्र के लिए ऋण सुविधा बढ़ाने के उपायों से विशेषकर छोटे एवं मझोले कारोबारों के लिए ब्याज सहित निर्यात रिण की लागत कम करने में मदद करेगी. उन्होंने कहा कि निर्यातकों के लिए ऋण को प्राथमिकता क्षेत्र के लिए ऋण का दर्जा देने का प्रस्ताव भारतीय रिजर्व बैंक के विचाराधीन है. इससे निर्यातकों को 36,000 करोड़ रुपये से लेकर 68,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त वित्त पोषण मिलेगा.

इनपुट टैक्स क्रेडिट का पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक रिफंड

इनके अलावा इस महीने के अंत से इनपुट टैक्स क्रेडिट का पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक रिफंड, टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर बंदरगाहों और हवाईअड्डों पर माल की अवाजाही में लगने वाले समय को दिसंबर से कम करने तथा मुक्त व्यापार समझौता उपयोग मिशन की भी स्थापना करने का निर्णय लिया गया. इसका उद्श्य है कि भारत के निर्यातक देश की ओर से किए गए प्रत्येक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत रियायती प्रशुल्क पर निर्यात करने का पूरा फायदा उठा सकें.ॉ

अन्य घोषणाएं

इसके अलावा देश में चार स्थानों पर हस्तशिल्प, योग, पर्यटन, कपड़ा और चमड़ा क्षेत्रों के लिए वार्षिक शॉपिंग फेस्टिवल आयोजित किए जाएंगे.उन्होंने कहा कि महंगाई नियंत्रण में है और इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में सुधार के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं. उन्होंने अर्थव्यवस्था के लिए राहत की तीसरी किस्त की घोषणा करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति चार फीसदी के लक्ष्य से अच्छी खासी नीचे है. सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा महंगाई चार फीसदी से नीचे रखने का लक्ष्य दिया है. हालांकि खुदरा महंगाई अगस्त में कुछ तेज होकर 3.21 फीसदी पर पहुंच गई लेकिन यह अब निर्धारित दायरे में है.

सीतारमण ने कहा कि 2018-19 की चौथी तिमाही में औद्योगिक उत्पादन से संबंधित सारी चिंताओं के बाद भी जुलाई 2019 तक हमें सुधार के स्पष्ट संकेत दिखाई देते हैं.उन्होंने कहा कि आंशिक ऋण गारंटी योजना समेत गैर-बैकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में ऋण का प्रवाह सुधारने के कदमों की घोषणा के परिणाम दिखाई देने लगे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘कई एनबीएफसी को फायदा हुआ है.’’ सरकार ने इससे पहले वाहन क्षेत्र की मदद, पूंजीगत लाभ कर में कमी और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए अतिरिक्त नकदी की सहायता जैसे उपायों की घोषणा की थी. अर्थव्यवस्था में निवेश को गति देने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों को और अधिक उदार बनाने और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के आपस में विलय के जरिए बड़े बैंक स्थापित करने के भी फैसले किए गए हैं.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. अर्थव्यवस्था को मिला 70 हजार करोड़ का बूस्टर डोज, जानिए किस सेक्टर को कितना होगा फायदा

Go to Top